जियो टीवी के 'भारत प्रेम' पर पाक में ग़ुस्सा

भारतीय अभिनेत्री

पाकिस्तानियों को जियो टीवी पसंद है. कम से कम रेटिंग्स से तो यही लगता है. अपनी मूल कंपनी जंग के साथ यह पाकिस्तान का सबसे बड़ा मीडिया समूह है.

लेकिन इन दिनों सोशल मीडिया पर तस्वीर थोड़ी अलग नज़र आती है. सोमवार से हज़ारों पाकिस्तानी, भारतीय सामग्री दिखाने के लिए चैनल को फटकार रहे हैं और इसके लिए #बैनजियो, #ट्रेटरजियो और तो और #जियोइंडियनडॉग जैसे हैशटैग का इस्तेमाल किया जा रहा है.

टीवी शो को लेकर हंगामा

कुछ लोगों का आरोप है कि जियो पर दिखाए जाने वाले भारतीय टीवी शो "सॉफ़्ट पोर्न" हैं और वो जियो न्यूज़ पर भारत-समर्थक होने का आरोप लगाते हैं.

भारत में बनी फ़िल्मों, टीवी नाटकों और गानों को लेकर पाकिस्तान में मिले-जुले भाव का इतिहास रहा है.

रूढ़िवादी पाकिस्तानी बॉलीवुड फ़िल्मों और टीवी नाटको के कामुक गानों और उत्तेजक विषयों को लेकर ऐतराज़ करते रहे हैं लेकिन पाकिस्तानी दर्शकों में ये बेहद लोकप्रिय हैं.

'मूर्खतापूर्ण दावे'

Image caption जिओ टीवी के कार्यक्रम बुर्का एवेंजर पर भी रूढ़िवादियों को कड़ा ऐतराज़ है

कुछ ट्विटर अकाउंट्स ने इन हैशटैग्स का इस्तेमाल कर थोड़े वक्त में ही सैकड़ों बार ट्वीट किया है, ख़ासतौर से इस मुद्दे पर.

इससे यह अनुमान लगाया जा सकता है कि असली ट्वीट्स से इतर जियो टीवी के ख़िलाफ़ सुनियोजित अभियान चलाया जा रहा है.

चरमपंथियों से सामना

#ट्रेटरजियो हैशटैग का इस्तेमाल सबसे पहले मदीहा नाम की ट्विटर यूज़र ने किया था. उनका कहना है कि वह 19 साल की हैं और इस्लामाबाद में रहती हैं.

उन्होंने बीबीसी से कहा, " जियो टीवी बहुत ज़्यादा 'नंगापन' दिखाता है और और भारतीय संस्कृति को बढ़ावा देता है."

लेकिन उनके ऐतराज़ उत्तेजक फ़िल्मों से ज़्यादा हैं. कई दूसरों की तरह वह भी जियो के भारत के साथ औपचारिक रिश्तों की शिकायत करती हैं.

सरकार और मीडिया

साल 2010 में जियो ने भारतीय अंग्रेज़ी अख़बार टाइम्स ऑफ़ इंडिया के साथ मिलकर एक संयुक्त शांति अभियान शुरू किया था. इसे- अमन की आशा- कहा गया था और इसके माध्यम से भारतीयों और पाकिस्तानियों को साथ लाने की कोशिश की गई थी.

पाकिस्तान में टेली-मुल्ला

अमन की आशा की संपादक बीना सरवर कहती हैं कि इस प्रोजेक्ट से "उन लोगों की नाज़ुक नस दब गई, जो ख़ुद को अति राष्ट्रवादी कहते हैं."

वह कहती हैं कि इस तरह की अपमानजनक बातें शुरू से कही जाती रही हैं.

हाल के कुछ महीनों में ऐसे बहुत से अपुष्ट आरोप लगाए गए हैं कि जियो का संबंध भारतीय सरकार और मीडिया से है. सरवर कहती हैं ये दावे "मूर्खतापूर्ण" हैं.

जियो के ख़िलाफ़ ट्वीट की लहर से पहले ये आरोप पाकिस्तान में उसके एक प्रतिद्वंद्वी चैनल पर दोहराए गए थे.

जियो टीवी अब तक इस मसले पर बीबीसी से बात करने से इनकार कर रहा है.

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