अमरीकी विदेश मंत्रीः जासूसी हद से आगे बढ़ गई थी

जॉन केरी, अमरीकी विदेश मंत्री
Image caption जॉन केरी ने स्वीकार किया कि जासूसी के कुछ मामले हद से आगे बढ़ गए थे

अमरीका के विदेश मंत्री जॉन केरी ने स्वीकार किया है कि जासूसी के कुछ मामले हद से ज़्यादा आगे बढ़ गए थे.

जासूसी के कारण अमरीका के यूरोपीय सहयोगी देशों में काफी नाराज़गी है.

जॉन केरी ओबामा प्रशासन के सबसे वरिष्ठ अधिकारी हैं जिन्होंने इस मुद्दे पर सीधी टिप्पणी की है.

उन्होंने कहा कि वो राष्ट्रपति ओबामा के साथ मिलकर भविष्य में राष्ट्रीय सुरक्षा एजेंसी की अनुपयुक्त गतिविधियों पर रोक लगाने के लिए काम करेंगे.

निगरानी कार्यक्रम से मदद

लेकिन जॉन केरी ने अमरीका के निगरानी कार्यक्रम के दायरे को बढ़ाने का समर्थन किया. उन्होंने कहा कि इससे आतंकवादी हमलों के विरोध में मदद मिली है.

जॉन केरी ने लंदन में एक प्रेस वार्ता में बोलते हुए कहा, "हमने वास्तव में हवाई जहाजों को नीचे गिरने, इमारतों को धमाकों की लपेट में आने और लोगों की हत्याओं पर रोक लगाई है क्योंकि हम विभिन्न घटनाओं के बारे में समय से पहले जानकारी जुटाने में सक्षम थे.

उन्होंने अपनी बात जारी रखते हुए कहा कि "मैं आपको भरोसा दिलाता हूं कि इस प्रक्रिया में निर्दोष लोगों को परेशान नहीं किया गया है, यह जानकारी इकट्ठी करने की कोशिश भर थी, जो कुछ मामलों में ग़लत ढंग से हद से आगे बढ़ गई थी."

जासूसी से रिश्तों पर असर

जॉन केरी ने कहा, " हमारे राष्ट्रपति निगरानी कार्यक्रम को साफ़ सुथरा बनाने के लिए प्रतिबद्ध हैं. इसके लिए पूरी प्रक्रिया का विस्तृत विश्लेषण किया जा रहा है ताकि किसी को भी प्रताड़ित होने जैसा अहसास न हो."

अमरीका के निगरानी कार्यक्रम के दायरे पर यूरोपीय देशों के नेताओं ने अमरीका के प्रमुख सहयोगियों के साथ उनके कूटनीतिक रिश्तों पर असर पड़ने की बात कही थी.

पिछले सप्ताह कथित रूप से करीब दस सालों से जर्मन चांसलर एंगेला मर्केलके फ़ोन टेप होने की बात सामने आई थी.

अभी हाल ही में दावा किया गया है कि अमरीका की राष्ट्रीय सुरक्षा एजेंसी ने गूगल और याहू के डेटाबेस को हैक किया है.

सिडनी मार्निंग हेराल्ड के मुताबिक़, एशिया में स्थित ऑस्ट्रेलिया के दूतावासों का इस्तेमाल चीन, इंडोनेशिया, सिंगापुर, थाइलैंड और वियतनाम जैसे देशों की जासूसी के लिए किया गया.

एशियाई देशों की जासूसी

Image caption अमरीकी ख़ुफ़िया एजेंसी के दस्तावेज़ों के अनुसार दस सालों से एंगेला मर्केल के फ़ोन टेप हो रहे थे

इंडोनेशिया के विदेश मंत्री मार्टी नेटेलगावा ने कहा, "अगर यह साबित होता है, तो इस तरह की गतिविधि केवल सुरक्षा में ख़लल ही नहीं, बल्कि कूटनीतिक आदर्शों और नैतिकता का भी उल्लंघन हैं."

अमरीकी ख़ुफ़िया एजेंसी के पूर्व अधिकारी एडवर्ड स्नोडन के लीक किए दस्तावेज़ों के संदर्भ में यह नया दावा किया गया है. ऑस्ट्रेलिया के विदेश मंत्रालय ने ताज़ा रिपोर्ट पर टिप्पणी करने से इनकार कर दिया.

ऑस्ट्रेलिया के प्रधानमंत्री टोनी ऐबट ने कहा है, "ऑस्ट्रेलिया का सरकारी विभाग, प्रत्येक अधिकारी और प्रत्येक एजेंसी क़ानून के मुताबिक काम करती है."

अमरीकी विदेशमंत्री जॉन केरी ने ओपन गवर्नमेंट पार्टनरशिप की तरफ से आयोजित प्रेस वार्ता में टिप्पणी करते हुए कहा कि निगरानी के कुछ मामले हद से आगे बढ़ गए थे, लेकिन उन्होंने कहा कि सात करोड़ लोगों की निगरानी के दावे 'अतिशयोक्तिपूर्ण' हैं.

अमरीका के निगरानी कार्यक्रम को सार्वजनिक करने वाले दस्तावेज एडवर्ड स्नोडेन ने लीक किए थे, उनको रूस ने अस्थायी रूप से शरण दी है. वो जासूसी के दस्तावेजों को सार्वजनिक करने के कारण अमरीका में वांछित हैं.

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