अमरीका: निगरानी रोक पाएंगे ये 46 उपाय?

  • 19 दिसंबर 2013
Image caption अमरीकी अदालत ने भी एनएसए के निगरानी कार्यक्रमों को गैरक़ानूनी करार दिया है.

अमरीकी खुफिया एजेंसी एनएसए के निगरानी कार्यक्रमों पर नियंत्रण रखने के लिए अमरीकी सीनेट की एक समिति ने कुछ सुझाव दिए हैं.

पांच सदस्यीय समिति ने अपने 46 सुझावों में कहा है कि एनएसए फोन कंपनियों से भारी तादाद में आंकड़े लेना बंद करे.

दुनिया के पैमाने पर इलेक्ट्रॉनिक निगरानी का राज एनएसए में काम कर चुके एक पूर्व कर्मचारी एडवर्ड स्नोडेन ने खोला था.

तबसे अमरीका ही नहीं पूरी दुनिया में विरोध प्रदर्शन हो रहे हैं.

हाल ही में संघीय अदालत ने इस कार्यक्रम को गैरक़ानूनी करा दिया था जिसके बाद इस पर पुनर्विचार के लिए एक समिति का गठन किया गया था.

जनता का विश्वास जरूरी

इंटेलिजेंस एवं कम्युनिकेशन टेक्नोलॉजी मामले की समिति ने अपनी 308 पृष्ठों की रिपोर्ट को फॉरेन इंटेलिजेंस सर्विलांस कोर्ट (एफआईएससी) को सौंपा है.

एफआईएससी एक संघीय अदालत है जो राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े संवेदनशील मुद्दे देखती है.

रिपोर्ट में कहा गया है कि एजेंसी को तभी फोन डाटा इकट्ठा करने की इजाज़त होनी चाहिए जब यह किसी ख़ास अंतरराष्ट्रीय आतंकवाद की जांच से संबंधित हो.

इसके अलावा ऐसा तभी किया जाय जब इसमें तर्कसंगत संभावना दिखे.

इसमें एनएसए के पास लंबे समय तक बड़े पैमाने पर आंकड़े रखने की भी इजाजत न देने की सलाह दी गई है.

अंकुश

राष्ट्रीय सुरक्षा के नाम पर वित्तीय और फोन रिकॉर्ड की मांग वाले पत्रों को भी सीमित किए जाने का सुझाव है.

इन पत्रों से प्रशासन को अदालत की अनुमति नहीं लेनी पड़ती.

सबसे अहम सुझाव है कि एजेंसी को पहले किसी न्यायिक जाँच के आधार पर ये दिखाना होगा कि मांगी गई जानकारी का आधार तर्कसंगत है.

स्नोडेन जब एनएसए की अंदरूनी जानकारियां लीक करने लगे थे उसके बाद भारी दबाव में अमरीकी राष्ट्रपति बराक ओबामा ने गत अगस्त में इस समिति का गठन किया था.

आशंका

समिति ने लिखा है, ''निजता और मानवाधिकार के प्रति लंबे समय से हमारी प्रतिबद्धता को ध्यान में रखते हुए ये सुझाव ऐसे हैं जो राष्ट्रीय सुरक्षा की रक्षा करेंगे और हमारी विदेश नीति में सुधार करेंगे.''

हालांकि यह स्पष्ट नहीं है कि समिति के कितने सुझाव ओबामा प्रशासन द्वारा स्वीकार किए जाएंगे क्योंकि जासूसी एजेंसियों द्वारा इसका तीखा विरोध किए जाने की आशंका है.

Image caption पूर्व एनएसए निदेशक माइकल हेडेन ने भी सुधार को जरूरी बताया है.

एनएसए के पूर्व निदेशक माइकेल हेडेन ने बीबीसी से कहा, ''इसे ज्यादा लोकतांत्रिक बनाना इसकी क्षमता में कमी करेगा..लेकिन मेरा मानना है कि यदि हम ऐसा नहीं करते हैं तो अमरीकी जनता हमें ऐसा करने नहीं देगी.''

व्हाइट हाउस के प्रवक्ता जे कार्ने ने कहा कि समिति की रिपोर्ट जल्द ही जारी की जा रही है. हालांकि इसे जनवरी में जारी किया जाना था.

संयुक्त राष्ट्र

इस बीच संयुक्त राष्ट्र महासभा में इंटरनेट उपभोक्ताओं के निजता की रक्षा संबंधी एक प्रस्ताव पास किया गया है.

प्रस्ताव के अनुसार, सामान्य नागरिकों की तरह ही इंटरनेट उपभोक्ताओं की निजता की भी रक्षा की जाए.

यह प्रस्ताव बाध्यकारी नहीं है लेकिन नैतिक और राजनीतिक रूप से इसका महत्वपूर्ण असर हो सकता है.

ओबामा के हवाले से व्हाइट हाउस ने कहा कि अमरीका अपने निगरानी कार्यक्रम इस तरह चलाता है जिससे राष्ट्रीय हितों की रक्षा की जा सके. विदेश नीति, निजता और मानवाधिकार को मदद पहुंचाने का उद्देश्य भी अहम होता है.

गत सोमवार को वाशिंगटन डीसी की एक संघीय अदालत ने अमरीकी नागरिकों के फोन कॉल्स को इकट्ठा किए जाने को गैरक़ानूनी करार दिया था.

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