छह बातें जो बनाती हैं नेक्सस-5 को ख़ास

नेक्सस 5

गूगल के बहुप्रतीक्षित नए फ़ोन नेक्सस 5 की सोशल मीडिया में खासी चर्चा हो रही है. अंतरराष्ट्रीय बाज़ार में जहां ये फ़ोन लॉन्च हो चुका है, वहीं भारत में इसकी बिक्री शुरू होने का इंतज़ार किया जा रहा है.

एंड्रॉएड ऑपरेटिंग सिस्टम पसंद करने वाले यूज़र्स इस फ़ोन को लेकर उत्साहित हैं. लेकिन ऐसा क्या खास है इस फ़ोन में?

आइए एक नज़र डालते है उन छह खास फीचर्स पर जो इस फ़ोन को बाकी प्रीमियम स्मार्टफ़ोन्स की प्रतिस्पर्धा में खड़ा करता है.

किटकैट

यह एंड्रॉएड का सबसे नया वर्ज़न 4.4 है. कुछ ही दिनों में ये अपग्रेड अन्य चुनिंदा मोबाइल फ़ोन्स में भी उपलब्ध होगा, लेकिन अन्य फ़ोन अपने सॉफ़्टवेयर में ज़रूरत के हिसाब से बदलाव करते हैं, लिहाज़ा ये आपकों थोड़े बदलाव के साथ नज़र आ सकता है.

सैमसंग, एचटीसी और सोनी जैसी फ़ोन बनाने वाली कंपनियों को इस सॉफ़्टवेयर को अपने प्रमुख मोबाइल फ़ोन में लाने में अभी कुछ हफ्तों का समय लगेगा.

किट कैट ऐसा पहला अपग्रेड है, जो नेक्सस-5 के अलावा ऐसे फ़ोन में भी चल सकता है जिनके स्पीसिफिकेशंस नेक्सस-5 जितनी उन्नत नहीं है.

नेक्सस-4 में किटकैट कुछ ही दिनों में उपलब्ध हो जाएगा. नेक्सस फ़ोनों की यही ख़ासियत होती है कि उन्हें गूगल नई तकनीक सबसे पहले उपलब्ध कराता है.

ओके गूगल

Image caption एंड्रॉयड का किटकैट वर्ज़न ऐसे फ़ोन में भी चल सकता है जिनकी तकनीक नेक्सस-5 जितनी उन्नत नहीं है.

अगर आप फ़ोन रखकर रखकर भूल जाते हैं और आपको उसे ढूंढने में दिक़्क़त होती है, तो गूगल आपके फ़ोन को ढूंढ निकालेगा.

अगर आपका फ़ोन स्लीप मोड में भी चला गया है, तो यह आपकी आवाज़ सुनकर जाग जाएगा.

आप बोलेंगे 'ओके गूगल नाओ, फ़ाइंड माई फ़ोन' और आपका फ़ोन बज उठेगा. है न, कमाल की बात!

बैटरी लाइफ़

नेक्सस फ़ोन रेफरेंस फ़ोन होते हैं. इसका एंड्रॉएड सॉफ़्टवेयर ख़ास इस फ़ोन के लिए बनाया गया है.

इस फ़ोन में ऐसे फीचर अधिक नहीं हैं, जो बहुत बैटरी खाते हों. इसमें फ़ोन के प्रोसेसर को 'ईज़ी मोड' पर चलाने का भी विकल्प उपलब्ध है.

नेक्सस-4 में जहाँ 2100 एमएएच बैटरी थी, वहीं नेक्सस-5 में 2300 एमएएच बैटरी है.

ज़्यादा कॉम्पैक्ट और बड़ी स्क्रीन

सभी नेक्सस फ़ोनों में नेक्सस-5 में अब तक की सबसे बड़ी स्क्रीन है.

इसकी स्क्रीन लगभग 5 इंच की है. इसमें 1080x1920 पिक्सेल का रिज़ॉल्यूशन है और ऑनस्क्रीन बटन हैं.

इसकी चौड़ाई काफ़ी कम रखी गई है, ताकि इसे एक हाथ से पकड़ने में आसानी रहे.

स्नैपड्रैगन-800 और एड्रीनो-330

Image caption गूगल फ़ोन की क्यूआई मानकों के ज़रिए वायरलैस चार्जिंग भी की जा सकती है.

एलजी के बनाए इस फ़ोन में शक्तिशाली हार्डवेयर लगाया गया है.

नेक्सस-5 फ़ोन में नया स्नैपड्रैगन 800 क्वाड-कोर चिप लगा है, दो जीबी की रैम है और एड्रीनो 330 का ग्राफ़िक्स प्रोसेसर लगा है.

यह खूबियाँ नेक्सस 5 को अपने साथ के सोनी एक्सपीरिया-ज़ेड1 और एलजी-जी2 और गैलेक्सी-एस4 जैसे मोबाइल फ़ोनों की प्रतिस्पर्धा में खड़ा करता है.

वायरलैस चार्जिंग

नेक्सस-5 में नेक्सस-4 की तरह वायरलेस चार्जिंग की सुविधा दी गई है.

वायरलेस चार्जिंग आसान है और बिना तारों में उलझे आप अपना फ़ोन चार्ज कर सकते हैं.

(बीबीसी हिन्दी के एंड्रॉएड ऐप के लिए यहां क्लिक करें. आप हमें फ़ेसबुक और ट्विटर पर भी फ़ॉलो कर सकते हैं.)

संबंधित समाचार