ब्रुक्स-कॉल्सन के 'प्रेम' से मुक़दमे में नया मोड़

रेबेका ब्रूक्स, एंडी कॉल्सन

फोन हैकिंग के मुक़दमे के दौरान अदालत को बताया गया कि 'न्यूज़ ऑफ़ द वर्ल्ड' के पूर्व संपादक रेबेका ब्रुक्स और एंडी कॉल्सन के बीच 90 के दशक के उत्तरार्ध में कम से कम छह वर्षों तक प्रेम संबंध था.

अभियोजक एंड्र्यू एडिस क्यूसी ने कहा कि वो इस प्रेम संबंध की जानकारी इसलिए सार्वजनिक कर रहे हैं क्योंकि इससे पता चलता है कि दोनों लोग एक-दूसरे पर कितना भरोसा करते थे.

उन्होंने कहा, “जो बात कॉल्सन को मालूम होती थी वो ब्रुक्स भी जानती थीं और जो बात ब्रुक्स को बता होती थी, उसके बारे में कॉल्सन को भी पता होता था और यही मैं बताना चाहता हूं.”

हालांकि रेबेका ब्रुक्स और एंडी कॉल्सन फोन हैकिंग साजिश समेत अन्य सभी आरोपों से इनकार करते रहे हैं.

मुकदमे की सुनवाई कर रहे जूरी के सदस्यों को दोनों के प्रेम संबंध के बारे में बताया गया जो 1998 के आसपास शुरु हुआ था. पुलिस को इसका पता ब्रुक्स के एक कंप्यूटर में सुरक्षित रखी गई एक चिट्ठी से चला.

‘मैं तुमसे प्यार करती हूं’

अभियोजक एडिस ने बताया कि ये चिट्ठी रेबेका ब्रुक्स ने फ़रवरी 2004 में लिखी थी जब कॉल्सन इस अफ़ेयर को खत्म करने की कोशिश कर रहे थे.

वो चिट्ठी में लिखती हैं, “सच यही है कि तुम मेरे सबसे अच्छे दोस्त हो, मैं तुम्हें सबकुछ बताती हूं, तुम पर भरोसा करती हूं, तुमसे सलाह लेती हूं, मैं तुमसे प्यार करती हूं, तुम्हारी चिंता करती हूं, हम साथ हंसते हैं और रोते भी साथ ही हैं. असल में हमारे संबंधों के बिना मुझे नहीं लगता कि मैं खुद को संभाल भी सकती हूं."

ये साफ नहीं हो सका है कि एंडी कॉल्सन को ये चिट्ठी मिली भी थी कि नहीं क्योंकि ये चिट्ठी आलमारी में रखे एक कंप्यूटर के एक वर्ड डॉक्यूमेंट में छिपी मिली है.

अभियोजक एडिस ने जूरी को बताया कि इस प्रेम संबंध को सार्वजनिक करने का उनका मकसद दोनों की निजी ज़िंदगी में दखल देना नहीं है.

लेकिन, “ब्रुक्स और कॉल्सन के खिलाफ़ षड्यंत्र का आरोप है. और जब ऐसे आरोप लगते हैं तो जूरी को सबसे पहले यही जानना होता है कि दोनों एक-दूसरे को कितनी अच्छी तरह जानते थे.”

उन्होंने आगे कहा, “चूंकि वो एक-दूसरे के प्रेम में थे जो कि छुपा हुआ था. इसका मतलब ये भी है कि दोनों एक-दूसरे पर बहुत भरोसा करते थे, कम से कम उस सीक्रेट के बारे में. और इसीलिए हम आपको इसके बारे में बता रहे हैं.”

अदालत को ये भी बताया गया कि न्यूज़ ऑफ़ द वर्ल्ड के तत्कालीन मैनेजिंग एडिटर स्टूअर्ट कुट्टनर ने पुलिस को बताया था कि अखबार के पास उस व्वाइस मेल का टेप था जो मिली डाउलर (जिसकी हत्या हुई थी) के फोन में मिला था. मिली 2002 में सरे इलाके से लापता हो गई थी.

जूरी को बताया गया कि सरे पुलिस ने उस समय इस बारे में कोई कार्रवाई नहीं की थी.

मामला

अभियोजक एडिस ने कहा, “ये सामान्य सी बात है कि सरे पुलिस को इसकी तत्काल जांच करनी चाहिए थी. शायद उस समय पुलिस ने ये सोचा होगा कि मिली डाउलर को ढूंढना वाकई ज्यादा ज़रूरी है.”

अदालत को ये भी बताया गया कि उसी हफ्ते में अखबार ने मिली के माता-पिता का इंटरव्यू लेने की कोशिश की और अखबार के लिए काम करनेवाले एक निजी जांचकर्ता से कहा गया कि वो उनकी बेटी का फोन हैक करे.

एडिस ने कहा कि अखबार के दोनों संपादक एक-दूसरे के संपर्क में थे और ब्रुक्स दुबई में छुट्टी मनाते हुए भी फोन पर मिली डाउलर के बारे में खबर ले रही थीं. इससे ये साबित होता है कि उन्हें पता था कि क्या चल रहा है.

स्कूली बच्ची मिली डाउलर का फोन न्यूज़ ऑफ़ द वर्ल्ड में काम करनेवाले किसी व्यक्ति ने हैक किया है – ये बात पता चलने के बाद ही इस रविवारीय अखबार को 2011 में बंद कर दिया गया था.

न्यायिक प्रक्रिया का सामना कर रही 45 वर्षीय रेबेका ब्रुक्स और 45 वर्षीय कॉल्सन समेत आठ लोगों मुकदमा चल रहा है.

इन दोनों पर फोन हैक करने का षडयंत्र रचने और दूसरों के साथ मिलकर पद के दुरुपयोग का आरोप है.

रेबेका ब्रुक्स ने न्यूज ऑफ़ द वर्ल्ड के संपादक का कार्यभार 2000 में संभाला था और इस ब्रितानी अखबार की सबसे कम उम्र की एडिटर बन गई थीं.

2009 में वो न्यूज़ इंटरनेशनल की मुख्य कार्यकारी बन गई थीं.

एंडी कॉल्सन न्यूज ऑफ द वर्ल्ड में तीन साल तक ब्रुक्स के डिप्टी थी और फिर 2003 में उन्होंने संपादक का पद संभाला था.

2007 में उन्होंने अपना पद छोड़ दिया था और प्रधानमंत्री डेविड कैमरन के संचार निदेशक बन गए थे. उस पद पर वो 2011 तक रहे.

ये मुकदमा अभी जारी है.

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