लॉकरबी कांडः 24 साल बाद मौत का पता चला

  • 27 दिसंबर 2013
कैरल
Image caption कैरल ने 19 साल की उम्र में केनेथ को जन्म दिया और फिर उससे कभी नहीं मिलीं.

कैरल किंग-एकर्सली के बेटे की मौत 1988 में लॉकरबी बम कांड में हो गई थी मगर उन्हें उस मौत के बारे में पता 2013 में चला.

1988 में पैन-ऐम की एक उड़ान में स्कॉटलैंड के लॉकरबी के ऊपर ही बम विस्फोट हुआ था, जिसमें 270 लोग मारे गए थे.

कैरल के पति की जब पिछले साल मौत हो गई तो दुख से उबरने के लिए उन्होंने काउंसलिंग का सहारा लिया और उसी दौरान उन्होंने अपने उसे बेटे को तलाश करने का निर्णय लिया, जिसे 19 साल की उम्र में पैदा करने के बाद कैरोल ने छोड़ दिया था.

वह बेटे का नाम जानती थीं लेकिन 45 वर्षों तक उन्होंने उसे न खोजने और उसकी जिंदगी में दखल न देने का अपना वादा निभाया था.

जब उन्होंने इंटरनेट पर खोज शुरू की तो काफी पहले दूर हुए अपने बेटे से मिलने की उनकी आस टूट गई. विमान बम हमले के 25 साल बाद, उन्हें उसका नाम मिला लॉकरबी कांड की याद में बनाए गए एक पन्ने पर.

हमेशा के लिए खो दिया

Image caption 1988 में हुए लॉकरबी कांड में विमान में सवार सभी 270 लोग मारे गए थे.

वह कहती हैं, ''उस घटना में 270 लोग मारे गए. उसमें से मेरा इकलौता बच्चा भी था और मैं पिछले अप्रैल तक इस बारे में जानती भी नहीं थी.''

''यह मेरे लिए दोहरे सदमे की तरह बन गया. मैंने उसे दोबारा जिस क्षण पाया उसी वक्त उसे हमेशा के लिए खो दिया.''

उनका बेटा केनेथ बिसेट कॉर्नेल विश्वविद्यालय से निकल कर लंदन के सिराकस विश्वविद्यालय में पढ़ाई कर रहा था.

केनेथ को हादसे से कुछ दिन पहले ही घर के लिए विमान से जाना था लेकिन कुछ दोस्तों ने उनके 21वें जन्मदिन पर पार्टी रखी थी इसलिए वह लंदन में ही रुक गए थे.

उन्होंने 21 दिसम्बर 1988 को लंदन से न्यूयॉर्क के लिए पैन-ऐम फ्लाइट 103 पकड़ी और इसमें स्कॉलैंड के लॉकरबी शहर के ऊपर विस्फोट हो गया.

इस हादसे में सभी यात्री और कर्मचारियों समेत जमीन पर भी 11 लोग मारे गए थे.

कैरल कहती हैं, ''किसी अपने के जाने का दुख बहुत बड़ा होता है. हालांकि भले ही वह ख़ुद कभी मेरे पास नहीं था लेकिन मेरे दिल में उसकी याद सदा बनी रही. मैं उसके बारे में लगभग हर रोज़ ही सोचती थी.''

वह कहती हैं कि उसे गोद लेने वाले अभिभावकों- फ़्लोरेंस और जॉन के दुख की तो वह कल्पना भी नहीं कर सकतीं.

फ्लोरेंस और जॉन की मृत्यु हो चुकी है.

कैरल के मुताबिक़, ''मैंने कुछ दिन पहले ही पहली बार उसके बचपने की तस्वीर देखी. पीले रंग के कंबल में लपेटकर वकील को उसे उसके नए माँ-बाप को सौंपते देखने के अलावा मैंने उसे कभी नहीं देखा था.''

प्रतिष्ठा की खातिर गोद दे दिया

एक स्कूल के प्रिंसिपल की बेटी कैरल किंग 1967 में गर्भवती हो गई थीं. कैरल ने बताया कि अपनी नहीं बल्कि अपने पिता की प्रतिष्ठा बचाने के लिए उन्होंने बच्चे को गोद दे दिया.

