एसएमएस करना छोड़ देंगी चांसलर मर्केल?

अंगेला मर्केल

जर्मन संसद में बैठकर किसी को एसएमएस करते देख लोगों की त्यौरियां चढ़ने लगती हैं. लेकिन अगर आप चासंलर एंगेला मर्केल हैं तो किसी को बुरा नहीं लगता.

आप उन्हें हमेशा एसएमएस करते हुए देख सकते हैं. संसद में बहस के दौरान भी उनके हाथ की उंगलियां तेज़ी से चलती रहती हैं.

कभी-कभी वह सदन में बैठे अपनी पार्टी के सांसदों को एसएमएस करती हैं, और फिर उनकी तरफ देखती हैं ताकि पता चले उनका संदेश मिला या नहीं.

चांसलर दफ्तर में पहले मंजिल पर उनका मोबाइल चार्ज होता है, बाकी समय यह उनके हाथ से दूर नहीं रहता है.

जासूसी पर तलाक

जब से उन्हें पता चला है कि उनके मोबाइल संदेश वॉशिंगटन के पास मैरिलैंड में अमरीका की राष्ट्रीय सुरक्षा एजेंसी के दफ्तर में कोई पढ़ सकता है, तब भी उन्होंने कहा है कि अपनी आदतें बदलने का उनका कोई इरादा नहीं है.

बेशक वह मोबाइल फोन इस्तेमाल करेंगी, लेकिन इस बात में संदेह नहीं कि हालिया घटनाक्रम ने उन्हें हिला दिया है.

खासकर पूर्वी जर्मनी में जहां मर्केल पली पढ़ीं, वहां लोगों के फोन टैप किया जाना कोई नई बात नहीं थी.

जब बर्लिन की दीवार गिरी को एक राजनेता को पता चला कि उनके पति ही उनकी जासूसी कर रहे थे. ये रहस्य खुलने के बाद उनका तलाक हो गया था.

Image caption पूर्व सीआईए कॉन्ट्रैक्टर एडवर्ड स्नोडेन की ओर से लीक जानकारी के आधार पर ये जासूसी के दावे किए जा रहे हैं

पूर्वी जर्मनी में जब कम्युनिस्ट शासन का अंत हुआ तो पता चला कि सुरक्षा विभाग यानी श्टासी के लिए 91 हजार लोग काम करते थे.

ज्यादा सुरक्षा नहीं

लेकिन कम्युनिस्ट राज में पले बढ़े होने के बावजूद मर्केल लोगों पर काफी भरोसा करती हैं. जासूसी के दावों के सामने आने के बाद उन्होंने कहा था कि दोस्त एक दूसरे की जासूसी नहीं करते हैं, बल्कि भरोसा करते हैं.

मुझे लगता है कि अन्य विश्व नेताओं के मुक़ाबले मर्केल की सुरक्षा बहुत कम है.

एक बार मैं उनकी एक बैठक में गया जहां वह कुछ प्रदर्शनकारियों को संबोधित करने जा रही थीं. वहां एक आदमी मुख्य प्रवेश द्वार पर इधर-उधर लंबे-लंबे डग भरकर चल रहा था. उसके हाथ में एक बड़ा डंडा था जिसमें झंडा लगा हुआ था.

मुझे इस बात का भरोसा था कि जब मर्केल आएंगी तो उस व्यक्ति को वहां नहीं रहने दिया जाएगा. खैर, पुलिस उसके पास गई और उससे बात की गई.

अगर ये घटना अमरीका या ब्रिटेन की होती तो उस व्यक्ति को पुलिस गाड़ी में बिठाती और वहां से ले जाती. लेकिन इस व्यक्ति को वहीं रहने दिया गया. उससे कहा गया कि बस समस्या ये है कि झंडे का डंडा बहुत बड़ा है.

वो व्यक्ति वहीं रहा और मर्केल के सामने झंडा लहराता रहा, बगैर डंडे के.

मुझे ये देखकर बड़ा अच्छा लगा. वैसा ही अच्छा उन्हें एसएमएस करते हुए देखकर लगता है.

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