छात्रा से यौन संबंध बनानेवाली अध्यापिका को कैद

रशेल स्पीड
Image caption आरोपी अध्यापिका और छात्रा के बीच चार साल तक संबंध रहे जो छात्रा के यूनिवर्सिटी जाने पर ख़त्म हुए.

ब्रिटेन में एक स्कूल शिक्षिका को एक 14 वर्षीय छात्रा के साथ यौन संबंध बनाने के आरोप में दो साल की सज़ा सुनाई गई है.

हैंगॉड की केयरफ़िली काउंटी की रहने वाली 41 वर्षीय अध्यापिका रशेल स्पीड ने सेक्स संबंध बनाने और अश्लील हरकतें करने के आरोपों को नकार दिया था.

अध्यापिका और छात्रा के संबंध चार साल तक चले और छात्रा के यूनिवर्सिटी में दाख़िला लेने के बाद ख़त्म हुए.

अदालत में मामले की सुनवाई के दौरान पता चला कि छात्रा कई बार अध्यापिका के घर ही रुक जाती थी.

अभियोजन पक्ष के वकील क्रिस्टोफ़र रीज़ ने कहा, 'जब वह 14 साल की थी और आपके साथ विश्वास के रिश्ते में थी तब आपने उसका शोषण किया.'

"आप नहीं चाहती थीं कि उसके परिजनों को पता चले क्योंकि इससे आपका घिनौना रहस्य खुल जाता. उसके यूनिवर्सिटी जाने के बाद भी आप उसके पीछे पड़ी रहीं."

अंगूठी और कार

फ़ैसला सुनाते हुए जज डेविड विन मोर्गन ने कहा, ''लड़की और आपके बीच विश्वास का रिश्ता था. आप उसकी अध्यापिका थीं. अध्यापकों को अपने छात्रों के साथ सेक्स करने की अनुमति नहीं है. हर कोई यह बात जानता है.''

जज ने कहा, ''आप परिपक्व थीं, जबकी वह एक ऐसी बच्ची थी जो कमज़ोर थी, प्रभावित हो सकती थी और स्कूल में लोकप्रिय नहीं थी.''

"उसे एक प्रसिद्ध अध्यापिका की इच्छाओं का सम्मान करना ही था."

अदालत को बताया गया कि लड़की को स्कूल में परेशान किया जाता था. अपने घर सोने के लिए बुलाने से पहले स्पीड ने उसे ऑनलाइन संदेश और टेक्स्ट मैसेज भेजने शुरू किए.

रशेल छात्रा को स्कूल के बस स्टॉप से अपनी कार में बैठाकर अपने घर ले जाती थीं.

जब लड़की के परिजनों को दोनों के रिश्ते के बारे में पता चला तो उन्होंने पुलिस में शिकायत न करने के बदले स्पीड के साथ एक क़रार किया. इसके तहत स्पीड को छात्रा के 21 साल की हो जाने तक उससे कोई संबंध नहीं रखना था.

लेकिन स्पीड ने छात्रा के यूनिवर्सिटी जाने के बाद भी उससे संपर्क करने की कोशिश की.

छात्रा की माँ ने अदालत में कहा, ''मैं बहुत परेशान और गुस्सा थी. मेरी बेटी एक बच्ची थी. वह उसे अपने साथ घर सोने के लिए कैसे ले जा सकती थीं?''

Image caption स्कूल ने बच्ची को शोषण से बचा पाने में असफल रहने पर माफ़ी मांगी है.

जब छात्रा पढ़ने के लिए यूनिवर्सिटी गई तो अध्यापिका ने उसे सगाई की अंगूठी और कार दी.

लेकिन यूनिवर्सिटी में छात्रा को कोई और मिल गया और उसने संदेश भेजकर स्पीड के साथ अपने रिश्ते को ख़त्म कर लिया. इसके बाद छात्रा ने स्पीड के बारे में पुलिस से शिकायत की.

स्कूल की माफ़ी

बचाव पक्ष के अधिवक्ता पीटर हार्डिंग ने कहा, ''यह रिश्ता अध्यापिका के दया दिखाने के बाद पैदा हुई स्थिति का नतीज़ा था. यह रिश्ता लड़की के बीस साल का होने तक क़ायम रहा. यह एक सच्चे प्यार का रिश्ता था."

पुलिस में शिकायत के बाद स्पीड को स्कूल से निकाल दिया गया और उन्हें 10 साल के लिए यौन अपराधियों की सूची में भी शामिल कर लिया गया.

वह अब ऐसी किसी नौकरी के लिए कभी आवेदन नहीं कर सकती जिसके तहत उन्हें 18 वर्ष से कम उम्र के बच्चों के साथ संपर्क करना पड़े.

स्कूल ने भी बयान जारी कर बच्ची को शोषण से बचा पाने में असफल रहने के लिए माफ़ी माँगी है.

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