कैसे कैथोलिक चर्च की छवि बदल रहे हैं पोप फ्रांसिस

पोप फ्रांसिस

यौन शोषण एवं अन्य स्कैंडलों की ख़बरों के बीच हालिया दिनों में कैथोलिक चर्च के बारे में अच्छी ख़बरें खोजना मुश्किल काम था लेकिन इस परिस्थिति में नाटकीय बदलाव आया है जिसके सूत्रधार पोप फ्रांसिस हैं. उन्हें हाल ही में टाइम पत्रिका ने 'पर्सन ऑफ द इयर' के ख़िताब से नवाज़ा है.

हमने वेटिकन विशेषज्ञ गेरार्ड ओ कोनेल से बात की और जाना कि क्या बदल गया है.

वेटिकन और कैथोलिक चर्च के लिए पोप फ्रांसिस ईश्वरीय तोहफ़ा बन गए हैं. उनसे पहले चर्च यौन शोषण और वित्तीय अनियमितताओं के आरोपों में घिरा था.

वेटिकन का पतन जारी था और राहत के कोई संकेत नहीं दिख रहे थे लेकिन 28 फ़रवरी को बेनेडिक्ट सोलहवें के इस्तीफ़े और 13 दिन बाद अर्जेंटीना के कार्डिनल जॉर्ज मारियो बर्गोगलियो को पोप बनाने की घोषणा के बाद से हालात बदल रहे हैं.

सेंट पीटर्स की केंद्रीय बालकनी से पहली झलक दिखाने के बाद से ही पोप फ्रांसिस मीडिया में छाए हुए हैं. उन्होंने कई सकारात्मक पहलें की हैं.

दया

वे विकृतियों से ग्रसित लोगों को चूमते नज़र आए, शारीरिक और मानसिक विकलांग लोगों तक पहुँचे, युवा क़ैदियों के पैर चूमे जिनमें एक मुसलमान महिला भी शामिल थी.

तो क्या अब तक के पहले लातिन अमरीकी पोप चर्च के इस नाटकीय परिवर्तन के लिए ज़िम्मेदार हैं या अचानक वेटिकन का नज़रिया मीडिया के प्रति बदल गया है या इसका श्रेय चालाकी से तैयार की गई संवाद रणनीति को दिया जाए?

हमने 53 वर्षीय ग्रेग बर्क से यही सवाल किया. फॉक्स टीवी के पूर्व रिपोर्टर ग्रेग वर्क को वेटिकन ने जुलाई 2012 में अपनी संवाद रणनीति बदलने के लिए अपने साथ जोड़ा था. अंतरराष्ट्रीय मीडिया ने उन्हें हाल ही में वेटिकन के बारे में आम लोगों का नज़रिया बदलने का श्रेय दिया है.

Image caption टाइम पत्रिका ने पोप फ्रांसिस को 2013 के लिए पर्सन ऑफ़ द इयर चुना है.

उन्हें 'पीआर जीनियस' और 'मार्केटिंग माइंड' जैसे संबोधन दिए गए. वे पोप फ्रांसिस को सुर्खियों में लाने और कैथोलिक चर्च को आरोपों के अंधेरे से निकालने के लिए पर्दे के पीछे रणनीतियां तैयार करने में जुटे थे.

पोप का जादू

जब मैंने भी यही राय ज़ाहिर की तो उन्होंने कहा, "मुझे थोड़ा ब्रेक दीजिए. ये पोप फ्रांसिस का जादू है. उन्होंने ही सब कुछ किया है. हमारी एक रणनीति ज़रूर है. हम गेंद पोप फ्रांसिस के पाले में डाल देते हैं और वे उसे गोल में पहुँचा देते हैं."

उन्होंने दो ऐसे उदाहरण दिए जब बेहद कम समय में पोप फ्रांसिस पहल करने के लिए तैयार हो गए और उन्होंने गोल दाग दिए.

अफ़्रीका और मध्य पूर्व के शरणार्थियों की दुर्दशा को प्रकाश में लाने के लिए वे लम्पेदूज़ा गए और युद्ध और ग़रीबी के कारण अपना देश छोड़ने को मजबूर आप्रवासियों से मिले. इन आप्रवासियों की नाव इतालवी तट के नज़दीक डूब गई थी जिसमें सैकड़ों आप्रवासी मारे गए थे.

