कौन हैं देवयानी के ख़िलाफ मुकदमा लड़ने वाले प्रीत भरारा?

  • 20 दिसंबर 2013
प्रीत भरारा

न्यूयॉर्क के दक्षिणी ज़िले के अमरीकी वकील प्रीत भरारा भारतीय राजनयिक देवयानी खोबरागड़े का मामला देख रहे हैं. देवयानी पर घरेलू नौकरानी का शोषण करने, अधिक घंटे तक काम कराने और धोखा देकर वीज़ा दिलाने के आरोप हैं.

शायद भारत में प्रीत भरारा का नाम कम ही लोगों ने सुना होगा और उनके सख्त रवैये के बारे में इक्के दुक्के लोग ही जानते होंगे लेकिन अमरीकियों के लिए वो एक जाने-पहचाने चेहरे हैं.

लेकिन ये प्रीत भरारा हैं कौन? और इनका नाम एक भारतीय जैसा क्यों लगता है जबकि वो अमरीकी नागरिक हैं?

(वो चार सवाल जिनके जवाब नहीं मिले)

उनका नाम इसलिए भारतीय है क्योंकि उनके माता पिता पंजाब के फिरोज़पुर ज़िले के हैं और जब भरारा केवल दो साल के थे तो वो अमरीका चले गए थे.

राष्ट्रपति बराक ओबामा ने चार साल पहले जिन 93 सरकारी वकीलों की नियुक्ति की थी उनमें से एक प्रीत भरारा भी थे.

उन्होंने भी राष्ट्रपति ओबामा की तरह कोलंबिया लॉ स्कूल और हार्वर्ड से क़ानून कि पढ़ाई की है.

एक ही जैसा सलूक

प्रीत भरारा ने अपनी नियुक्ति के बाद जल्द ही ये साबित कर दिया कि वो बड़े या छोटे सभी अपराधियों के साथ एक ही जैसा सलूक करते हैं.

क्योंकि वो न्यूयॉर्क के दक्षिणी ज़िले के अमरीकी अटार्नी हैं जिसमें समृद्ध माने जाने वाले वॉल स्ट्रीट और जगमाते मैनहटन जैसे इलाक़े आते हैं इसीलिए उन्हें बेहद हाई प्रोफाइल मामले देखने पड़ते हैं.

इसे केवल इत्तेफ़ाक़ ही कहें कि भारतीय मूल के प्रीत भरारा के ज़िम्मे अक्सर हाई प्रोफाइल भारतीयों और दक्षिण एशियाई लोगों के ही मामले आ रहे हैं.

अब तक प्रीत भरारा ने जो सब से हाई प्रोफाइल मामला देखा है वो है रजत गुप्ता के वित्तीय धोखाधड़ी का मामला और उन्होंने रजत गुप्ता को दो साल की जेल की सज़ा दिलवाकर ही दम लिया.

रजत गुप्ता भी भारत के हैं. इसका कोई असर प्रीत भरारा पर नहीं हुआ.

('देवयानी को कॉफी पिलाई गई थी')

गुप्ता अमरीकी वित्तीय दुनिया की जानी मानी हस्ती थे और मैकेंज़ी जैसी संस्था के कर्ताधर्ता रह चुके थे.

रजत गुप्ता के दोस्त और श्रीलंका मूल के राज राजरत्नम को भी वो इसी मामले में दस साल से ऊपर की सज़ा दिलाने में वो सफल रहे.

दो टूक अंदाज़

इसी तरह पाकिस्तानी चरमपंथियों खालिद शेख मोहम्मद और फैसल शहज़ाद के मामले भी प्रीत भरारा के ज़िम्मे आए और उन्होंने इन मामलों को अपने दो टूक अंदाज़ में निभाया और सबकी वाहवाही लूटी.

अमरीका में आम राय ये है कि प्रीत भरारा एक ऐसे सरकारी वकील हैं जिनकी नज़रों में कोई भी बड़ा और ताक़तवर नहीं है.

क़ानून के सामने सभी बराबर हैं. उन्होंने एक समय सूरीनाम के राष्ट्रपति के बेटे के ख़िलाफ़ भी मुक़दमा ठोका था.

(देवयानी मामले में अमरीका ने फंसाया नया पेंच)

प्रीत भरारा भले ही स्वदेश के लोगों पर कोई दया नहीं करते लेकिन उनकी टीम में उनके भारतीय मूल की छाप ज़रूर है. उनकी टीम में संजय वाधवा और अनजान साहनी ख़ास नाम हैं.

वाधवा ने गुप्ता के ख़िलाफ़ जांच की थी जबकि साहनी ने चरमपंथी मामले की जांच का नेतृत्व किया था. प्रीत भरारा 1968 में फिरोज़पुर में पैदा हुए थे.

उनके पिता सिख हैं जबकि माता हिन्दू. उन्होंने एक फलस्तीनी यहूदी से शादी की है.

पिछले साल टाइम मैगज़ीन ने उन्हें दुनिया के 100 सबसे शक्तिशाली हस्तियों में शामिल किया था.

(बीबीसी हिन्दी के एंड्रॉएड ऐप के लिए आप यहां क्लिक कर सकते हैं. आप हमें फ़ेसबुक और ट्विटर पर फ़ॉलो भी कर सकते हैं.)

संबंधित समाचार