अंटार्कटिका की बर्फ़ में फंसा रूसी जहाज़

रूसी जहाज़ एमवी अकादेमिक शोकाल्स्की

अंटार्कटिका में पिछले मंगलवार से फंसे एक रूसी शोध जहाज़ को निकालने के कार्य में ख़राब मौसम की वजह से दिक्कत आ रही है.

बर्फ़ तोड़कर जहाज़ तक पहुंचने की कोशिश कर रहे एक ऑस्ट्रेलियाई जहाज़ को वापिस लौटना पड़ा है.

'अकादेमिक शोकाल्स्की' नाम के जहाज़ पर मौजूद बीबीसी संवाददाता एंड्रयू लक-बेकर का कहना है कि वहां तेज़ आंधी चल रही है और साफ़ दिखाई नहीं दे रहा है. जहाज़ बर्फ़ की दीवार से घिरी हुई है, जो लगभग तीन मीटर मोटी है.

इससे पहले जहाज़ तक पहुंचने की चीनी और फ्रांसिसी जहाज़ों की कोशिशें भी नाकाम रही थीं.

रूसी टीम का कहना है कि शोकाल्स्की पर काफ़ी मात्रा में खाना है और उसे किसी तरह का ख़तरा नहीं है.

जहाज़ पर 74 लोग हैं जिनमें वैज्ञानिक, पर्यटक और जहाज़कर्मी शामिल हैं.

बर्फ़ की मोटी दीवार

Image caption बर्फ़ तोड़ने वाले चीनी जहाज़ श्यू लॉन्ग ने 28 दिसंबर को शोकाल्स्की तक पहुंचने की कोशिश की लेकिन ये कोशिश नाकाम रही.

शोकाल्स्की को एक ऑस्ट्रेलेशियन अंटार्कटिका अभियान के लिए इस्तेमाल किया जा रहा है. इसका वही रास्ता है जिस रास्ते पर एक सदी पहले अन्वेषक डगलस मॉसन गए थे.

बीबीसी संवाददाता के मुताबिक जहाज़ पर मौजूद वैज्ञानिकों को लगता है कि साल के इस समय अमूमन अंटार्कटिका में जितनी बर्फ़ होती है, इस बार वहां बर्फ़ की परत उससे कहीं ज़्यादा मोटी है.

Image caption शोकाल्स्की पर मौजूद यात्रियों के मुताबिक जहाज़ पर काफ़ी भोजन है और उसे किसी तरह का ख़तरा नहीं है.

एंड्रयू लक-बेकर ने बताया कि ऑरोरा ऑस्ट्रेलिस नाम के बर्फ़ तो़ड़ने वाले ऑस्ट्रेलियाई जहाज़ को लौटना पड़ा और जहाज़ शोकाल्स्की तक पहुंचने के लिए एक दूसरा रास्ता खोज रहा है.

उन्होंने कहा बताया, "ऑरोरा ऑस्ट्रेलिस धीरे-धीरे हम तक पहुंचने के लिए रास्ता बनाने की कोशिश कर रहा है. वो कुछ समय के लिए रुक गया था और अब वापिस चला गया है. अब वो जहाज़ साफ़ पानी में पहुंच गया है.

Image caption मौसम सुधरने पर यात्रियों को हेलीकॉप्टर से निकाला जा सकता है.

मौसम सुधरने का इंतज़ार

ऑस्ट्रेलियाई समुद्री सुरक्षा प्राधिकरण, एएमएसए, ने एक वक्तव्य में कहा, "जिस इलाके में इस वक्त एमवी अकादेमिक शोकाल्स्की फंसा हुआ है, वहां तीस नॉट्स की रफ़्तार से हवाएं और बर्फ़ की आंधी उड़ रही है.

वक्तव्य में कहा गया है, "इस मौसम की वजह से वहां बहुत कम दिखाई दे रहा है और ऑरोरा ऑस्ट्रेलिस का आज शोकाल्स्की की मदद की कोशिश जारी रखना मुश्किल और ख़तरनाक हो गया है."

इससे पहले ऐसा लग रहा था कि रूसी जहाज़ के यात्रियों को चीनी जहाज़ पर मौजूद हेलीकॉप्टर के ज़रिए निकाला जा सकता है लेकिन चीनी जहाज़ को शनिवार को अपनी कोशिशें रोकनी पड़ी.

Image caption रूसी जहाज़ शोकाल्स्की ऑस्ट्रेलियाई राज्य तस्मानिया की राजधानी होबार्ट से करीब 1500 नॉटिकल मील दक्षिण में फंसा हुआ है.

लेकिन एएमएसए की प्रवक्ता लिसा मार्टिन ने रॉयटर्स समाचार एजेंसी को बताया, "इन हालात में हम हेलीकॉप्टर भी नहीं उड़ा सकते. इस वक्त हम कुछ भी नहीं कर सकते हैं."

प्रवक्ता ने कहा कि ऑस्ट्रेलियाई जहाज़ को शोकाल्स्की को निकालने की दूसरी कोशिश मौसम के सुधरने तक टालनी होगी.

Image caption अंकटार्टिका में बसने वाली पेंग्विन्स शोकाल्स्की में ख़ासी दिलचस्पी दिखा रही हैं.

बर्फ़ में फंसे होने के बावजूद शोकाल्स्की पर मौजूद वैज्ञानिकों ने अपने प्रयोग जारी रखे हैं. वे आस-पास की बर्फ़ में दरारों के ज़रिए तापमान माप रहे हैं.

एमवी अकादेमिक शोकाल्स्की 25 दिसंबर को ऑस्ट्रेलियाई राज्य तस्मानिया की राजधानी होबार्ट से 1500 नॉटिकल माइल्स दक्षिण में तेज़ हवाओं की वजह से बर्फ़ की मोटी परत में फंस गया था.

(बीबीसी हिंदी के एंड्रॉएड ऐप के लिए यहां क्लिक करें. आप हमें फ़ेसबुक और ट्विटर पर भी फ़ॉलो कर सकते हैं.)

संबंधित समाचार