साथ ही उन्होंने सीरिया में शांति के लिए पहल की. जब अमरीका सीरिया पर हमले की तैयारी कर रहा था तब उन्होंने एक दिन का उपवास रखा. बर्क कहते हैं कि ये उनके अपने विचार थे, हमने सिर्फ़ मीडिया तक इन्हें पहुँचाने में मदद की.

ईसा मसीह का संदेश लोगों तक पहुँचाने के लिए पोप फ्रांसिस शब्दों से ज़्यादा कार्यों में यक़ीन रखते हैं. कई बार तो वेटिकन भी उनके प्यार, करुणा और दयालुता के प्रदर्शन के लिए पूरी तरह तैयार नहीं होता है.

बर्क कहते हैं, "हम नहीं जानते कि वे आगे क्या करने वाले हैं."

बर्क सवाल करते हैं, "क्या आपको लगता है कि हमने पोप फ्रांसिस से कहा था कि वे विकृत व्यक्ति को चूमें या उस पाँच साल के बच्चे को दुलार दें जो उनके भाषण के दौरान क़रीब आ गया था.?"

दरअसल बर्क सेंट पीटर्स स्क्वायर में हुई कुछ हालिया घटनाओं का हवाला दे रहे थे. इन घटनाओं को टीवी के ज़रिए दुनिया भर में दिखाया गया था.

पोप फ्रांसिस के प्रभाव ने न सिर्फ़ नई उम्मीदों को जन्म दिया है बल्कि कैथोलिक चर्च में बदलाव की लोगों आकाँक्षाओं को भी प्रबल किया है.

वेटिकन के अधिकारियों को लगता है कि नए हमलों में पोप की यह जादुई चमक कम हो सकती है. ऐसा ही एक हमला हालिया दिनों में हुआ जब वेटिकन पर बाल अधिकारों को लेकर बनी संयुक्त राष्ट्र की समिति को सही से जवाब न देने के आरोप लगे.

ऐसी ही घटनाओं से सबक लेकर अब वेटिकन संवाद रणनीति बना रहा है ताकि भविष्य में ऐसी चुनौतियों से सही से निबटा जा सके.

ढांचागत बदलाव

कई लोगों को लगता है इसके लिए ढांचागत बदलावों की भी ज़रूरत होगी. वेटिकन की सामाजिक संवाद परिषद के मुखिया आर्चबिशप क्लॉडिया मारिया सेली भी इस बात को स्वीकारते हैं.

वह कहते हैं कि सोशल मीडिया और अंतरराष्ट्रीय ब्रॉडकास्टरों से संबंधों को संभालने वाले उनके दफ़्तर के साथ-साथ वेटिकन की मीडिया की कई स्वतंत्र शाखाएं भी हैं.

प्रेस ऑफ़िस, वेटिकन रेडियो और 45 भाषाओं में प्रसारित होने वाली ब्रॉडकास्ट सेवा के साथ-साथ 150 साल पुराना रोज़ाना और कई भाषाओं में प्रकाशित होने वाला साप्ताहिक अख़बार ले ओसरवेटोर रोमाने और वेटिकन टीवी भी है.

ये सभी कुछ हद तक एक दूसरे का सहयोग ज़रूर करते हैं लेकिन ये अच्छी तरह से समन्वित, पूरी तरह से एकीकृत मीडिया ऑपरेशन नहीं है. लेकिन अगले दो साल के दौरान इसमें बदलाव आ सकता है क्योंकि पोप फ्रांसिस वेटिकन के लिए एक सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय के गठन की घोषणा कर सकते हैं.

फिलहाल तो आर्चबिशप सेली कहते हैं कि मीडिया दफ़्तर में 'सामना करने की संस्कृति' को बढ़ावा दिया जा रहा और पोप फ्रांसिस पारदर्शिता के साथ साथ 'टकराव के विचार' को नकारने पर ज़ोर दे रहे हैं. फ्रांसिस ने राह प्रकाशित की है लेकिन देखना यही है कि वेटिकन की टीम उनका कितना अनुसरण कर पाती है.

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