दक्षिणी सूडान: नील नदी में डूबने से 200 लोगों की मौत

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Image caption पलायन कर रहे लोग नौके पर सवार थे.

दक्षिणी सूडान सेना के एक प्रवक्ता ने जानकारी दी है कि मलाकल शहर में जारी संघर्ष से पलायन कर रहे दक्षिणी सूडान के 200 से ज्यादा नागरिकों की नौका दुर्घटना में मौत हो गई है. वे नील नदी के रास्ते निकलने की कोशिश कर रहे थे.

फिलिप आग्वेर ने रविवार को घटी इस घटना की पुष्टि की है.

संयुक्त राष्ट्र के मुताबिक दक्षिणी सूडान सरकार और बागी सेना के बीच चल रहे संघर्ष के कारण करीब 355,000 लोगों को विस्थापन का शिकार होना पड़ा है.

मलाकल नील नदी के ऊपरी इलाके में मौजूद खनिज तेल क्षेत्र के प्रवेश द्वार के रूप में जाना जाता है. पिछले कई दिनों से इस इलाके में संघर्ष जारी है.

संयुक्त राष्ट्र के एक आकलन के अनुसार अब तक 1,000 से ज्यादा नागरिक इस संघर्ष के शिकार हुए हैं.

इथियोपिया की राजधानी अदिस अबाबा में कई महीनों से चले आ रहे इस संघर्ष को रोकने के लिए बातचीत चल रही है.

नील नदी का महत्व

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Image caption संघर्ष के कारण करीब 355,000 लोग विस्थापित हुए हैं.

22 साल लंबा गृहयुद्ध और हिंसक संघर्ष झेलने के बाद दक्षिण सूडान ने साल 2011 में सूडान से अलग होकर विश्व मानचित्र पर एक नए मुल्क के रूप में अपनी उपस्थिति दर्ज कराई थी.

यह अफ्रीका महाद्वीप के केंद्र में स्थित है और इसकी सीमा छह देशों से सटी है.

यह प्राकृतिक तेल के लिहाज से संपन्न देश है. पिछले कुछ सालों से यहां गृह युद्ध जैसी स्थिति बनी हुई है.

वैसे यह दुनिया के सबसे कम विकसित इलाकों में शामिल है. यहां केवल 15 फ़ीसदी नागरिकों के पास मोबाइल फ़ोन मौजूद है.

स्पेन और पुर्तगाल के संयुक्त क्षेत्रफल से भी बड़े इलाके दक्षिण सू़डान में सड़कें कहीं-कहीं ही नज़र आती हैं.

यही वजह है कि यहां परिवहन और कारोबार का मुख्य ज़रिया नील नदी है.

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