'नाज़ियों की लूटी गई कलाकृतियों का जखीरा बरामद'

  • 4 नवंबर 2013
पिकासो, गुएर्निका

जर्मन मीडिया के अनुसार म्यूनिख़ शहर में वर्ष 1930 और 1940 के दशक में नाज़ियों द्वारा जब्त की गई करीब 1500 कलात्मक कृतियों का पता चला है.

समाचार पत्रिका फ़ोकस में आई रिपोर्ट के अनुसार इस संग्रह में मतीस, पिकासो और शैगल जैसे प्रसिद्ध कलाकारों की कृतियों के होने का अनुमान है.

इनमें से कुछ कलाकृतियों को नाज़ियों ने तपनशील घोषित कर दिया था. कुछ अन्य कलाकृतियाँ यहूदी कला संग्रहकर्ताओं से चुरा या जबरन ख़रीद ली गईं थीं.

यदि यह ख़बर सही निकली तो यह बरामदगी लूटी गई कलाकृतियों की हुई अब तक की सबसे बड़ी बरामदगियों में से एक होगी.

फ़ोकस पत्रिका के अनुसार जांचकर्ताओं ने बरामद कलाकृतियों की अनुमानित कीमत करीब एक अरब यूरो आंकी है.

संयोग

Image caption मैतिसी की एक कलाकृति.

पत्रिका ने कहा है कि यह कलाकृतियों के यह ज़ख़ीरा वर्ष 2011 की शुरुआत में संयोगवश उस समय मिल गया जब कॉमेलियस गुरुलिट नामक एक शख़्स की टैक्स मामले में जाँच की जा रही थी.

एकांतजीवी कॉमेलियस के पिता कलाकृतियों के सौदागर थे.

कॉमेलियस पर टैक्स चोरी का संदेह था और इसलिए जांचकर्तओं ने उसके म्यूनिख़ स्थित निवास की तलाशी का वारंट जारी किया था.

उसके घर में जांचकर्ताओं को करीब 1500 कलाकृतियों का ज़ख़ीरा मिला जो नाज़ी युग में गायब हो गई थीं.

फ़ोकस पत्रिका के अनुसार युवा कॉमेलियस इन कलाकृतियों को एक अँधेरे कमरे में रखता था और जब उसे पैसे की ज़रूरत होती थी तो एक-एक कलाकृति निकाल कर बेचता था.

नाज़ियों ने लगभग सभी आधुनिक कलाओं को पतनशील घोषित कर दिया था. नाज़ी युग में ग़ैर-जर्मन कलाकृति या यहूदी कलाकार की कलाकृतियों पर पाबंदी थी.

औरत का चित्र

Image caption शैगल की एक कलाकृति.

नाज़ी शासनकाल में कुछ कलाकृतियों को ज़ब्त कर लिया गया, कुछ को नष्ट कर दिया गया और कई अन्य को कला संग्रहकर्ताओं को सस्ते दामों पर बेच दिया गया था.

फ़ोकस पत्रिका के अनुसार कम से कम 200 कलाकृतियों के लिए अंतरराष्ट्रीय वारंट जारी है.

फ़िलहाल इस संग्रह को म्यूनिख़ में एक सुरक्षित गोदाम में रखा गया है.

इनमें से एक कलाकृति मतीस द्वारा बनाया गया एक औरत का चित्र है. यह कलाकृति फ्रेंच टीवी की प्रस्तोता एन सिंक्लेयर के दादा की संपत्ति थी.

पॉल रोज़ेनबर्ग नामक आर्टडीलर पिकासो और मतीस की कलाकृतियों की बिक्री करवाता था. वर्ष 1930 में उसे जर्मनी छोड़कर भागना पड़ा था. उसे अपनी कलाकृतियों को जर्मनी में छोड़ने के लिए मजबूर कर दिया गया था.

यूएस होलोकॉस्ट मेमोरियल म्यूज़ियम के एक अनुमान के मुताबिक नाज़ियों ने करीब 16,000 कलाकृतियाँ जब्त की थीं.

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