'मंडेला ने मेरी सोच को पूरी तरह बदल दिया'

रोरी स्टेन, दक्षिण अफ्रीका के राष्ट्रपति बनने के बाद मंडेला की सुरक्षा टीम के मुख्य सदस्य थे. उन्हें मंडेला की सुरक्षा के लिए नियुक्त किया गया था.

मंडेला के निधन के बाद उनकी सुरक्षा टीम के सदस्य रोरी स्टेन ने मंडेला से जुड़ी कुछ अनकही यादों को बीबीसी के कार्यक्रम आउटलुक के साथ साझा किया.

आपका जन्म एक गोरे परिवार में हुआ था, बचपन में काले लोगों के बारे में आप क्या सोचते थे? क्या आपको लगता था कि ये लोग दोयम दर्जे के नागरिक हैं?

रोरी कहते हैं, ''मेरा जन्म 1963 में हुआ था. उस समय अफ्रीका में रंगभेद को लेकर संघर्ष छिड़ा हुआ था. लेकिन उस समय मैं एक बच्चा होने के कारण मैं गोरे-काले लोगों में कोई फर्क नहीं समझता था. वे लोग हमारे घरों में काम करते थे.

हमारे लिए खाना पकाने से लेकर हर तरह के काम करते थे. उनके बच्चे भी हमारे घरों में हमारे साथ ही खेलते-कूदते बढ़े होते थे.लेकिन बड़े होने पर जब हमारे स्कूल अलग-अलग होते थे, तब मुझे रंगभेद का यह फर्क समझ आ गया था.''

आपने दक्षिण अफ्रीका की पुलिस फोर्स से जुड़ने के लिए कोई विशेष तैयारी की थी?

दक्षिण अफ्रीका में उस समय स्कूली स्तर पर हर गोरे पुरुष को दो साल के लिए सेना में राष्ट्रीय सेवा करना अनिवार्य होता था. हाईस्कूल के बाद पढ़ाई करने के लिए मेरे माता-पिता के पास पैसा भी नहीं था. हाई स्कूल में मैंने बहुत कम अंक प्राप्त किए थे, क्योंकि मेरा अधिकतर समय रग्बी खेलने में गुजरता था.

इसलिए मैंने रक्षा सेवा से जुड़ने का निर्णय लिया. इसके बाद मैंने डिस्टेंस लर्निंग से अपनी पढ़ाई पूरी की. एक बार मैंने शिक्षक बनने के बारे में सोचा था. लेकिन न चाहते हुए भी मैं दक्षिण अफ्रीका की पुलिस में भर्ती हो गया.

आप जोहानेसबर्ग की पुलिस की विशेष शाखा में कैसे भर्ती हो गए?

मैं अच्छी अंग्रेजी बोलना जानता था और उस समय दक्षिण अफ्रीका में राजनीतिक जागरण, छात्र राजनीति और प्रदर्शन हो रहे थे. अंग्रेजी बोलने के कारण मेरे लिए लोगों को काबू करना और उनसे बात करना आसान होता था.

चूंकि मैं पहले से पुलिस की सेवा कर रहा था इसलिए मुझे इस विशेष पद के लिए चुन लिया गया. मुझे दक्षिण अप्रका की चर्च काउंसिल की सुरक्षा के लिए लगाया गया. मैं बम डिस्पोजेल बम यूनिट का भी सदस्य रहा.

क्या आपको लगता है कि उस समय राषट्रपति द्वारा आईएनसी, पीआईसी कम्युनिस्ट पार्टी जैसे संगठनों पर से बैन हटा लेना गलत फैसला था?और इस बैन से पहले आप नेल्सन मंडेला को किस नजर से देखते थे?

बिल्कुल मेरे हिसाब से उस ये समय एक गलत फैसला था. मुझे यह कहते हुए दुःख होता है कि बैन हटने से पहले मैं मंडेला को अच्छी नजर से नहीं देखता था.

मैं उन्हें एक अपराधी की तरह देखता था. विशेष अपराध शाखा के अधिकतर सदस्यों का उस समय यही मानना था.

जब नेल्सन मंडेला जेल से रिहा हुए और केपटाउन के बड़े मैदान में उन्होंने विशाल जनता को सम्बोधित करते हुए ये कहा कि दक्षिण अफ्रीका सभी सुखी लोगों के रहने की जगह है चाहें वे गोरे हों या काले. क्या मंडेला की इस बात पर उस समय आपको विश्वास था?

नहीं मुझे 'मदीबा' द्वारा विशाल परेड ग्राउंड में कही गई इन बातों पर विश्वास नहीं था क्योंकि रक्षा सेवा में नौकरी और उसके प्रशिक्षण के दौरान हमें यह बताया गया था कि आईएनसी जैसे संगठन जनता के सामने कुछ और दिखाते हैं, जबकि इनकी पृष्ठभूमि इससे एकदम उलट है.

