चीन करेगा ब्रिटेन में ऊर्जा का भविष्य सुरक्षित

  • 18 अक्तूबर 2013
परमाणु उर्जा

ब्रिटेन के वित्त मंत्री जॉर्ज ओस्बॉर्न ने घोषणा की है कि ब्रिटेन अपने परमाणु संयंत्रों में चीन की कंपनियों को हिस्सेदारी की अनुमति देगा.

इस निर्णय से भविष्य में ब्रिटेन के अगली पीढ़ी के उन्नत परमाणु संयंत्रों में चीन की बड़ी हिस्सेदारी हो सकती है.

जॉर्ज ओस्बॉर्न ने चीन की अपनी सरकारी यात्रा के आखिरी दिन यह घोषणा की.

चीन के साथ पहला समझौता अगले हफ़्ते ही हो सकता है और ब्रिटेन में 14 अरब यूरो की लागत से बनने वाले नये हिंक्ले सी परमाणु संयंत्र को हरी झंडी दी जा सकती है.

ऊर्जा कमी की चेतावनी

Image caption सोमरसेट में बनने वाला परमाणु उर्जा संयंत्र हिंक्ले सी, 1995 के बाद पहला परमाणु संयंत्र होगा

गुरुवार को ब्रितानी प्रधानमंत्री को मिली एक रिपोर्ट में अगले कुछ सालों में उर्जा की कमी होने की चेतावनी दी गई है.

रॉयल एकेडमी ऑफ इंजीनियर्स का कहना है कि पुराने परमाणु संयंत्र बंद होने और नए परमाणु संयंत्रों के बनने में हो रही देरी की वजह से ब्रिटेन पर उर्जा संकट मंडरा रहा है.

2014-15 की सर्दियों में ब्रिटेन में उर्जा की कमी हो सकती है.

समरसेट में बनने वाला परमाणु उर्जा संयंत्र हिंक्ले सी, 1995 के बाद पहला परमाणु संयंत्र होगा.

साझीदारों की तलाश

इसका निर्माण फ़्रांस की बड़ी सरकारी कंपनी ईडीएफ करेगी. यह कंपनी इसके निर्माण पर आने वाली लागत को बांटने के लिए साझीदार या साझीदारों की तलाश कर रही है.

ईडीएफ हिंक्ले सी परियोजना के लिए चीन की परमाणु उर्जा क्षेत्र में काम करने वाली तीन बड़ी कंपनियों, सीजीएन, सीएनएनसी और एसएनपीटीसी से बात कर रही है.

इस हफ़्ते इन तीनों तीनों कंपनियों ने चांसलर जॉर्ज ओस्बॉर्न से मुलाक़ात की है.

Image caption भविष्य में चीन की कंपनियों को परमाणु संयंत्रों में इससे भी बड़ी हिस्सेदारी मिल सकती है

बीबीसी के वाणिज्य संपादक रॉबर्ट पीटरसन ने बताया कि इनमे से एक या दो को हिंक्ले सी में शायद 30 प्रतिशत तक की हिस्सेदारी मिल सकती है.

भविष्य में बड़ी हिस्सेदारी

भविष्य में चीन की कंपनियों को परमाणु संयंत्रों में इससे भी बड़ी हिस्सेदारी मिल सकती है.

ब्रितानी सरकार की ओर से जारी विज्ञप्ति में कहा गया है कि , " आने वाले समय में इसके बाद बनने वाले नए उर्जा संयंत्रों में बड़ी हिस्सेदारी मिल सकती है."

उर्जा मंत्री एड डेवी ने कहा, " मेरा मानना है कि इस हफ़्ते के आख़िर में चीन, जापान और कोरिया से आने वाला बड़ा निवेश ब्रिटेन में उर्जा आपूर्ति का भविष्य सुरक्षित करेगा."

समझौता ज्ञापन में चीन के परमाणु कार्यक्रम में ब्रितानी कंपनियों की भूमिका को भी शामिल किया गया है.

चीन में 17 परमाणु संयंत्र काम कर रहे है जिनकी चीन की बिजली उत्पादन क्षमता में कुल एक प्रतिशत भागीदारी है.

(बीबीसी हिन्दी के एंड्रॉएड ऐप के लिए यहां क्लिक करें. आप हमें फ़ेसबुक और ट्विटर पर भी फ़ॉलो कर सकते हैं.)

संबंधित समाचार