अदला-बदली का पता 60 साल बाद चला

  • 7 दिसंबर 2013
मार्टिनो कैरीमंस और ज़ैन कोईवोट्स

मार्टिनो केरीमंस और जैन कोएवीट्स का जन्म फ़रवरी 1953 ब्रेडा के इग्नैटियस अस्पताल में हुआ था लेकिन अस्पताल के कर्मचारियों ने ग़लती से उन्हें बदलकर एक दूसरे की माँ को दे दिया. इस ग़लती का पता चलने के 60 साल बाद दोनों एक दूसरे से मिले.

इस अदला-बदली का पता तब चला, जब केरीमंस की माँ ने मज़ाक में ही कहा कि वो ग़लत बच्चे को घर ले आई थीं. उनकी मौत के बाद केरीमंस ने डीएनए टेस्ट करवाया. डीएनए जाँच से पता चला की केरीमंस का डीएनए उनकी दो बहनों से अलग है.

इसके बाद उनके असली परिवार का पता लगाने के लिए एक स्थानीय रेडियो चैनल ने अभियान शुरू किया.

केरीमंस की तस्वीर देखने के बाद अंतून कोएवीट्स को उनके चेहरे-मोहरे में कुछ समानताएं नज़र आईं, जो उन्हें अपने भाई जैन में नज़र नहीं आती थीं.

डीएनए टेस्ट

इसके बाद उन्होंने जैन को डीएनए टेस्ट के लिए राज़ी किया.

केरीमंस कहते हैं, ''मुझे इस पर बहुत मुश्किल से विश्वास हो रहा है. पहले तो आपको यह भयावह जानकारी मिलती है कि आप जिस माता-पिता के साथ इतने सालों से रह रहे थे, वे आपके असली माता-पिता नहीं हैं. दूसरे आपको अपना जैविक परिवार भी मिल जाता है. अविश्वसनीय.''

जैन कोएवीट्स कहते हैं कि वह इस बात से खुश थे कि एन्नीके, जिसे वह अपनी माँ मानते हुए आए थे उन्होंने ही इस ख़बर को फैलाया. एन्नीके का हाल में ही निधन हो गया है.

वह कहते हैं कि मुझे पूरा विश्वास है कि एन्नीके इस अनुभव से गुजरना पसंद नहीं करतीं. किसी माँ-बाप के लिए इससे बुरा कुछ नहीं हो सकता कि उनका बच्चा किसी और को दे दिया जाए.

कोएवीट्स कहते हैं, "आमतौर पर मैं सभी चीजों पर हँसने का प्रयास करता हूँ लेकिन ये मेरे लिए भी बहुत कठिन है. मैं इससे अंदर तक हिल गया हूँ. मैं इस बात को अधिक प्राथमिकता दूँगा कि ऐसा न हुआ होता. मार्टिनो अपने असली परिवार की तलाश नहीं करते तो बेहतर होता."

सच बन गया मज़ाक

कोएवीट्स यह स्वीकार करते हैं कि उनकी दूसरे परिवार के लोगों से समानता न होना अक्सर टिप्पणियों, यहां तक की मज़ाक का विषय था.

वह कहते हैं,'' मज़ाक में मैं अक्सर कहता था कि संभवत: मैं दूध वाला हूँ. मैं मनाता रहता हूँ कि यह अब भी मज़ाक ही बना रहे. लेकिन इस परिणाम के साथ मैं इससे और अधिक इनकार नहीं कर सकता.''

उनके अनुसार, ''मैं उलझन में हूँ. मेरे पास एक अन्य जैविक परिवार है लेकिन मेरा पुराना परिवार ही मेरा वास्तविक परिवार है.''

जिस अस्पताल में मार्टिनो केरीमंस और जैन कोएवीट्स का जन्म हुआ, अब वह दूसरे नाम से चल रहा है. उस अस्पताल ने 60 साल पहले हुई इस ग़लती के लिए माफी मांग ली है.

अस्पताल के एक प्रवक्ता ने कहा, ''यह दुर्भाग्यपूर्ण है. वर्ष 1953 की फ़रवरी के शुरुआती दिनों में अस्पताल के प्रसूति वार्ड में जो कुछ हुआ, हम उसे अब बदल नहीं सकते हैं. यह अब भी बहुत दु:खद कहानी बनी हुई है.''

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