ब्रिटेन जाने वालों में चीनी आगे, भारतीय पिछड़े

ताज़ा आँकड़ों के मुताबिक दुनिया भर से ब्रिटेन जाने वालों में सबसे ज़्यादा संख्या चीन के लोगों की है.

पहले ब्रिटेन जाने वालों में सबसे ज़्यादा संख्या भारत के लोगों की थी, लेकिन ताज़ा आँकड़ों के आधार पर भारत अब इस लिहाज़ से चीन के बाद दूसरे स्थान पर खिसक गया है.

राष्ट्रीय सांख्यिकी विभाग की ओर से जारी किए गए आँकड़ों के मुताबिक पिछले साल चीन से ब्रिटेन जाने वालों की संख्या चालीस हज़ार थी जबकि भारत से ब्रिटेन जाने वालों की संख्या करीब 37 हजार ही थी.

ऐसा पहली बार हुआ है कि चीन ने सबसे ज्यादा लोगों को ब्रिटेन भेजा है जबकि पिछले तीन साल से भारत इस मामले में पहले नंबर पर बना हुआ था.

प्रवासी चीनी नागरिकों की संख्या में ये बढ़ोत्तरी हाल के दिनों में ब्रितानी विश्वविद्यालयों के प्रति बड़ी संख्या में चीनी छात्रों का आकर्षण बताया जा रहा है.

भारत

Image caption चीन से ब्रिटेन जाने वालों में सबसे ज्यादा तादाद छात्रों की है

भारत से ब्रिटेन जाने वाले छात्रों की संख्या में पिछले साल काफी कमी आई है.

हालांकि ब्रिटेन के प्रधानमंत्री डेविड कैमरन पिछले एक साल में दो बार भारत आ चुके हैं और इसका मकसद भी यहां के विद्यार्थियों को ज्यादा से ज्यादा ब्रिटेन के विश्वविद्यालयों की ओर आकर्षित करना है.

यही नहीं, यूरोपीय संघ के देशों से ब्रिटेन आने वालों की संख्या में भी पिछले साल अच्छी-खासी बढ़ोत्तरी दर्ज की गई.

इसके अलावा यूरोजोन की आर्थिक समस्या ने भी बड़ी संख्या में लोगों को ब्रिटेन आने के लिए प्रोत्साहित किया है. इसी के तहत हजारों छात्रों ने भारतीय शहरों से ब्रिटेन की ओर रुख किया.

यूरोपीय संघ के देशों से ब्रिटेन आने वालों की संख्या में पिछले साल 72 हजार की बढ़ोत्तरी दर्ज की गई है.

डेविड कैमरन ऐसा संकेत दे चुके हैं कि बाहर से आने वाली प्रवासी लोगों की संख्या को नियमित करने के लिए वीज़ा नियमों को कुछ और कठोर बनाया सकता है.

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