बांग्लादेश में समलैंगिकों के लिए आई 'रूपबान'

फ़ाइल फ़ोटो: समलैंगिक, भारत इमेज कॉपीरइट AFP

बांग्लादेश के समलैंगिक समुदाय ने अपनी किस्म की पहली पत्रिका आरंभ की है जिसका उद्देश्य देश की रूढ़िवादी बहुसंख्यक मुस्लिम आबादी में समलैंगिकता के प्रति सहनशीलता की भावना को बढ़ावा देना है.

समाचार एजेंसी एएफ़पी के मुताबिक़, इस पत्रिका का नाम 'रूपबान' है और इसके संपादक रसल अहमद का कहना है कि ''इससे बांग्लादेश में रहने वाले समलैंगिकों के प्रति जागरुकता में इज़ाफ़ा होगा.'''

रसल अहमद का ये भी कहना है कि ये पत्रिका खुलेआम बाज़ार में नहीं मिलेगी क्योंकि इससे समलैंगिक-विरोधी टकराव की आशंका पैदा हो सकती है.

'लोककथा नायक रूपबान'

पत्रिका का नाम लोककथा नायक रूपबान से लिया गया है जो बांग्लादेश में एक ऐसे क़िरदार के तौर पर जाना जाता है जो प्रेम की शक्ति का प्रतीक है, जो हर सामाजिक बंधन को तोड़ने की ताक़त रखता है.

बांग्लादेश के क़ानून के मुताबिक़, यदि कोई औरत किसी औरत से या कोई मर्द किसी मर्द के साथ यौन संबंध रखता है तो इसे एक अपराध माना जाता है जिसके लिए उम्रक़ैद तक की सज़ा का प्रावधान है.

ढाका ट्रिब्यून में छपी ख़बर के मुताबिक़, 'रूपबान' को लॉन्च करने के लिए आयोजित कार्यक्रम में ब्रितानी उच्चायुक्त रॉबर्ट गिब्सन और नामी बैरिस्टर सारा हुसैन जैसे लोग मौजूद थे.

ख़बर में कहा गया है कि इस कार्यक्रम में सारा हुसैन के अलावा कोई दूसरी महिला मौजूद नहीं थी और कार्यक्रम में आए सभी मेहमानों ने इस बात को गंभीरता से लिया है.

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