बेटी ने याद किए मंडेला के आखिरी पल

  • 12 दिसंबर 2013
नेल्सन मंडेला

दक्षिण अफ्रीका के पूर्व राष्ट्रपति नेल्सन मंडेला की बेटी मकाज़िवे मंडेला ने बीबीसी से खास बातचीत में कहा है कि उनके पिता का आखिरी समय बहुत ही 'शानदार' रहा था.

नेल्सन मंडेला का गुरुवार को 95 वर्ष की आयु में निधन हो गया.

मकाज़िवे ने कहा कि नेल्सन मंडेला की मृत्यु के समय उनकी पत्नी ग्रैसा, उनके बच्चे और नाती-पोते उनके पास मौजूद थे.

नेल्सन मंडेला का अंतिम संस्कार राजकीय सम्मान के साथ रविवार को होगा. उनके अंतिम संस्कार तक दक्षिण अफ्रीका में विभिन्न श्रद्धांजलि कार्यक्रम हो रहे हैं.

दुनिया भर से बहुत से वर्तमान और पूर्व राष्ट्राध्यक्ष और सरकारों के प्रमुख मंडेला के अंतिम संस्कार में हिस्सा लेंगे. मंगलवार को होने वाली राष्ट्रीय स्मृति सभा में भी बहुत से लोग मौजूद रहेंगे.

आखिरी विदाई

मकाज़िवे मंडेला के अनुसार नेल्सन मंडेला का आखिरी समय काफी शानदार बीता.

मकाज़िवे ने कहा, "मेरे ख़्याल से उनकी मृत्यु का आख़िरी हफ़्ता बहुत ही अच्छा समय था. आप कह सकते हैं कि उनकी मृत्यु की प्रक्रिया शानदार रही. हमारे वहां रहने की वजह से टाटा (नेल्सन मंडेला) का समय शानदार गुजरा."

उन्होंने बताया, "गुरुवार की सुबह डॉक्टरों ने कहा कि अब वे कुछ नहीं कर सकते. उन्होंने मुझसे कहा कि मका, जो भी इन्हें आखिरी बार देखना चाहता है और विदाई देना चाहता है, उसे बुला लो."

मकाज़िवे ने दिन रात नेल्सन मंडेला की देखभाल करने वाले डॉक्टरों का आभार जताया.

उन्होंने कहा कि उन्हें विश्वास है कि उनके पिता ने न केवल राजनीतिक स्वतंत्रता के लिए, बल्कि आध्यात्मिक स्वतंत्रता के लिए भी संघर्ष किया था.

मंडेला ने दशकों तक दक्षिण अफ्रीका में अल्पसंख्यक गोरे लोगों के नेतृत्व वाली सरकार के खिलाफ संघर्ष किया लेकिन राष्ट्रपति बनने के बाद उनके खिलाफ किसी तरह कटुता की भावना से काम नहीं किया.

मकाज़िवे के अनुसार, "मुझे लगता है कि वो जानते थे कि अगर उन्होंने क्षमा नहीं किया तो वो हमेशा के लिए आध्यात्मिक रूप से कैद रहेंगे."

मकाज़िवे कहती हैं, "हम उनके जीवन से यह सीख ले सकते हैं कि व्यक्ति में क्षमा करने का साहस होना चाहिए. हमारा जन्म दूसरों से नफ़रत करने के लिए नहीं हुआ है. हमें नफरत करना सिखाया जाता है. अगर आप किसी मनुष्य को नफ़रत करना सिखा सकते हैं तो उसे प्रेम करना, गले लगाना और क्षमा करना भी सिखा सकते हैं. "

स्मृति सभा

दक्षिण अफ्रीका की संसद एक विशेष सत्र बुलाकर नेल्सन मंडेला को श्रद्धांजलि देगी. इस विशेष सत्र में मंडेला परिवार से सदस्य संसद दीर्घा में मौजूद रहेंगे.

दक्षिण अफ्रीका के विदेश मंत्रालय के अनुसार 91 देशों के राष्ट्र प्रमुख नेल्सन मंडेला को श्रद्धांजलि देने के लिए दक्षिण अफ्रीका आ रहे हैं. इसके अलावा 10 पूर्व-राष्ट्रप्रमुख, 86 प्रतिनिधि मंडलों के प्रमुख और 75 गणमान्य लोग आ रहे हैं. स्मृति सभा को दक्षिण अफ्रीका के राष्ट्रपति जैकब जुमा संबोधित भी करेंगे.

मंगलवार को होने वाली स्मृति सभा में शामिल होने वालों में अमरीका के राष्ट्रपति बराक ओबामा, फ्रांस के राष्ट्रपति फ्रांसुआ ओलांद, क्यूबा के राष्ट्रपति राउल कास्त्रो और ब्रिटेन के प्रधानमंत्री डेविड कैमरन शामिल हैं. अमरीका के तीन पूर्व-राष्ट्रपति जॉर्ज डब्ल्यू बुश, बिल क्लिंटन और जिमी कार्टर भी इस सभा में शामिल होंगे.

संयुक्त राष्ट्र के महासचिव बान की मून, यूरोपीय संघ के अध्यक्ष जोसे मैनुएल बारोसो, ब्राजील की राष्ट्रपति डिल्मा रूसेफ, फ़लस्तीनी नेता महमूद अब्बास और भारत के राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी भी स्मृति सभा में शामिल होने वालों की सूची में हैं.

इस स्मृति सभा में करीब 95,000 लोगों के शामिल होने की उम्मीद है. यह स्मृति सभा दक्षिण अफ्रीका के सोवेटो स्थित एफएनबी स्टेडियम में होगी. नेल्सन मंडेला ने वर्ष 2010 के फ़ुटबॉल विश्व कप के दौरान इसी स्टेडियम में आखिरी बार सार्वजनिक रूप से देखे गए थे.

रंगभेद विरोधी आंदोलन के प्रमुख नेता पीटर गैब्रिएल और बोनो के भी इस स्मृति सभा में शामिल होने की उम्मीद है.

जनता दर्शन

नेल्सन मंडेला वर्ष 1994 से 1999 तक दक्षिण अफ्रीका के राष्ट्रपति रहे थे.

नेल्सन मंडेला के शव को बुधवार, गुरुवार और शुक्रवार को एक निश्चित समय के लिए जनता दर्शन के लिए रखा जाएगा.

दक्षिण अफ्रीका में 16 दिसंबर को राष्ट्रीय मेल-मिलाप दिवस मनाया जाएगा और राजधानी प्रिटोरिया की यूनियन बिल्डिंग में नेल्सन मंडेला की एक प्रतिमा का अनावरण किया जाएगा.

नेल्सन मंडेला से जुड़े सभी राष्ट्रीय कार्यक्रमों के प्रसारण के लिए पूरे देश में 90 वीडियो स्क्रीन लगाए जाएंगे.

वर्ष 1918 में जन्मे नेल्सन मंडेला दक्षिण अफ्रीका में रंगभेद के खिलाफ़ संघर्ष के दौरान मंडेला 27 साल जेल में रहे थे और माना जाता है कि जेलों की खदान में काम करने के दौरान ही उनके फेफड़ों में संक्रमण हुआ था.

नेल्सन मंडेला वर्ष 1994 में पहली बार तब दक्षिण अफ्रीका के राष्ट्रपति चुने गए थे, जब वहां के काले लोगों को पहली बार मतदान का अधिकार दिया गया.

इसके पांच साल बाद वर्ष 1999 में कार्यकाल पूरा होने के बाद उन्होंने राष्ट्रपति का पद छोड़ दिया.

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