Image caption केनेथ को हादसे के कुछ दिन पहले ही घर लौटना था लेकिन जन्मदिन मनाने के कारण वो लंदन में ही रुक गए.

उस दौर में यह सोचा जाता कि जो प्रिंसिपल अपनी बेटी को विवाह से पहले गर्भवती होने से नहीं रोक सकते वह अन्य बच्चों की रक्षा कैसे कर सकते हैं.

अंतिम समय जब उन्होंने केनेथ को देखा तो उनके वकील गोद लेने की कानूनी प्रक्रिया पूरी कर रहे थे.

उस समय वह अस्पताल से अपनी बहन के घर ले जाई जा रही थीं. गर्भावस्था के दौरान वह वहीं रही थीं.

वह घर पहुँचकर उतर गईं मगर उनका बेटा उसी कार में रह गया.

वह कहती हैं, ''कार की अगली सीट पर कंबल में लिपटे बच्चे को देखकर बस मैं यही दुआ कर रही थी कि वह न रोए.''

''मैं जानती थी कि यदि वो रोया तो मैं अपने आपको रोक नहीं पाउंगी. मैंने कभी उसे अपनी गोद में नहीं लिया लेकिन अब मैं उसके लिए मातम मना रही हूं.''

पिछले अक्तूबर में वो न्यूयॉर्क स्टेट यूनिवर्सिटी के वर्षिक कार्यक्रम में शामिल हुईं थीं जहां लॉकरबी में मारे गए लोगों की याद में स्मृति सप्ताह मनाया जा रहा था.

जन्म के बाद कभी नहीं मिलीं

इस घटना में विश्विद्यालय ने 35 होनहार विद्यार्थियों को खो दिया था.

Image caption कैरोल किंग की 1960 के दशक की तस्वीर.

इस शोक सभा में शामिल होने के बाद उन्हें अपने बेटे के परित्याग के दंश का अहसास बढ़ गया. उन्होंने बताया कि उन्हें उन लोगों के साथ शामिल होने में काफी अजीब लगा जो मारे गए बच्चों के अभिभावक थे.

हालांकि उनकी बहन ने उन्हें सांत्वना दी और अन्य अभिभावकों के साथ उन्हें वहां ले गईं. और उन्हें वहां जाकर एक जुड़ाव महसूस हुआ.

सिराकस मेमोरियल में उन्हें अपने बेटे के मित्र मिले जिन्होंने उसके साथ बिताए दिनों की यादें साझा कीं.

''जो कुछ मैने सुना और पढ़ा उससे मुझे लगा कि वह एक बुद्धिमान और बहुत हंसमुख नौजवान था.''

यादें रह गईं

केनेथ के चचेरे भाई ने बताया कि, लॉकरबी के 18 महीने पहले गल्फ क्षेत्र में पेट्रोलिंग कर रहे एक अमरीकी जहाज ने एक ईरानी पैसेंजर जेट को मार गिराया था. तब केनेथ ने अपने दत्तक माता पिता से कहा था कि इसकी कीमत हमें चुकानी पड़ेगी.

कैरोल को बाद में कोई बच्चा नहीं हुआ और उन्हें अपने पति के बच्चे को ही अपनाया. वो कहती हैं उसे अपने भाई से मिलाने की बहुत इच्छा थी लेकिन अब यह संभव नहीं है.

इतने सालों तक वो केनेथ की मृत्यु से अनभिज्ञ रहीं और उन्होंने लगातार यही सपना देखा कि वो एक दिन अपने बच्चे से जरूर मिलेंगी.

(बीबीसी हिंदी का एंड्रॉयड मोबाइल ऐप डाउनलोड करने के लिए क्लिक करें. आप ख़बरें पढ़ने और अपनी राय देने के लिए हमारे फ़ेसबुक पन्ने पर भी आ सकते हैं और ट्विटर पर फ़ॉलो भी कर सकते हैं.)

संबंधित समाचार