पोप फ़्रांसिस के क्रिसमस संबोधन में शांति की अपील

पोप फ्रांसिस

कैथोलिक ईसाइयों के सर्वोच्च धार्मिक नेता पोप फ्रांसिस ने अपने पहले क्रिसमस संबोधन में सीरिया में सहायता पहुंचाने की बात कही है.

उन्होंने वेटिकन के सेंट पीटर्स चौक पर जमा हज़ारों श्रद्धालुओं से कहा कि वे प्रार्थना करें कि सीरिया और दुनिया के बाकी हिस्सों में हो रही हिंसा ख़त्म हो जाए.

पोप ने ये भी कहा कि यूरोप पहुंचने की कोशिश कर रहे प्रवासी जिस तरह की दुर्घटनाओं का शिकार हुए, वो त्रासदियां फिर से न हों.

बुधवार को दुनिया भर में ईसाई क्रिसमस का त्यौहार मना रहे हैं.

ये लगातार तीसरा साल है जब सीरिया में चल रहा संघर्ष क्रिसमस संबोधन का मुख्य विषय था.

Image caption पोप ने मध्य पूर्व और अफ़्रीका में चल रहे संघर्षों के शांतिपूर्ण समाधान की बात कही.

संबोधन में 77 साल के पोप फ्रांसिस ने कहा, "हाल के समय में सीरिया में संघर्ष में बहुत सारी ज़िंदगियां तबाह हुई हैं जिससे नफ़रत और बदले की भावना फैली है. हमें प्रभु से प्रार्थना करनी चाहिए कि सीरियाई लोगों को और दुख न पहुंचे."

पोप ने इराक़ में शांति और इसरायल और फलस्तीनियों के बीच बातचीत की कामयाबी की कामना भी की.

पोप के संबोधन का एक और केंद्र अफ़्रीका में चल रहे संघर्ष भी रहा.

Image caption पोप फ्रांसिस क्रिसमस के मौके पर सेंट पीटर्स बेसिलिका की बालकनी से हज़ारों ईसाई अनुयायियों को संबोधित कर रहे थे.

पोप ने ''हिंसा और ग़रीबी से जूझ रहे'' सेंट्रल अफ़्रीकन रिपब्लिक में चल रहे संघर्ष को ''अक्सर नज़रअंदाज़ और भुला दी जानी वाली हिंसा'' बताया.

उन्होंने कांगो में चल रही लड़ाई के ख़त्म होने और दक्षिण सूडान में सामाजिक सदभाव कायम करने पर भी ज़ोर दिया.

इससे पहले मंगलवार की शाम हज़ारों लोग इसरायल में बेथलैहम के मैंगर स्कॉयर पर क्रिसमस से पहली शाम के आयोजन में शामिल हुए.

मान्यता है कि इस चौक के पास स्थित चर्च ऑफ़ नेटिविटी में वो जगह है जहां ईसा मसीह का जन्म हुआ था.

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