छात्राओं से भेदभाव पर इंग्लैंड में मुस्लिम स्कूल बंद

  • 18 अक्तूबर 2013
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इंग्लैंड में एक मुस्लिम फ्री स्कूल को खुलने के एक साल के अंदर ही स्थानीय अधिकारियों "बेकार" घोषित करते हुए इसे हर वर्ग में अयोग्य करार दिया है.

डर्बी के अल-मदीना स्कूल में पढ़ाई के स्तर पर चिंता जताए जाने के बाद इसकी जांच की गई थी.

जांच रिपोर्ट में महिला कर्माचारियों और छात्राओं से भेदभाव की बात सामने आई है.

इसमें कहा गया है कि स्कूल के शिक्षक गैरअनुभवी थे और उन्हें विशेष प्रशिक्षण की ज़रूरत है और स्कूल को विशेष उपाय करने की ज़रूरत है.

स्कूल का कहना है कि उसे रिपोर्ट मिल गई है और वह इसका इस्तेमाल सुधार के लिए करेगा.

मूलभूत ढांचा गड़बड़

Image caption अल मदीना मुस्लिम फ़्री स्कूल के फ़ाउंडर गवर्नर अब्दुल्लाह शाहजां ऑफ़स्टेड के फ़ैसले के बाद स्कूल के बाहर

इस ख़बर पर प्रतिक्रिया करते हुए ब्रितानी प्रधानमंत्री डेविड कैमरन ने बीबीसी रेडियो डर्बी को कहा, "अगर वो तुरंत कदम नहीं उठाते हैं तो हमें लगता है कि इसे बंद कर देना चाहिए. मुझे लगता है कि अगर यह ठीक से काम नहीं कर पा रहा हो तो तुरंत हस्तक्षेप करना चाहिए."

हालांकि उन्होंने कहा, "लेकिन हमें सभी फ़्री स्कूलों को एक डंडे से नहीं हांकना चाहिए- ऐसे सैकड़ों स्कूल हैं जो फ़्री स्कूल की तरह स्थापित हुए हैं और उनकी रेटिंग्स सामान्यतः पुराने स्थापित स्कूलों से अच्छी हैं."

स्कूलों की जांच करने वाली आधिकारिक संस्था 'ऑफ़स्टेड' को स्कूल की जांच साल के अंत में करनी थी लेकिन यह आरोप लगने के बाद, कि स्कूल की महिला शिक्षकों को हिजाब पहनने पर मजबूर किया जाता है और लड़के-लड़कियों को अलग-अलग रखा जाता है, जांच अभी की गई.

इसके बाद स्कूल ने विद्यार्थियों और कर्मचारियों को पत्र लिखकर कहा है कि अपने बाल ढकने की कोई ज़रूरत नहीं है.

इससे पहले शिक्षा विभाग ने स्कूल को चेतावनी दी थी कि अगर महिला कर्मचारियों और छात्राओं से साथ भेदभाव नहीं रोका गया तो स्कूल को बंद कर दिया जाएगा.

'अप्रभावी' स्कूल प्रशासन

विभाग के एक प्रवक्ता ने कहा, "हम इन आरोपों के सार्वजनिक होने के पहले ही इस स्कूल की जांच कर रहे थे. हमने ऑफ़स्टेड को इन दिक्कतों के बारे में बताया उन्होंने तुरंत जांच शुरू कर दी."

"हमें अल मदीना एजुकेशन ट्रस्ट और ऑफ़स्टेड की रिपोर्ट भी मिल गई है. कोई भी फ़ैसला सभी तथ्यों की जांच के बाद ही लिया जाएगा."

ऑफ़्स्टेड की रिपोर्ट में कहा गया है कि "अलग-अलग क्षमताओं के बावजूद" सभी विद्यार्थियों को एक ही तरह का काम दिया जाता था और स्कूल का प्रशासन "अप्रभावी" था.

रिपोर्ट के अनुसार स्कूल में मूलभूत ढांचा ही गड़बड़ था. रिपोर्ट में स्कूल में "अफ़रातफ़री का माहौल" था और यह "बेकार" था.

लड़के और लड़कियों के लिए खाने के अलग इंतज़ाम थे हालांकि रिपोर्ट में कहा गया है कि यह कैंटीन के छोटे आकार की वजह से था.

जांच निरीक्षकों ने स्कूल को हर वर्ग में सबसे कम दर्जा "अयोग्य" दिया. इससे मुख्य स्कूल निरीक्षक सर माइकल विल्शॉ ने इसे विशेष प्रावधान करने को कहा है.

इसका मतलब यह है कि स्कूल में सुधार की जांच करने के लिए के लिए ऑफ़स्टेड कम समय के नोटिस पर स्कूल का निरीक्षण करेगा और अगर इसका प्रदर्शन नहीं सुधरता है तो इसे बंद किया जा सकता है.

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