नेपाल में धूम-3 ने तोड़े कमाई के रिकॉर्ड

धूम थ्री

बॉलीवुड की फ़िल्म धूम-3 ने नेपाल में बॉक्स ऑफ़िस पर अब तक की सबसे कामयाब फ़िल्म बनकर इतिहास रच दिया है. फ़िल्म ने महज़ दो हफ़्तों में ही छह करोड़ नेपाली रुपए का व्यापार किया है.

तुलनात्मक रूप में देखें तो आमिर ख़ान, कैटरीना कैफ़ और अभिषेक बच्चन अभिनीत धूम थ्री की कमाई तीस नेपाली हिट फ़िल्मों के बराबर है.

नेपाल के तमाम मल्टीप्लेक्सों में धूम थ्री बिना किसी प्रतिद्वंद्विता के दिखाई जा रही है. इस फ़िल्म को और कोई फ़िल्म बड़े पर्दे पर टक्कर नहीं दे रही है.

नेपाल के समाचारपत्र कांतीपुर ने इसे ऐतिहासिक क़रार दिया है. अख़बार ने बाइक सवार आमिर ख़ान और बाइक से लटके नोटों के बंडलों का एक कैरीकेचर छापा है.

अख़बार के मुताबिक़ फ़िल्म वितरकों के नज़दीकी सूत्रों ने धूम-3 के नेपाल में छह करोड़ रुपए का कारोबार करने का दावा किया है.

नेपाल में अमूमन कोई फ़िल्म 20 लाख नेपाली रुपए कमा लेती है तो उसे हिट माना जाता है. इस पैमाने से धूम थ्री की कमाई 30 हिट नेपाली फ़िल्मों के बराबर मानी जा रही है.

'बॉलीवुड का वर्चस्व'

Image caption नेपाली अख़बार कांतीपुर की एक रिपोर्ट के मुताबिक़ धूम-3 अब तक छह करोड़ नेपाली रुपए कमा चुकी है.

पिछले साल नेपाल की राजधानी काठमांडू के तीन मल्टीप्लेक्सों में करीब 60 विदेशी फ़िल्में रिलीज] हुईं थी. इनकी कुल कमाई क़रीब 20 करोड़ रुपए रही है.

नेपाल के चर्चित फ़िल्म निर्देशक तीर्था थापा ने समाचार एजेंसी पीटीआई को बताया, "आमिर ख़ान, अभिषेक बच्चन और कैटरीना कैफ़ जैसे कलाकारों का नेपाली बाज़ार में बिकना स्वभाविक है. यहाँ भारतीय सिनेमा की कहानियां नहीं बल्कि ब्रैंड बिकते हैं."

थापा कहते हैं, "कलाकारों का अभिनय और फ़िल्म की क्वालिटी उसे दर्शकों की नज़र में कामयाब बना देती है."

थापा के मुताबिक नेपाल के बड़े सिनेमाघरों में भारतीय फ़िल्में हावी रहती हैं. वह कहते हैं कि नेपाली फ़िल्में सिर्फ़ दूरस्थ गाँवों में ही चल पाती हैं.

उनके अनुसार, "काठमांडू, बिरतनगर, पोखारा और भैरहवा जैसे बड़े शहरों में भारतीय फ़िल्मों का ही वर्चस्व है. बाज़ार में भारतीय फ़िल्मों की हिस्सेदारी क़रीब 80 फ़ीसदी है."

थापा बताते हैं कि नेपाल में यूँ तो हर साल क़रीब 120 फ़िल्में बन रही हैं, पर फ़िल्मों की गुणवत्ता लगातार गिर रही है. एक दशक पहले नेपाली फ़िल्में 50 से 60 लाख तक कमा लेती थीं, लेकिन अब वे मुश्किल से 15-20 लाख ही कमा पाती हैं.

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