खच्चरों के साथ ही 30 सालों से गुज़र रही है ज़िंदगी

अमरीकी नागरिक जॉन सियर्स अपने आप में अनूठे हैं. उनकी ख़ानाबदोशी वाली ज़िंदगी और शहरीकरण के विरोध को पसंद करने वाले हज़ारों लोग सोशल मीडिया पर उन्हें फॉलो कर रहे हैं.

65 वर्षीय ये व्यक्ति अपनी पूरी गृहस्थी और ख़ुद को तीन खच्चरों पर लादकर अमरीका के एक राज्य से दूसरे राज्य की सैर किया करते हैं.

इन खच्चरों के साथ जॉन के प्रेम को इस बात से ही समझा जा सकता है कि वो अपना नाम भी म्यूल (खच्चर) ही बताते हैं.

जॉन कभी पेड़ पर रात बिताते हैं तो कभी रेगिस्तानों में और कभी-कभी बड़े शहरों में. मक़सद हमेशा एक ही होता है, बढ़ते शहरीकरण का विरोध.

जॉन सियर्स की आगे की यात्रा और इस दौरान पुलिस के ज़रिए होने वाली रुकावटों के बारे में जानने के लिए बीबीसी संवाददाता शुका कालांतरी उनसे सैन फ्रांसिस्को में मिलीं.

सारा जहाँ हमारा...

शुका जब जॉन सियर्स से मिलीं उस समय वो अपने खच्चरों को पानी पिला रहे थे. वो अपनी अगली यात्रा के लिए तैयार थे.

जॉन अपने तीन खच्चरों के साथ हर दिन 10 से 15 मील का सफ़र तय करते हैं और जहाँ थक जाते हैं, वहीं सो जाते हैं. उन्हें ख़ानाबदोशी का अपना जीवन बेहद पसंद है.

वो बताते हैं कि अपने तीन खच्चरों की देखभाल से उनकी ज़िंदगी को एक मक़सद मिला है और सितारों के नीचे रात बिताने से उन्हें ख़ास तरह की आज़ादी का अनुभव होता है.

जॉन बताते हैं कि गर्मियों में वो उत्तर की तरफ़ जाते हैं जबकि सर्दियों में वो अपने कारवां के साथ दक्षिण का रुख़ करते हैं.

क़ानूनी उलझन

Image caption जॉन पर सैन डिएगो नेशनल पार्क में गैर कानून अभियान चलाने का मुकदमा चल रहा है.

इस समय वो सैन डिएगो जा रहे हैं, जो फ़िलहाल 600 किलोमीटर दूर है. उन्हें जनवरी तक वहां एक मुक़दमे की सुनवाई के सिलसिले में पहुंचना है.

उन पर पिछले साल सैन डिएगो नेशनल पार्क में ग़ैर क़ानूनी अभियान चलाने का आरोप लगाया गया था.

जॉन को कुछ दिन पहले भी सुरक्षाकर्मियों ने हिरासत में ले लिया था. दरअसल उन्हें सबसे अधिक दिक्क़त अपने खच्चरों को साथ में रखने और उन्हें आराम के लिए कहीं ठहराने के दौरान आती है.

वो बताते हैं कि बड़े शहरों में उन्हें और उनके खच्चरों को मुश्किल से ही कहीं आराम करने की जगह मिल पाती है.

शहरीकरण का विरोध

Image caption जॉन पिछले 30 सालों से यूं ही खच्चरों के साथ जिंदगी बिता रहे हैं.

इसके बावजूद वो शहरों में शहरीकरण के नुक़सान बताने के लिए जाते हैं. वह कहते हैं कि जगह और संसाधनों की लगातार कमी होती जा रही है और अब संतुलिन बनाने के लिए काम करना ही होगा.

इससे पहले उन्हें कई बार गिरफ्तार करके जेल और एक बार पागलख़ाने भी भेजा जा चुका है. क़ानूनी सहायता के लिए उनके पास एक वकील भी है, जो उनसे किसी तरह का शुल्क नहीं लेते हैं.

वह बताते हैं कि उनकी ज़रूरतें बहुत अधिक नहीं हैं. वह बहुत थोड़ा सा खाते हैं, जबकि खच्चरों का काम तो सड़क के किनारे उगी घासफूस से चल जाता है.

वैसे उन्हें सेब और ब्रेड से बना हुआ कोई भी खाद्य पदार्थ पसंद है.

हज़ारों प्रसंशक

Image caption जॉन का कारवां बढ़ने के साथ ही उनके प्रसंशकों की संख्या भी बढ़ती जा रही है.

पूरे अमरीका में उनके प्रसंशक बढ़ते जा रहे हैं. उनके एक प्रसंशक ने उनकी वेब साइट बनाई है. एक दूसरे प्रसंशक ने उन्हें टैबलेट और मोबाइल फ़ोन दिया है, ताकि वो इंटरनेट का इस्तेमाल करके बाक़ी दुनिया के साथ अपने विचारों को बांट सकें.

जॉन शहरीकरण का विरोध तो करते हैं, लेकिन तकनीक के काफ़ी प्रसंशक हैं. वह बताते हैं कि तकनीक के इस्तेमाल से उन्हें अपना संदेश दूर-दूर तक पहुंचाने में मदद मिली है.

सोशल मीडिया पर जॉन सियर्स को 20,000 से अधिक लोग फॉलो करते हैं.

जॉन चाहते हैं कि अधिक संख्या में लोग उनके जैसी ख़ानाबदोश जीवन शैली के अपनाएं. वो कहते हैं कि लोग उनके जैसी जीवन शैली को अपनाकर ख़ुद को पहले से ज्यादा सुखी महसूस करेंगे.

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