मोर्सी की सुनवाई से पहले मिस्र में हाई अलर्ट

मिस्र की राजधानी काहिरा में सुरक्षा इंतजाम

मिस्र के अपदस्थ राष्ट्रपति मोहम्मद मोर्सी के ख़िलाफ़ सुनवाई सोमवार से शुरू हो रही है जिसके मद्देनज़र देश में सुरक्षा एजेंसियों को हाई अलर्ट पर रखा गया है.

मोर्सी के साथ उनके राजनीतिक संगठन मुस्लिम ब्रदरहुड के 14 अन्य वरिष्ठ नेताओं के ख़िलाफ़ भी अदालती कार्यवाही चलनी है.

इन सभी पर बीते साल दिसंबर में राष्ट्रपति भवन के बाहर हुई झड़प में प्रदर्शनकारियों की हत्या के लिए उकसाने का आरोप है. पूर्व राष्ट्रपति के समर्थकों की ओर से किए गए व्यापक विरोध प्रदर्शन के आह्वान के मद्देनज़र देस में सुरक्षा सेवाएँ को हाई अलर्ट पर रखा गया है.

मोर्सी पर नए आरोप

राष्ट्रपति मोर्सी की सरकार को जुलाई में सेना ने सत्ता से हटा दिया था. हालांकि मोर्सी ने राष्ट्रपति पद का चुनाव लोकतांत्रिक तरीके से जीता था लेकिन सत्ता में गुजारे 13 महीनों के दरम्यान वे कई प्रमुख मुद्दों पर नाकाम रहे.

हिंसा

मोर्सी को सत्ता से हटाए जाने के बाद काहिरा में धरने पर बैठे उनके समर्थकों को हटाने के लिए सेना ने कड़ी कार्रवाई की थी जिसमें सैंकड़ों लोगों की जान चली गई थी.

अंतरिम सरकार ने मुस्लिम ब्रदरहुड पर भी कार्रवाई की. इस पर प्रतिबंध लगा दिया गया और दर्जनों वरिष्ठ नेताओं को गिरफ्तार कर लिया गया.

मोर्सी के समर्थकों का कहना है कि उन्हें एक तख्तापलट के जरिए सत्ता से बेदखल किया गया और उनकी सुनवाई राजनयिक वजहों से की जा रही है.

मिस्र पर नजर रख रहे मानवाधिकार संगठनों का कहना है कि वहाँ सुरक्षा एजेंसियाँ गैरजिम्मेदाराना तरीके से काम कर रही हैं. शनिवार को मिस्र के अखबार अल-वतन ने मोर्सी की तस्वीर प्रकाशित की जिसमें वो हिरासत में दिख रहे थे. जारी की गई इस तस्वीर के बारे में कहा गया है कि हिरासत में रखे जाने के बाद की ये उनकी पहली फोटो है.

ब्रदरहुड के तेवर तीखे

Image caption काहिर में मुर्सी समर्थकों और सुरक्षा बलों के बीच हुई झड़प में घायल एक महिला.

तस्वीर में ट्रैक सूट पहने हुए मोर्सी को कुर्सी पर बैठा हुआ दिखाया गया है. वो जोश से भरे हुए और सहज लग रहे थे. बिना तारीख वाली इस तस्वीर की स्वतंत्र रूप से अभी तक पुष्टि नहीं हो पाई है.

सत्ता से बेदखल किए जाने के बाद से ही मोर्सी को एक गुप्त स्थान पर रखा गया है. इस बात के आसार हैं कि मोर्सी के ख़िलाफ़ सुनवाई काहिरा स्थित पुलिस अकादमी में अंतरराष्ट्रीय समयानुसार सात से आठ बजे के बीच शुरू होगी.

कानूनी कार्रवाई

मोर्सी से पहले सत्ता सँभाल चुके होस्नी मुबारक को भी इसी स्थान पर रखा गया है. इसका मतलब यह हुआ कि मिस्र के दो पूर्व राष्ट्रपतियों पर एक ही साथ कानूनी कार्रवाई चलेगी.

काहिरा में मौजूद संवाददाताओं का कहना है कि आने वाले दिनों में जो कुछ भी होने वाला है, उसे लेकर लोग आशंकित हैं. उन्हें अंदाजा है कि सुनवाई के आगे बढ़ने के साथ ही मिस्र में संघर्ष की स्थिति बढ़ेगी और अस्थिरता का खतरा होगा.

रविवार को बंदूकधारियों ने इस्लामिया शहर में दो पुलिसवालों को मार दिया और वहाँ इस बात का डर है कि इस घटना के बाद हिंसा भड़क सकती है.

सुरक्षा बल 20,000 जवानों को कानून व्यवस्था बरकरार रखने के लिए तैनात करने जा रहे हैं. सुरक्षा इंतजामों के मद्देनजर रेलवे स्टेशन और बस अड्डों पर नजर रखी जा रही है. सुनवाई की जगह के नजदीक के एक भूमिगत रेलवे स्टेशन को बंद कर दिया गया है.

कानून के जानकारों का कहना है कि मोर्सी पर लगाए गए आरोप अगर साबित होते हैं तो उन्हें उम्र कैद या मौत की सजा दी जा सकती है.

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