हमें ये बताया गया था कि आईएनसी की विचारधारा कम्युनिस्ट पार्टी की तरह है और वे दक्षिण अफ्रीका पर अपना प्रभुत्व जमाना चाहते हैं.

नेल्सन मंडेला को लेकर आपके विचारों में परिवर्तन आना कब शुरु हुआ?

नेल्सन मंडेला के अफ्रीका के पहले लोकतांत्रिक रूप से निर्वाचित राष्ट्रपति चुने जाने पर, परेड ग्राउंड में उनके भाषण के लगभग चार साल बाद दस मई 1994 को 'मदीबा' के बारे में मेरे विचार बदल गए.

उदघाटन वाले दिन बम डिस्पोजेबल यूनिट का सदस्य होने के नाते मुझे ये संदेश मिला कि नव निर्वाचित राष्ट्रपति नेल्सन मंडेला दक्षिण अफ्रीका और जाम्बिया के बीच होने वाले फुटबॉल मैच में शरीक होने जाने वाले हैं. उन्हें यूनियन बिल्डिंग से एलिस पार्क स्टेडियम के लिए हेलिकॉप्टर से जाना था, और हमें देर हो गयी थी.

स्टेन कहते हैं कि स्टेडियम में लगभग साठ हजार लोगों की भीड़ थी. हम मंडेला के साथ स्टेडियम के पीछे की तरफ उतरे. मंडेला ने दोनों टीमों को बधाई दी और देरी के लिए क्षमा भी मांगी क्योंकि मंडेला कभी देर नहीं करते थे.

इसके बाद मंडेला इंतजार कर रहे 184 देशों के प्रमुखों और उनके प्रतिनिधियों के साथ लंच करने के लिए समय पर पहुँचने के लिए वापस चलने को कहा. उनकी सुरक्षा टीम, जोकि आईएनसी की लिबरेशन टीम के सदस्य थे और मैं उन्हें नहीं जानता था.

प्रीटोरिया पहुँचने पर मंडेला गेट खोलने लगे, तो उनकी सुरक्षा टीम के सदस्य ने उनसे पूछा कि वो क्या कर रहे हैं, मंडेला का जवाब था कि उन्हें नहीं पता. इसके बाद मंडेला को गाड़ी से रिसेप्शन हॉल पहुँचे.

रोरी के मुताबिक इसके बाद मंडेला पैदल ही रिसेप्सन हॉल की तरफ जाने लगे. वो नीली वर्दी पहने पुलिस सदस्यों की तरफ बढ़ रहे थे, उन लोगों को लग रहा था कि पता नहीं मंडेला उनसे किस तरह का व्यवहार करने वाले हैं वो उनकी तरफ क्यों आ रहे हैं.

लेकिन वहाँ पहुँचने पर उन्होंने कहा कि कर्नल मैं आपको बताना चाहता हूँ कि आज से आप दक्षिण अफ्रीका की पुलिस में हैं, और मैं इस देश का राष्ट्रपति. मैं आपको बताना चाहता हूँ कि आज से आप इस देश के पुलिस कर्मी हैं. उनके चेहरे के भाव और उनकी बातों से प्रभावित होकर कर्नल की आँखों से आँसू आ गए. इसके बाद मंडेला ने कर्नल को सांत्वना दी.

मंडेला को चरमपंथी मानने से लेकर उनके सबसे बड़े प्रशंसक बनने तक आपको मंडेला की किन चीजों ने सबसे ज्यादा प्रेरित किया?

उनके राष्ट्रपति बनने और फुटबॉल मैच की शुरुआत के साथ ही उनके प्रति मेरे विचारों में परिवर्तन आने लगा था. मैंने उन्हें बहुत करीब से जानना शुरु कर दिया, उनकी बहुत सी चीजों ने मुझे चकित कर दिया था.

दक्षिण अफ्रीका को एक राष्ट्र के तौर पर स्थापित करने के उनके एजेंडे ने मुझे बहुत प्रभावित किया. वो बिखरे और टूट चुके अफ्रीका को एक साथ लाना चाहते थे.

रोरी कहते हैं कि मंडेला ने महिलाओं की सशक्तिकरण के लिए बहुत से काम किए. उन्होंने महिला नेताओं, स्वयंसेवियों को चाय के लिए आमंत्रित कर महिला सशक्तिकरण के लिए रूपरेखा तैयार की.

ऐसी ही कुछ घटनाओं ने मंडेला के प्रति मेरी सोच को पूरी तरह बदलकर रख दिया.

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