आयरलैंड: गर्भपात पर नया क़ानून अमल में

  • 1 जनवरी 2014
सविता हलप्पनवार, आयरलैंड
Image caption सविता हलप्पनवार की मौत के बाद आयरलैंड में विरोध प्रदर्शन हुए थे.

कैथलिक देश रिपब्लिक ऑफ़ आयरलैंड में कुछ विशेष मामलों में गर्भपात की इजाज़त देने वाला क़ानून अमल में आ गया है.

ये क़ानून जुलाई में पास किया गया था. आयरलैंड में रह रही भारतीय सविता हलप्पानवर को गर्भपात की इजाज़त नहीं दी गई थी और इसके बाद उनकी मौत हो गई थी.

प्रोटेक्शन ऑफ़ लाइफ़ ड्यूरिंग प्रेग्नेंसी एक्ट उन हालात में गर्भपात कराने की इजाज़त देता है, जब मां की जान को ख़तरा हो.

इसके अलावा तब भी गर्भपात कराने की इजाज़त होगी, जब डॉक्टर इस पर सहमत हों कि गर्भवती महिला गर्भावस्था को लेकर अपनी जान भी ले सकती है.

आयरलैंड सरकार ने ज़ोर देकर कहा है कि नया क़ानून गर्भपात को लेकर पाबंदी को कमज़ोर नहीं करता.

सविता हलप्पानवर 31 साल की भारतीय डेंटिस्ट थीं. सविता को अक्तूबर 2012 में गॉलवे अस्पताल में भर्ती कराया गया था. उन्हें गर्भपात कराने की इजाज़त नहीं दी गई थी और एक हफ़्ते बाद सेप्टिसीमिया की वजह से उनकी मौत हो गई थी.

जांच में पता चला कि वो गर्भपात नहीं करवा सकीं क्योंकि उनकी जान ख़तरे में नहीं थी, लेकिन जब तक उनकी जान को ख़तरा हुआ गर्भपात से भी उनकी जान नहीं बच सकती थी.

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