जासूसी के आरोपों पर स्पेन ने मांगा अमरीका से जवाब

Image caption अमरीका पर स्पेन में एक महीने के भीतर छह करोड़ फोन कॉल्स की निगरानी का आरोप है.

स्पेन में मीडिया के मुताबिक़ अमरीका की राष्ट्रीय सुरक्षा एजेंसी (एनएसए) ने एक महीने के दौरान स्पेन में छह करोड़ फोन कॉल्स पर गुपचुप निगरानी रखी.

इस खबर के बाद स्पेन ने अमरीका से कहा है कि अगर उसने किसी तरह की निगरानी की है, तो वह उसका ब्यौरा दे.

यूरोपीय संघ में स्पेन के मंत्री मेंडेज़ डे विगो ने स्पेन में अमरीकी राजदूत को तलब किया. मंत्री ने कहा कि अगर यह खबर सही है तो इस तरह की कार्रवाई "अनुचित और अस्वीकार्य" है.

अमरीकी राजदूत ने अपने देश पर कथित जासूसी के आरोपों से उपजे "संदेह" को दूर करने की कोशिश की.

इसबीच यूरोपीय संघ के प्रतिनिधिमंडल ने अपनी चिंताओं से अवगत कराने के लिए वाशिंगटन में अधिकारियों से मुलाकात की है.

स्नोडेन ने किया खुलासा

मीडिया रिपोर्टों में कहा गया है कि पूर्व अमरीकी जासूस एडवर्ड स्नोडेन द्वारा मुहैया कराए गए दस्तावेज़ों से यह बात सामने आई है.

रिपोर्टों के मुताबिक़ एनएसए ने फ़ोन करने वालों और रिसीव करने वालों के नंबर और लोकेशन की जानकारी ली लेकिन कॉल के कंटेंट नहीं लिए.

यह जानकारी ऐसे वक़्त सामने आई है जब यूरोपीय संघ का एक संसदीय प्रतिनिधिमंडल वॉशिंगटन में बैठकों का दौर शुरू करने की तैयारी में है.

यूरोपीय संसदीय की सिविल लिबर्टीज कमेटी के अधिकारी कांग्रेस के सदस्यों से मिलकर उन्हें अपनी चिंताओं से अवगत कराएंगे और जानकारी एकत्र करेंगे.

जापान से मांगी मदद

Image caption स्पेन में अमरीका के राजदूत जेम्स कोट्स

इस बीच जापान की एक न्यूज़ एजेंसी का कहना है कि एनएसए ने 2011 में जापान सरकार से जापान के रास्ते एशिया प्रशांत क्षेत्र को जाने वाले फाइबर ऑप्टिक केबलों पर नज़र रखने के लिए मदद मांगी थी.

जापानी समाचार एजेंसी क्योदो के मुताबिक़ एनएसए का मकसद चीन की जासूसी करना था लेकिन जापान ने क़ानूनी बाध्यताओं और कर्मचारियों की कमी का हवाला देते हुए एनएसए की मदद करने से इनकार कर दिया.

अमरीका के स्पेन में जासूसी करने की रिपोर्ट को अल पैस और अल मुंडो ने प्रकाशित किया था. व्हाइट हाउस ने इस पर टिप्पणी करने से इनकार किया है.

रिपोर्ट में आरोप लगाया गया है कि एनएसए ने दस दिसंबर 2012 से आठ जनवरी 2013 के बीच स्पेनी नागरिकों के लाखों फ़ोन कॉल्स, टेक्स्ट और ईमेल पर नज़र रखी.

इस मामले में स्पेन के विदेश मंत्रालय ने अमरीका के राजदूत को तलब किया है.

जर्मनी में रोष

इससे पहले जर्मन मीडिया ने रिपोर्ट दी थी कि अमरीका एक दशक से भी अधिक समय से जर्मन चांसलर एंगेला मर्केल की जासूसी कर रहा है.

इससे जर्मनी में रोष है. इन आरोपों की जांच के लिए मर्केल अपने शीर्ष ख़ुफ़िया अधिकारियों को अमरीका भेज रही हैं.

ब्रिटेन के अख़बार गार्डियन ने शुक्रवार को रिपोर्ट दी थी कि एनएसए ने दुनियाभर के 35 नेताओं पर नज़र रखी थी.

इस रिपोर्ट का स्रोत भी स्नोडेन ही हैं.

यूरोप के संसदीय प्रतिनिधिमंडल ने प्रमुख क्लाउड मोरेस ने बीबीसी से कहा कि एनएसए ने जिस व्यापक स्तर पर जासूसी की है वह चिंताजनक है.

आरोपों से घिरा अमरीका

उन्होंने कहा, "असली मुद्दा यह नहीं है कि 35 नेताओं के फ़ोन टेप किए गए. अगर अल मुंडो की ख़बर सही है कि लाखों नागरिकों के फ़ोन टैप किए गए तो यह बड़े पैमाने पर की गई जासूसी है."

मोरेस ने कहा कि यूरोपीय प्रतिनिधिमंडल का मिशन अमरीकी जासूसी का यूरोपीय संघ के नागरिकों के निजता के अधिकार पर होने वाले प्रभाव पर चर्चा करना है.

बीबीसी के यूरोप मामलों के संवाददाता क्रिस मॉरिस ने कहा कि हर नए आरोप के साथ यूरोप खासकर जर्मनी में रोष बढ़ता जा रहा है. लोग इस मामले में स्पष्टीकरण चाहते हैं और साथ ही इस बात की भी गारंटी चाहते हैं कि भविष्य में ऐसा न हो.

ईयू के नेताओं का कहना है कि अमरीका की कारगुजारी से आतंकवाद के ख़िलाफ़ युद्ध में नुकसान हो सकता है.

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