बलात्कार और हत्या के दोषी को दोहरा आजीवन कारावास

  • 2 नवंबर 2013
दक्षिण अफ्रीका

दक्षिण अफ्रीका के एक व्यक्ति को 17 साल की लड़की के बलात्कार और हत्या का दोषी ठहराते हुए अदालत ने दोहरे आजीवन कारावास की सज़ा सुनाई है. इस घटना के बाद देशव्यापी विरोध प्रदर्शन हुए थे.

अभियोजन पक्ष के वकील ने फ़ैसले के बारे में अनुरोध किया है कि 21 साल के जोहान्स काना को बिना पैरोल की सज़ा दी जाए.

17 वर्षीय युवती एनिनी बुइसेन की फरवरी में मौत हो गई थी. इसके बाद देशभर में लोगों ने आक्रोश प्रकट किया था.

शर्मनाक और अमानवीय

बीबीसी संवाददाता नोम्सा केपटाउन से 220 किलोमीटर दूर मासेको स्वेलेडम के न्यायालय में फ़ैसले के दौरान मौजूद थे. उन्होंने बताया कि काना के चाचा ने हाथों से ताली बजाई और हँसे जब जज ने अपना फ़ैसला सुनाया. उन्होंने व्यवस्था को अन्यायपूर्ण बताते हुए कहा, "यह एक मजाक है."

बीबीसी संवाददाता ने बताया कि मामले की सुनवाई के दौरान मौजूद अधिकांश लोगों ने कहा कि न्याय हुआ है.

समुदाय के लोगों ने सवाल उठाया है कि क्या एनिनी बुइसेन पर हमले में केवल काना ही संलिप्त थे? बुइसेन ने अपनी मौत के पहले पुलिस को बताया था कि उसके ऊपर हमला करने वाले वालों में कई लोग शामिल थे.

ऐनी बुइसेन को उनके घर के समीप एक निर्माणाधीन स्थल पर मरने के लिए छोड़ दिया गया था. बलात्कार और आंतें बाहर निकलने जैसी गंभीर स्थित में उनको केप टाउन के अस्पताल में भर्ती किया गया, जहाँ उनकी मौत हो गई थी.

कठोरतम सज़ा

राष्ट्रपति जैकब जुमा ने हमले को 'शर्मनाक, क्रूर और अत्यंत अमानवीय' बताया. न्यायालय से उन्होंने यौन अपराधों के लिए कठोरतम सज़ा देने की बात कही.

न्यायालय में मामले की सुनवाई के दौरान बुइसेन का इलाज करने वाले डॉक्टर ने कहा, "उनको बहुत गंभीर चोटें लगी थीं. एक महिला डॉक्टर ने कहा कि इससे पहले उन्होंने इतना भयानक जख्म नहीं देखा था."

अपनी मौत से ठीक पहले बुइसेन ने कहा था कि उनके ऊपर हमले में पाँच या छह लोग शामिल थे.

शुरुआत में तीन संदिग्ध गिरफ़्तार किए गए थे, लेकिन केवल काना को मुक़दमे का सामना करना पड़ा.

काना ने बुइसेन के बलात्कार की बात स्वीकार की है, लेकिन उसने बुइसेन की हत्या से इंकार किया है.

दक्षिण अफ्रीका की पुलिस के आँकड़े बताते हैं कि पिछले साल 64,000 ब्लात्कार की घटनाओं की रिपोर्ट दर्ज़ की गई थी.

दक्षिण अफ्रीका में यौन हिंसा की दर विश्व में सबसे ज़्यादा है. पुलिस का कहना है कि हर तीसरे मिनट में एक लड़की का ब्लात्कार होता है.

(बीबीसी हिन्दी के एंड्रॉएड ऐप के लिए यहां क्लिक करें. आप हमें फ़ेसबुक और ट्विटर पर भी फ़ॉलो कर सकते हैं.)

संबंधित समाचार