अमरीकी बजट संकट: बातचीत हुई, लेकिन प्रगति नहीं

  • 11 अक्तूबर 2013

अमरीका में बजट संकट को लेकर विपक्षी रिपब्लिकन पार्टी के नेताओं और राष्ट्रपति बराक ओबामा के बीच बातचीत ख़त्म हो गई है. लेकिन फ़िलहाल कोई समझौता नहीं हो पाया है.

कर्ज़ संकट को ख़त्म करने की दिशा में समझौते को लेकर ये बातचीत हुई. रिपब्लिकन नेता इरिक कैंटॉर ने बातचीत को फ़ायदेमंद बताया है, लेकिन कहा है कि बातचीत जारी रहेगी.

रिपोर्टों के मुताबिक़ राष्ट्रपति बराक ओबामा ने अभी कोई फ़ैसला नहीं किया है.

इससे पहले रिपब्लिकन पार्टी ने सरकार के कर्ज़ का भुगतान न कर पाने की स्थिति से बचने के लिए उधार की राशि में अस्थाई तौर पर बढ़ोत्तरी करने का प्रस्ताव दिया है.

प्रतिनिधि सभा के स्पीकर जॉन बोएनर का कहना है कि अगर राष्ट्रपति ओबामा बजट को लेकर आगे बातचीत के लिए तैयार हो जाते है तो वे और आगे कदम बढ़ा सकते हैं.

बजट को लेकर पैदा हुए विवाद के बाद पिछले दस दिनों में सरकार को अपने कई भागों में कामबंदी लागू करनी पड़ी है.

व्हाइट हाउस के प्रवक्ता जे कार्नी का कहना है कि ओबामा एक अल्पकालिक समझौते पर हस्ताक्षर करने पर विचार कर रहे हैं लेकिन अभी तक उन्हें ये स्पष्ट नहीं है कि रिपब्लिकन का प्रस्ताव क्या है.

मुलाकात

इससे पहले व्हाइट हाउस ने कहा था कि राष्ट्रपति ओबामा इस प्रस्ताव पर विचार कर सकते है लेकिन रिपब्लिकन पार्टी के एक धड़े को अर्थव्यस्था को 'बंधक' बनाए रखने की राजनीतिक मांग को पूरा नहीं किया जा सकता.

Image caption बोएनर का कहना है कि सरकार के बातचीत को लेकर तैयार होने पर आगे कदम बढ़ाया जा सकता है

ये उम्मीद की जा रही है कि रिपब्लिकन पार्टी के कुछ वरिष्ठ नेता ओबामा से गुरुवार को मुलाकात करेंगे.

जॉन बोएनर का कहना था कि वे ये कदम व्हाइट हाउस से वृहद बातचीत करने के लिए उठा रहे हैं ताकि सरकारी कामबंदी को खत्म किया जा सके.

अधिकारियों ने चेतावनी दी है कि अगर सरकार की उधार लेने की सीमाको नहीं बढ़ाया जाता तो इससे अमरीका पर 17 अक्तूबर तक बकाया न चुका पाने का खतरा है.

पिछले हफ्ते बजट पर कांग्रेस के साथ सहमति नहीं बन पाई थी जिसके बाद अमरीकी सरकार में कामबंदी शुरु हो गई.

बोएनर ने कहा, ''हम राष्ट्रपति को कर्ज़ सीमा को लेकर अस्थायी बढ़ोतरी करने का प्रस्ताव दे रहें हैं इस सहमति के साथ कि बजट पर बातचीत हो, वे हमारे साथ बैठें और आगे के रास्ते पर बात करें.''

बोएनर के एक प्रवक्ता ने रिपोर्टरों को बताया कि गुरुवार को होने वाली बैठक से पहले उनके सामने इस समझौते को रख दिया गया है. इसमें कर्ज की सीमा को साफतौर पर बढ़ाए जाने और इसमें कोई अतिरिक्त नीतियां नहीं लगाई गई है. लेकिन ये केवल अगले सात हफ्तों यानी 22 नवंबर तक लागू रहेगी.

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