थाईलैंड प्रदर्शनः पुलिस ने बैरिकेड हटाए

Image caption थाई पुलिस ने तनाव कम करने के लिए बैंकाक पुलिस मुख्यालय के बाहर लगे तारों को हटा दिया है.

बैंकाक में पुलिस मुख्यालय के बाहर बैरिकेड को स्थानीय प्रशासन ने मंगलवार सुबह हटा दिया और प्रदर्शनकारियों को बातचीत के लिए अंदर आने की इजाजत दे दी है.

प्रदर्शनकारी इस इमारत पर कब्ज़ा करना चाहते थें.

राजधानी बैंकाक में मौजूद बीबीसी संवाददाता जोहान फ़िशर ने बताया कि प्रशासन का यह क़दम आश्चर्यजनक है और प्रदर्शनकारी नेताओं द्वारा संघर्ष को भड़काने की संभावना को खत्म कर देने की कोशिश है.

हालांकि यह स्पष्ट नहीं है कि बैरिकेड हटाने की कार्रवाई नीतिगत तौर पर पूरे बैंकाक में लागू की जाएगी.

सोमवार को प्रदर्शनकारी नेता सुथेप के खिलाफ बैंकाक की एक अदालत ने दूसरा गिरफ्तारी वारंट जारी किया था.

पूर्व विपक्षी नेता सुथेप ने रविवार को कहा था कि यिंगलक को दो दिन के अंदर इस्तीफा दे देना चाहिए.

सोमवार को टेलीविजन अपील में यिंगलक ने कहा, ''लोगों की बेहतरी के लिए मैं कुछ भी करने को तैयार हूं और मैं ऐसा चाहती हूं लेकिन प्रधानमंत्री होने के नाते जो भी मैं करूंगी वह संविधान के दायरे में ही होना चाहिए.''

प्रदर्शनकारियों का स्वागत

Image caption बैंकाक में सरकारी इमारतों के बाहर मास्क पहने प्रदर्शनकारियों की मौजूदगी अभी भी बनी हुई है.

जोहान फिशर ने बताया, ''दो सप्ताह से हो रहा प्रदर्शन अब मंद पड़ता जा रहा है. लेकिन यिंगलक चिनावाटा द्वारा प्रदर्शनाकारियों की मांग को खारिज किए जाने के बाद परिस्थितियां अभी भी तनावपूर्ण बनी हुई हैं.''

थाईलैंड में 2010 में हुई हिंसक रैलियों के बाद यह सबसे बड़ा राजनीतिक भूचाल है. इसमें अब तक चार लोग मारे जा चुके हैं.

प्रदर्शनकारियों की मांग को खारिज करते हुए प्रधानमंत्री यिंगलक चिनावाटा ने कहा था कि वो बातचीत के लिए राज़ी हैं, लेकिन सरकार को एक नियुक्त की गई परिषद द्वारा विस्थापित किए जाने की मांग असंवैधानिक है.

मांग

पिछले महीने 24 नवम्बर को शुरू हुआ प्रदर्शन गत शनिवार को हिंसक हो उठा था.

Image caption सरकारी इमारतों के बाहर पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच तीखी झड़प से माहौल तनावपूर्ण है.

पिछले सप्ताह प्रदर्शनकारियों ने पुलिस बैरिकेड को तोड़ने की कोशिश की और प्रधानमंत्री कार्यालय एवं अन्य सरकारी इमारतों को घेर लिया. उन्हें पीछे धकेलने के लिए पुलिस ने आंसू गैस और पानी की बौछारों का इस्तेमाल किया.

प्रदर्शनकारी चाहते हैं कि वर्तमान सरकार को हटाकर एक बिना चुनी हुई 'जन परिषद' की सरकार बनाई जाए.

उनका आरोप है कि यिंगलक सरकार को उनके भाई और अपदस्थ नेता थाकसिन चिनावाटा नियंत्रित कर रहे हैं.

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