9/11 में घोटाले के आरोप में दर्जनों गिरफ़्तार

मैनहट्टन के सरकारी वकील साइरस वांस

न्यूयॉर्क के अधिकारियों ने कहा है कि अमरीका की आपातकालीन सेवाओं के दर्जनों कर्मचारियों को विकलांगता के बदले में मिलने वाले संघीय लाभ में घोटाला करने के आरोप में गिरफ़्तार किया गया है.

सरकारी अभियोजकों का कहना है कि जिन पर आरोप लगाया गया है, उनमें 72 पुलिस अधिकारी, आठ फ़ायर फ़ाइटर और पांच सुधार अधिकारी शामिल हैं.

इनमें से कुछ लोगों ने कथित तौर पर 11 सितंबर 2001 को हुए हमले में विकलांग होने का दावा किया था. माना जा रहा है कि यह धोखाधड़ी करोड़ों डॉलर की है.

मैनहट्टन के सरकारी वकील साइरस वांस ने मंगलवार को कहा, ''यह बेशर्मी चौकाने वाली है.''

उन्होंने कहा, ''बहुत से कर्मचारियों ने बहुत ही रूखेपन से 11 सितंबर के हमले के बाद मानसिक बीमारी का दावा किया, यह उन कर्मचारियों का अपमान था, जिन्होंने अपनी जान और स्वास्थ्य की क़ीमत पर अपने शहर की सेवा की थी.''

कथित सरगना

न्यूयार्क के जासूसों के संघ के साथ एक सेवानिवृत्त पुलिस अधिकारी और एक विकलांगता सलाहकार समते चार लोग इतनी बड़ी चोरी के आरोप में मंगलवार को अदालत में पेश हुए.

इस मामले के प्रतिवादी, जिसे इस घोटाले का कथित तौर पर सरगना माना जा रहा है, उन्हें 10 लाख डॉलर के मुचलके पर जमानत दे दी गई.

आपात सेवा के इन कर्मचारियों को जिन लोगों ने यह सिखाया कि किस तरह से स्वास्थ्य कारणों से या मानसिक परीक्षण में किस तर फेल होकर विकलांगता के फ़ायदे लिए जाएं, उन लोगों ने इसके लिए कई हज़ार डॉलर की रिश्वत ली.

एक सेवानिवृत्त पुलिस अधिकारी ने डॉक्टरों से कहा कि उसे तेज़ दौरे पड़ते हैं और इस वजह से वह अपने घर से बाहर नहीं निकल पा रहा है. हालांकि उसने सोशल मीडिया पर ख़ुद एक तस्वीर पोस्ट की है, जिसमें वह जेट स्की पर सवार दिखाया गया है.

एक और सेवानिवृत्त पुलिस अधिकारी ने नाक में आई चोट की वजह से विकलांगता पेंशन ली और बाद में उसने मार्शल सिखाने आर्ट का एक स्कूल खोला.

वहीं एक अन्य ने यह दावा किया कि वह लोगों से मिलने-जुलने के क़ाबिल नहीं है, बाद में वह सड़क किनारे होने वाले उत्सव में वह दुकाना चलाता पाया गया.

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