मिस्र: मोहम्मद मोर्सी पर 'आतंकवाद' के आरोप

मिस्र के अपदस्थ राष्ट्रपति मोहम्मद मोर्सी के ख़िलाफ़ जिन आरोपों में मुकदमा चलेगा, उनमें विदेशी संगठनों के साथ मिलकर 'आतंकवादी गतिविधियों के लिए षडयंत्र रचना' शामिल है.

अभियोजन पक्ष का कहना है कि मोर्सी ने फलस्तीनी चरमपंथी संगठन हमास और लेबनान के हिजबुल्लाह गुट से गठजोड़ किया.

मोहम्मद मोर्सी के अलावा 34 दूसरे लोगों पर भी अभियोग लगाए गए हैं, जिनमें मोर्सी के पूर्व सहयोगी और मुस्लिम ब्रदरहुड के नेता शामिल हैं.

इस साल जुलाई में सेना ने उन्हें सत्ता से हटाया. मोर्सी पर हत्या और हिंसा के मामलों में पहले से ही मुक़दमा चल रहा है.

कसता शिंकजा

अधिकारियों ने मोर्सी और हज़ारों मुस्लिम ब्रदरहुड नेताओं को यह कहते हुए हिरासत में ले लिया था कि 'आतंकवाद के खिलाफ संघर्ष' के तहत ऐसा किया जा रहा है.

इस दौरान सुरक्षा बलों के साथ हुए संघर्ष में सैकड़ों लोग मारे गए.

बीते महीने मोर्सी पर इस अभियोग की सुनवाई शुरू हुई थी. उन पर दिसंबर 2012 में राष्ट्रपति भवन इत्तिहादिया के सामने अपने समर्थकों और विरोधी प्रदर्शनकारियों के बीच हुए संघर्ष भड़काने का आरोप है.

इस घटना में कम से कम सात लोगों की मौत हो गई थी.

ओसामा का संदेह

मोर्सी के ख़िलाफ सुनवाई को 8 जनवरी तक के लिए स्थगित कर दिया गया है, लेकिन उन्हें धोखाधड़ी के एक दूसरे मामले की सुनवाई के लिए 23 दिसंबर को हाज़िर होना है.

ये मामले ब्रदरहुड के आर्थिक और सामाजिक कार्यक्रमों से संबंधित हैं.

इस महीने की शुरुआत में गृह मंत्रालय ने कहा था कि वो अब मोर्सी के परिवार और उनके वकील को जेल में उनसे मिलने की इजाजत नहीं देगा.

मोर्सी के पुत्र ओसामा ने कहा कि इस फ़ैसले के बाद उन्हें संदेह है कि उनके पिता को अलेक्जेंड्रिया की बुर्ज अल-अरब जेल से किसी अज्ञात स्थान पर ले जाने की योजना है.

(बीबीसी हिन्दी के एंड्रॉएड ऐप के लिए यहां क्लिक करें. आप हमें फ़ेसबुक और ट्विटर पर भी फ़ॉलो कर सकते हैं.)

संबंधित समाचार