'मृत्युशैया से ज़िंदगी की जंग लड़ रहे हैं मंडेला'

नेल्सन मंडेला (फ़ाइल)
Image caption नेल्सन मंडेला को दक्षिण अफ्रीका के लोग प्यार से मदीबा कहते हैं

दक्षिण अफ्रीका के पूर्व राष्ट्रपति नेल्सन मंडेला की बेटी मकाज़िवे मंडेला ने कहा है कि उनके पिता बहादुरी से मौत से लड़ रहे हैं.

मकाज़िवे मंडेला ने कहा कि नेल्सन मंडेला की लड़ाई ‘मृत्युशैया’ से जारी है.

उन्होंने दक्षिण अफ्रीका के सरकारी मीडिया एसएबीसी से कहा कि रंगभेद के ख़िलाफ़ लंबी जंग लड़ने वाले नेल्सन मंडेला 'अभी भी हमारे साथ है, और बहादुरी के साथ मौत का सामना कर रहे हैं.'

उनका कहना है कि मंडेला मृत्युशैया से भी 'हम सभों को ज़िंदगी का सबक़ दे रहे हैं – सबक़ धैर्य का, प्रेम का और सहिष्णुता का'.

घर पर इलाज

95 साल के नेल्सन मंडेला का इलाज उनके घर पर जारी है. उन्हें सितंबर में अस्पताल के छुट्टी दे दी गई. वहां फेफड़ों के संक्रमण के लिए तीन महीने तक उनका इलाज चला था.

जब नेल्सन मंडेला को अस्पताल से छुट्टी मिली थी तो राष्ट्रपति कार्यालय की वेबसाइट पर कहा गया था कि उनकी हालत गंभीर बनी हुई है और वे अभी भी अस्थिर हैं.

बयान में कहा गया था, ''उनके डॉक्टरों की टीम को इस बात का विश्वास है कि उनके घर पर उनकी वैसी ही गहन देखभाल की जाएगी जैसी प्रिटोरिया अस्पताल में की जा रही थी.''

Image caption नेल्सन मंडेला को 27 सालों के क़ैद के दौरान खान में काम करने से फेफड़ो का संक्रमण हुआ था.

रंगभेद के खिलाफ़ संघर्ष के दौरान मंडेला 27 साल जेल में रहे थे और माना जाता है कि जेलों की खदान में काम करने के दौरान ही उनके फेफड़ों में संक्रमण हुआ था.

नेल्सन मंडेला 1994 में पहली बार तब दक्षिण अफ्रीका के राष्ट्रपति चुने गए थे जब वहां के काले लोगों को पहली बार मतदान का अधिकार किया दिया. इसके पांच साल बाद उन्होंने अपना पद छोड़ दिया.

मंडेला 2010 में उस वक्त आखिरी बार सार्वजनिक रूप से देखे गए थे जब दक्षिण अफ्रीका में विश्व कप फुटबॉल का आयोजन किया गया था.

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