सही साथी को आंकने में चुंबन करता है मदद?

प्यार, किस, चुंबन

ज़िंदगी में परफ़ेक्ट साथी के लिए इंतज़ार करना अगर मुश्किल काम लगता हो तो चुंबन से संभावित साथी को आंकने में मदद ले सकते हैं, एक अध्ययन से इस तरह के संकेत मिले हैं.

वैज्ञानिकों का मानना है कि स्वाद, गंध और फ़िटनेस के ज़रिए चुंबन से लोगों को अपने संभावित साथी को आंकने में मदद मिलती है.

ऑक्सफ़ोर्ड विश्वविद्यालय के अध्ययन में पता चला है कि एक बार किसी रिश्ते को बनाने के बाद चुंबन से अपने साथी को थामे रखने में मदद मिलती है.

अध्ययन के मुताबिक महिलाएं लंबे अरसे तक चलने वाले रिश्तों में चुंबन को बहुत अहमियत देती हैं.

ऑक्सफ़ोर्ड विश्वविद्यालय ने 900 लोगों का एक ऑनलाइन सर्वे किया, इस सर्वे को लैंगिक व्यवहार के जर्नल आर्काइव में शामिल किया गया है, सर्वे से पता चला कि वो लोग जो ज़्यादा आकर्षक होते हैं या जिनके ज़्यादा यौन साथी होते हैं वे अपने साथी चुनने में बहुत सावधानी बरतते हैं और चुंबन को बहुत अहमियत देते हैं.

Image caption ऑक्सफ़ोर्ड विश्वविद्यालय के शोध के मुताबिक ज़्यादा यौन साथी रखने वाले लोग चुंबन को बहुत अहमियत देते हैं.

अध्ययन के मुताबिक इससे पता चलता है कि चुंबन से किसी साथी को आंकने में मदद मिलती है.

'सामाजिक संकेत'

ऑक्सफ़ोर्ड विश्वविद्यालय के प्रायोगिक मनोविज्ञान विभाग के प्रोफ़ेसर रॉबिन डनबार का कहना है कि इंसानों में रिश्तों के लिए अनुरोध करना थोड़ा जटिल होता है और इससे पहले कि पुरुष और महिला किसी रिश्ते को आगे बढ़ाने का फ़ैसला करें, कई तरह से आकलन किया जाता है.

वो कहते हैं, "शुरुआती आकर्षण में शारीरिक और सामाजिक संकेत शामिल होते हैं. फिर जैसे-जैसे रिश्ते गहरे होते जाते हैं आकलन बहुत अंतरंग होते जाते हैं और यहां चुंबन बहुत मायने रखता है."

प्रोफ़ेसर डनबार कहते हैं कि प्राइड एंड प्रेजडिस और सेंस एंड सेंसिबिलिटी जैसी रचनाएं लिखने वाली जेन ऑस्टन को ये लगा कि लोग ये आंकने में बहुत माहिर थे कि वो अपने साथी को ढूंढने में कहां टिकते हैं और इस तरह अपनी मांग रखते हैं.

अध्ययन से पता चला कि अगर चुंबन की भूमिका साथी को ढूंढने में होती है तो इसकी भूमिका कम समय तक चलने वाले संबंधों में यौन संबंध से पहले भी होती है और समर्पित रिश्तों में अलग-अलग समय पर होती है.

'महिलाओं के लिए अहम'

अध्ययन के मुताबिक चुंबन लंबे समय के रिश्तों में महिलाओं के लिए खास तौर पर अहम है.

शोधकर्ताओं का कहना है कि हो सकता है कि चुंबन की भूमिका इसलिए हो क्योंकि इससे जोड़ों में लगाव बढ़ता है.

इससे पहले के शोध में पता चला था कि महिलाएं उन गतिविधियों पर ज़्यादा ज़ोर देती हैं जो लंबे समय तक चलने वाले रिश्तों को मज़बूत करती है क्योंकि दो अभिभावक हों तो गर्भवती होना और बच्चों को पालना-पोसना आसान होता है.

मानव स्वभाव को लेकर एक अन्य शोध में ऑक्सफ़ोर्ड विश्वविद्यालय ने कहा कि रुमानी चुंबन को लेकर महिलाओं का रवैया इस बात पर भी निर्भर करता है कि वो किसी रिश्ते में और अपने मासिक चक्र के किस पड़ाव पर हैं.

इस शोध के मुताबिक महिलाओं के लिए चुंबन तब सबसे ज़्यादा अहम होता है जब उन्होंने कोई रिश्ता शुरू किया हो और तब भी जब वो अपने मासिक चक्र के दौरान गर्भधारण करने के लिए सबसे ज़्यादा योग्य होती हैं.

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