बलात्कार की शिकायत करने पर पत्रकार गिरफ्तार

सोमालिया की राजधानी मोगादिशु में कथित तौर पर बलात्कार पीड़ित एक महिला को गिरफ़्तार कर लिया गया है. इस महिला ने एक वीडियो इंटरव्यू में कहा था कि उसके कुछ सहकर्मियों ने बंदूक की नोंक पर उसके साथ बलात्कार किया था.

इसके अलावा महिला का इंटरव्यू लेने वाले 19 वर्षीय पत्रकार को भी मोगादिशु में हिरासत में लिया गया है. लेकिन जिन दो लोगों पर बलात्कार का आरोप लगाया गया है उन्हें गिरफ्तार नहीं किया गया है.

कहा जा रहा है कि ये गिरफ़्तारियां इन दोनों लोगों की मानहानि की शिकायत के बाद हुई हैं. संयुक्त राष्ट्र ने मामले की उचित तरीके से जांच की मांग की है.

इस साल की शुरुआत में भी ऐसे ही एक मामले में बलात्कार पीड़ित और उसका इंटरव्यू लेने वाले को एक साल की कैद की सज़ा सुनाई गई थी. हालांकि बाद में दोनों को रिहा कर दिया गया था.

संयुक्त राष्ट्र समर्थित सोमालियाई सरकार का कहना है कि वो मौजूदा कानूनी प्रक्रिया में खुद शामिल नहीं हो सकती और कानून को निश्चित तौर पर अपना काम करना चाहिए.

पीड़ित महिला

जिस महिला ने बलात्कार का आरोप लगाया है वो ख़ुद एक पत्रकार है जो कि मोगादिशु स्थित एक रेडियो केंद्र के लिए काम करती है.

इस महिला ने एक पत्रकार को इस बारे में बताया कि उसके सहमकर्मियों में से एक से ने उससे फ़ोन पर मदद मांगी.

बाद में उसे एक घर में लाया गया जहां दो और पत्रकार मौजूद थे. महिला के मुताबिक, "उनमें से एक व्यक्ति ने मुझे पिस्तौल दिखाकर धमकाया और जबरन मुझे बेडरूम में ले गया. इसके बाद उन दोनों ने कई बार मेरे साथ बलात्कार किया."

महिला का आरोप है कि उसे सारी रात उस घर में रखा गया और फिर सुबह वहां से उसे मुक्त किया गया.

इस इंटरव्यू को बाद में एक ऑनलाइन पोर्टल पर प्रकाशित किया गया.

सख़्त कार्रवाई की मांग

Image caption गृह युद्ध से जूझ रहे सोमालिया में महिलाओं की स्थिति खासी चिंताजनक है

महिला का कहना है, "मैं सरकार से अनुरोध करती हूं कि वो बलात्कारियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई करे क्यों वो ऐसा काम दूसरी लड़कियों के साथ भी कर सकते हैं."

पुलिस ने बाद में इस महिला और उनका इंटरव्यू लेने वाले पत्रकार मोहम्मद बशीर हाशी दोनों को गिरफ़्तार कर लिया.

सोमाली पत्रकार संघ का कहना है कि इन लोगों की गिरफ्तारी इसलिए हुई है क्योंकि महिला ने जिन सहकर्मियों पर बलात्कार का आरोप लगाया है उन लोगों ने अपनी मानहानि की शिकायत की थी.

वहीं सरकारी प्रवक्ता अब्दुर्रहमान ओमर उस्मान ने इन आरोपों का खंडन किया है कि पत्रकारों की गिरफ्तारी मीडिया पर हमला है.

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