चीन के शिनजियांग में फिर हिंसा, आठ की मौत

Image caption शिनजियांग मुस्लिम समुदाय वीगर बहुल इलाक़ा है.

चीन के पश्चिमी प्रांत शिनजियांग में पुलिस ने एक थाने पर हमला करने वाले आठ सशस्त्र चरमपंथियों को मार गिराया है.

दो हफ्ते पहले पाक प्रशासित कश्मीर से सटे इसी क्षेत्र में ऐसे ही एक हमले में सोलह चरमपंथी मारे गए थे.

बीजिंग में मौजूद टाइम्स ऑफ़ इंडिया के पत्रकार सैबल दासगुप्त ने बीबीसी को बताया कि पुलिस का कहना है कि काशगर शहर के नज़दीक इन लोगों ने एक पुलिस थाने को घेर लिया, पुलिस की गाड़ियां जला दीं और पुलिस बल के ऊपर विस्फोटक भी फेंके.

हमला करने वालों में कुल नौ लोग शामिल थे और ये सारे चरमपंथी थे. पुलिस ने आठ को मार डाला और एक पकड़ा गया.

उन्होंने बताया कि ठीक पंद्रह दिन पहले इसी जगह पर पुलिस ने सोलह चरमपंथियों को मार गिराया था और दो पुलिसकर्मी भी इस दुर्घटना में मारे गए थे.

दोनों घटनाएं काशगर शहर में ही हुई हैं और ये जगह पाकिस्तान से लगी हुई है.

सैबल दासगुप्ता का कहना था कि तीन साल पहले भी ऐसी ही एक घटना घटी थी और उस समय शिनजियांग प्रांत के गवर्नर ने आरोप लगाया था इनके लिए सारा विस्फोटक पाकिस्तान से आ रहा है और इन लोगों को प्रशिक्षण भी तालिबान के कैंपों में मिल रहा है.

इस्लामिक मूवमेंट

यहां तक कि एक महीने पहले बीजिंग में भी ऐसी ही घटना हुई थी और तब भी प्रांतीय सरकार ने ये कहा था कि ये भी पूर्वी तुर्कमेनिस्तान इस्लामिक मूवमेंट के चरमपंथी लोग हैं.

सैबल दासगुप्ता के मुताबिक़ इन तीनों घटनाओं में सरकार ये नहीं कह रही है कि इसे अंजाम देने वाले मुसलमान हैं, चीनी हैं या बौद्ध धर्म के मानने वाले हैं. यानी सरकार उनकी पहचान नहीं कर रही है कि ये कौन हैं.

लेकिन शिनचियांग जो कि सरकारी पेपर है उसके संपादकीय में लिखा है कि ये तुर्कमेनिस्तान के लोग हैं जो कि धर्म और जाति के नाम पर समाज में ज़हर फैला रहे हैं और समाज और देश को बाँट रहे हैं.

Image caption काशगर शहर शिनजियांग प्रांत का प्राचीन शहर है

सैबल दासगुप्ता कहते हैं कि अख़बार ने लिखा है कि इन्हें पूरी तरह से समाप्त करना ज़रूरी है. इससे ये स्पष्ट है कि शक पूर्वी तुर्कमेनिस्तान के लोगों पर है और ये लोग शिनजियांग को अलग करने के लिए पुलिस पर लगातार हमले कर रहे हैं.

उनके मुताबिक़ विदेश मंत्रालय पाकिस्तान पर सीधे आरोप लगाने से हमेशा बचता है, हालांकि सरकारी अख़बारों तक में अक्सर उस पर उँगली उठाई जाती है.

इस इलाक़े में हो रही गतिविधियों को लेकर केंद्र सरकार बहुत नाराज़ है. उसका ये कहना है कि केंद्र से जो सुविधाएं भेजी जा रही हैं उसका सही उपयोग यहां नहीं हो रहा है.

शिनजियांग के सरकारी अफ़सर जिस तरीक़े से काम कर रहे हैं उसे लेकर केंद्र सरकार बहुत नाख़ुश है.

सैबल दासगुप्ता के मुताबिक़ इस्लामी मूवमेंट के लोगों से निपटने में भी स्थानीय प्रशासन ने समझदारी से काम नहीं लिया है और बंदूक़ के ज़रिए जवाब देना ज्यादा सही समझा है, इसे लेकर भी केंद्र सरकार नाराज़ है.

अल्पसंख्यक वीगर

शिनजियांग मुस्लिम अल्पसंख्यक समुदाय वीगर बहुल इलाक़ा है. यहाँ अक्सर झड़पें होती रहती है.

इस इलाक़े में हिंसा के लिए सरकार बहुत पहले से चरमपंथियों को ज़िम्मेदार ठहराती रही है. वहीं वीगर कार्यकर्ताओं का कहना है कि हिंसा जातीय तनाव और चीन के कठोर नियंत्रण की वजह से फैलती है.

इस इलाक़े से आने वाली ख़बरों की पुष्टि करना कठिन काम है, क्योंकि शिनजियांग से आने वाली ख़बरों पर नियंत्रण बहुत होता है.

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