पोलर वर्टेक्स: ऐसे बचें कड़ाके की सर्दी से

पोलर, ठंड

शून्य से 40 डिग्री सेल्सियस नीचे तापमान वाली सर्द हवाओं के साथ एक आर्कटिक फ़्रीज़ उत्तरी अमरीका के कुछ शहरों में फैल गया है. इस सर्दी के क्या जोख़िम हैं और आप उनसे कैसे बच सकते हैं, इसके बारे में बता रहे हैं ऐडन लुइस.

तेज़ी से तापमान गिरने और बर्फ़ीली हवाओं के मुख्य रूप से दो ख़तरे होते हैं. हाइपोथर्मिया, जिसमें आपका शरीर एक असामान्य रूप से कम तापमान पर पहुंचने के बाद काम करना बंद कर देता है.

दूसरा फ्रॉस्टबाइट यानी ठंड से शरीर सुन्न होना, जिसमें शरीर को चोट भी पहुंच सकती है. यह हाथ-पैर की उंगलियों में आम है, मगर आंखों की पलकें भी इससे प्रभावित होती हैं.

इसका एक समाधान है कि आप भरपूर भोजन, पानी और दवाओं के साथ घर में रहें, जबकि पानी के पाइप जमने से रोकने के लिए नल खुले रखे जा सकते हैं. पालतू जानवरों को घरों के अंदर रखा जा सकता है.

कपड़े पहनें कई परतों में

कड़ाके की सर्दी देखते हुए उन इलाक़ों में स्कूल और कार्यालय बंद कर दिए जाते हैं पर अगर आपको ज़रूरी काम से बाहर निकलना पड़े, तो उन्हें ढीले-ढाले कपड़ों की कई परतें पहनने की सलाह दी जाती है. सबसे नीचे एक पतली परत का कपड़ा पहनना चाहिए, जो त्वचा पर नमी नहीं छोड़ेगा और बाहरी परत पर कसकर बुना हुआ होना चाहिए.

हाथ से बुने दस्ताने अपेक्षाकृत अधिक गर्म होते हैं. हाथ-पैर गर्म रखने वाले कपड़ों को दस्तानों या बूटों के अंदर रखा जा सकता है. हालांकि यह हाथ-पैरों की उंगलियों के सिरे गर्म रखने में उतने सहायक नहीं हैं.

हैलिफ़ैक्स, कनाडा में जीवनरक्षा प्रणाली के जॉन स्टोन बताते हैं "चश्मे आंखों के चारों तरफ तापमान स्थिर रखने में मदद कर सकते हैं. हालांकि पलकों के गीला होने पर उनके जमने की आशंका रहती है. आंखों की पुतलियां इन तापमान में भी ठीक रहती हैं."

आभूषण न पहनें

स्टोन ने कहा "ऐसे में कान की बालियां और ज्वेलरी उतार देनी चाहिए, क्योंकि किसी भी धातु का तापमान त्वचा की तुलना में काफ़ी तेज़ी से कम होता है और काफ़ी ठंडा हो जाता है."

कैफ़ीन और अल्कोहल के कारण आपके शरीर का तापमान तेज़ी से गिरता है. इसलिए अच्छा है अगर आप महसूस करें कि आपके शरीर का तापमान गिर रहा है, तो किसी स्थान में शरण ले लें. शिकागो, जहां का तापमान शून्य से 27 डिग्री सेल्सियस तक गिर गया है, वहां गर्म रखने वाले केंद्र खुलने का समय बढ़ा दिया गया है.

ऐसे में घरों की तरह, अपने वाहनों को भी आपातकाल के लिए स्टॉक में रखना चाहिए. हालांकि पेट्रोल -60 डिग्री सेल्सियस और डीजल -10 डिग्री सेल्सियस पर जमता है. "टायर ठोस हो सकते हैं, पर इनको नुकसान की आशंका नहीं होती.

जॉन स्टोन कहते हैं, "यह एक फ्रेड फ्लिंस्टन मोबाइल ड्राइविंग की तरह है."

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