'अमरीका कर सकता है ड्रोन नीति में बदलाव'

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Image caption अमरीकी सरकार का कहना है कि वह ड्रोन हमले बंद नहीं कर सकती है लेकिन इसमें कुछ बदलाव किए जा सकता है.

ड्रोन हमलों को लेकर पाकिस्तान की चिंताओं पर अमरीका के रक्षा मंत्री और पाकिस्तान के अधिकारियों के बीच चर्चा हुई है.

अमरीकी सरकार का कहना है कि वह ड्रोन हमले बंद नहीं कर सकती है लेकिन नीति में कुछ बदलाव किए जा सकते हैं.

अभी तक ड्रोन हमलों की ज़िम्मेदारी अमरीकी ख़ुफ़िया एजेंसी सीआईए के पास थी. अब यह कहा जा रहा है कि ड्रोन हमले की ज़िम्मेदारी पेंटागन में रक्षा मंत्रालय को दे दी जाए.

रिश्तों में तनाव

Image caption अमरीका पाकिस्तान की मदद से तालिबान को बातचीत के लिए तैयार करना चाहता है.

पाकिस्तान और अमरीका के रिश्तों में तनाव को देखते हुए लंबे अरसे के बाद अमरीका के रक्षा मंत्री चक हेगल का पाकिस्तान आना बहुत ही महत्वपूर्ण है. अगले साल अमरीकी फ़ौज की अफ़ग़ानिस्तान से वापसी हो रही है.

अमरीका पकिस्तान से यह आश्वासन चाहता है कि यह वापसी बिना किसी रुकावट के हो. इमरान खान की पार्टी ने लगभग 15 दिन से धरना देकर खैबर पख्तूनख्वां के रास्ते से होकर अफ़ग़ानिस्तान में नाटो सेनाओं के लिए आपूर्ति ले जाने वाले रास्ते को बंद कर रखा है.

नेटो की सप्लाई लाइन पर प्रदर्शनकारियों का क़ब्ज़ा

लेकिन बलूचिस्तान के रास्ते चमन बॉर्डर होकर नाटो सेनाओं के लिए रसद की आपूर्ती हो रही है. अमरीका की चिंता यह है कि यह रास्ता उसे बहुत मंहगा पड़ रहा है.

अमरीका चाहता है कि संयुक्त राष्ट्र की सुरक्षा परिषद के साथ हुए एक समझौते के अनुसार पाकिस्तान अफ़ग़ानिस्तान में नाटो सेनाओं की आपूर्ती में कोई बाधा ना आने दे.

पाकिस्तान की मदद से

इस समझौते में शामिल मुस्लिम देशों का भी यह मानना है कि इस रास्ते में किसी भी अवरोध की अनुमति नहीं मिलनी चाहिए.

अमरीका पाकिस्तान की मदद से तालिबान को बातचीत के लिए तैयार करना चाहता है. अफ़ग़ानिस्तान के राष्ट्रपति हामिद करज़ई के कहने पर तालिबान के दो-तीन प्रमुख नेता रिहा भी किए गए हैं. साथ ही दोबारा तालिबान के नए दफ्तर के सऊदी अरब या क़तर में खुलने पर भी बातचीत हुई. ऐसा लगता है कि वह दोनों देशों के बीच तनाव कम करने के लिए आए हैं.

अमरीका किसी सूरत में नहीं चाहता कि 2014 के अंत तक क्षेत्र में किसी भी तरह का कोई बड़ा मुद्दा हो जिससे उसकी फौज की वापसी में कोई अड़चन आए.

पाकिस्तान सरकार ने अमरीका को खैबर पख्तूनख्वां का रास्ता जल्द खुलवाने का भरोसा दिलाया है.

(समीरात्मज मिश्र की हुई बातचीत पर आधारित)

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