नीलाम होगी नेपोलियन की 'वसीयत'

नेपोलियन की वसीयत

फ़्रांस के शासक रहे नेपोलियन बोनापार्ट की वसीयत की एकमात्र ज्ञात प्रतिलिपि की इस महीने पेरिस में नीलामी की जाएगी.

बड़ी संख्या में लोगों ने निर्वासन में लिखे गए नेपोलियन के आख़िरी दस्तावेज़ को नीलामीघर में देखा है.

नेपोलियन ने 1821 में सेंट हेलेना द्वीप पर अपनी मौत से 21 दिन पहले वसीयत लिखी थी.

असली दस्तावेज़ फ़्रांस के राष्ट्रीय अभिलेखागार में रखा गया है. लेकिन इसकी प्रतिलिपि को नेपोलियन के एक क़रीबी ने लिखा था.

नेपोलियन के विशेषज्ञ पियरे गीनो के मुताबिक़ यह प्रतिलिपि बेहद ख़ास है. इसके 120,000 यूरो में नीलाम होने की संभावना है.

नीलामी से जुड़े क्रिस्टॉफ़ कास्टैनडेट ने कहा, "इससे हमें नेपोलियन को क़रीब से जानने का मौक़ा मिलता है."

वसीयत

उन्होंने कहा, "नेपोलियन ने इसमें लिखा है कि उनके आभूषण किसे मिलेंगे, सोना किसे मिलेगा, कपड़े किसे मिलेंगे. इससे हमें यूरोप का इतिहास बदलने वाले शख्स के अंतिम दिनों के बारे में क़रीब से जानने का मौक़ा मिलता है."

साल 1815 में वाटरलू में अंग्रेज़ों के हाथों हार के बाद नेपोलियन जीवन के अंतिम दिन सेंट हेलेना में निर्वासन में गुज़ारने पड़े थे.

इन दस्तावेज़ों से उनके जीवन के अंतिम छह साल में उनकी मनोदशा का पता चलता है.

लगभग आधे यूरोप पर क़ब्ज़ा करने वाले नेपोलियन के पास जीवन के अंतिम दिनों में संपत्ति के नाम पर मात्र कुछ रत्न, मूर्तियां, चीनी मिट्टी के बर्तन और एक पेंटिंग थी.

इस वसीयत में नेपोलियन ने इच्छा ज़ाहिर की है कि उनकी राख को सीन नदी में बिखरा दी जाए. लेकिन इतिहासकारों का कहना है कि फ़्रांस के राजा ने नेपोलियन की इस इच्छा को पूरा नहीं किया.

नेपोलियन की मौत के 19 साल बाद उनके शव को फ़्रांस लाया गया और पेरिस के एक स्मारक में दफ़नाया गया.

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