पाकिस्तानः उत्तरी वजीरिस्तान में 'भारी संघर्ष'

उत्तरी वजीरिस्तान

सेना के सूत्रों के अनुसार उत्तरी वजीरिस्तान के कबायली इलाके में सुरक्षा बलों और चरमपंथियों के बीच भारी संघर्ष जारी है. इस संघर्ष में तोपों और जंगी हवाई जहाजों का इस्तेमाल किया जा रहा है.

सेना ने अपने एक बयान में कहा है कि बुधवार को रात भर में इस संघर्ष में कम से कम 23 चरमपंथी मारे गए हैं मगर स्वतंत्र सूत्रों से इन आंकड़ों की कोई पुष्टि अब तक नहीं हुई है.

बुधवार को कहा गया था कि चरमपंथियों द्वारा पांच सैनिक मारे गए हैं.

मंगलवार को पाकिस्तानी तालिबान के मुखिया मुल्ला फजलुल्लाह ने सरकार के साथ किसी भी शांति वार्ता की संभावना से इंकार किया था.

नमाज पढ़ रहे थे

पाकिस्तानी तालिबान मुखिया ने पाकिस्तान के सुरक्षा बलों पर हमले जारी रखने की कसम खाई है क्योंकि सेना वजीरिस्तान में एक अभियान शुरू करने जा रही है.

सेना के सूत्रों ने गुरुवार को कहा कि बुधवार की रात सुरक्षा बलों के साथ हुई गोलीबारी में 23 चरमपंथी मारे गए हैं.

उन्होंने बताया, "चरमपंथियों ने खजूरी चेकपोस्ट से वापस लौट रहे सुरक्षा बलों के एक काफिले पर घातक हमला करने की कोशिश की."

"यह काफिला एक दिन पहले हुए आत्मघाती हमले में घायल सैनिकों को बचाने गया हुआ था. ये सैनिक चेकपोस्ट पर स्थित एक मस्जिद में नमाज पढ़ रहे थे."

"सुरक्षा बलों ने बहादुरी से इस हमले का जवाब दिया. उन्होंन भाग रहे चरमपंथियों को घेर कर उन पर हमले किए. गोलीबारी कुछ समय तक चलती रही. उस इलाके में अभी तलाशी अभियान चल रही है. "

बड़े पैमाने पर विस्थापन

स्थानीय लोगों का कहना है कि मार अली क्षेत्र में सेना और चरमपंथियों के बीच तोप से हो रहे हमलों में दो नागरिक मारे गए हैं और कई घरों को नुकसान पहुंचा है.

उन्होंने बताया कि सेना द्वारा कर्फ्यू लगाए जाने और लगातार गोलीबारी के कारण स्थिति इतनी खराब है कि घायल लोगों को अस्पताल तक पहुंचाना दुश्वार हो रहा है.

इस्लामाबाद में बीबीसी के एम इलियास खान ने बताया कि उत्तरी वजीरिस्तान में अपेक्षाकृत शांति के कई सालों के बाद हिंसा की ये घटना सामने आ रही हैं. इसके बाद यहां के बाशिंदों को ये आशंका सता रही है कि कहीं यहां व्यापक जमीनी कार्रवाई न शुरू हो जाए.

उन्हें डर है कि ऐसी कार्रवाई में बड़े पैमाने पर लोगों को विस्थापित किया जा सकता है.

पहचान से बचने के लिए

सैन्य सूत्रों के मुताबिक बुधवार को चरमपंथियों ने उत्तरी वजीरिस्तान स्थित महत्वपूर्ण खजूरी चेकपोस्ट पर विस्फोटकों से लदी ट्रक लेकर आए. इसके बाद हुए संघर्ष में पांच सैनिक मारे गए और 20 से ज्यादा घायल हुए.

लोगों के बीच कम जाने जाने वाले चरमपंथी समूह अनसारुल मुजाहिद्दीन का कहना है कि इन हमलों के पीछे उसके समूह का हाथ है. विश्लेषकों का मानना है कि पहचान से बचने के लिए पाकिस्तान और विदेशी चरमपंथी समूह कई बार अपरिचित नामों का इस्तेमाल करत हैं.

अनसारुल मुजाहिद्दीन पर आरोप है कि उन्होंने केपी प्रांत में में पोलियोविरोधी अभियान नहीं चलाने की पाकिस्तान तहरीके इंसाफ (पीटीआई) पार्टी के नेताओं और पूर्व अंतरराष्ट्रीय क्रिकेटर इमरान खान को धमकी भी दी थी.

पाकिस्तान तालिबान पोलियो टीकाकरण अभियान का विरोध करता रहा है. उन्हें इसके पीछे अंतरराष्ट्रीय जासूसी का शक होता है.

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