पाकिस्तानः छह पोलियो सुरक्षाकर्मी मारे गए

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Image caption चरसद्दा में हुए बम धमाके में छह पुलिसकर्मी और एक बच्चा सहित साल लोग मारे गए हैं.

पाकिस्तान में हुए बम धमाके में एक बच्चा और छह पुलिसकर्मी सहित सात लोग मारे गए हैं. यह धमाका उत्तर-पूर्वी पाकिस्तान के चरसद्दा ज़िले में हुआ. चरमपंथियों के निशाने पर पोलिया सुरक्षा दल था.

यह जानकारी पाकिस्तान पुलिस की ओर से जारी की गई है.

बम धमाका चरसद्दा ज़िले के एक बाज़ार में खड़ी पुलिस वैन के पास हुआ. इस बम धमाके में कम से कम नौ लोगों के घायल होने की ख़बर है.

अभी एक दिन पहले ही मंगलवार को करांची शहर के दक्षिणी हिस्से में पोलियो टीकाकरण अभियान शुरू होने के एक दिन बाद ही तीन पोलियो कार्यकर्ताओं को मार दिया गया था.

पश्चिमी साज़िश

पाकिस्तान उन तीन देशों में से एक है जहां बड़े पैमाने पर पोलियो टीकाकरण अभियान का चरमपंथियों की ओर से विरोध जारी है. इस प्रतिरोध के कारण यहां पोलियो वृद्धि दर वास्तव में चिंताजनक स्थिति में है.

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Image caption चरसद्दा के बम धमाके में घायल एक पोलियो सुरक्षाकर्मी

यहां पोलियो टीकाकरण योजना का हमेशा से विरोध करते आए चरमपंथी मानते हैं कि इस योजना के जरिए अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उनकी जासूसी की जाती है.

वे इसे मुसलमानों को बाँझ बनाने की पश्चिमी साज़िश मानते हैं. और इसी कारण वे स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं के खिलाफ हिंसक अभियान चलाते हैं.

पुलिस ने बताया कि बुधवार को पेशावर से 30 किमी दूर स्थित सरधरी बाजार में किया गया बम धमाका रिमोट कंट्रोल से किया गया.

तालिबान के मंसूबे

वरिष्ठ पुलिस अधिकार शफ़ीउल्लाह ने एएफ़पी न्यूज़ एजेंसी को जानकारी दी, "बम धमाके में एक बच्चा और छह पुलिसकर्मी सहित सात लोग मारे गए हैं."

जिस पुलिस वैन के पास बम धमाका हुआ उस वैन में पोलियो टीकाकरण दल की सुरक्षा के लिए तैनात किए गए अधिकारी मौजूद थे.

ताज़ा हमला पाकिस्तान में पोलियो टीकाकरण दल को निशाना बना कर किए जा रहे हमले की एक और कड़ी है.

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Image caption बम धमाका चरसद्दा जिले के बाजार में खड़ी इसी पुलिस वैन के पास हुआ.

जबकि इस टीकाकरण योजना को पिछले साल से एक प्रमुख धार्मिक समुदाय के मदरसे का समर्थन हासिल है.

इसे तालिबान समूहों के मंसूबों पर पानी फिरने के रूप में देखा जा रहा है.

पोलियो मुक्त भारत

पोलियोमेलाइटिस रीढ़ की हड्डी और श्वास प्रणाली में लकवे का कारण बन सकता है. यह एक लाइलाज बीमारी मानी गई है और इससे मरीज की मौत भी हो सकती है.

टीके की मदद से आज इस बीमारी पर पूरी तरह से काबू पा लिया गया है.

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Image caption दरवाजे दरवाजे चल रहे पोलियो टीकाकरण अभियान की सुरक्षा में खड़ा एक पुलिस जवान

मगर अफ़सोस है कि पाकिस्तान में पोलियोमेलाइटिस के मरीज़ बढ़ते ही जा रहे हैं. क्योंकि वैश्विक पैमाने पर चलाए जा रहे अभियान का चरमपंथियों की ओर से सशस्त्र विरोध जारी है.

नाइजीरिया और अफ़गानिस्तान वो देश हैं जहां पोलियो वाइरस का संचरण हो रहा है और पोलियो के फैलाव को रोका नहीं जा सका है.

मगर विश्व स्वास्थ्य संगठन के अधिकारियों का दावा है कि इन देशों में भी इस रोग से लड़ने की लड़ाई जारी है.

इस महीने की शुरुआत में भारत ने खुद को पोलियो मुक्त देश घोषित कर दिया. भारत में पिछले तीन सालों में पोलियो का एक भी मामला सामने नहीं आया है.

इसे पोलियो के खिलाफ चल रही वैश्विक लड़ाई में एक मील का पत्थर कहा जा सकता है. भारत ने ये सफलता बड़े पैमाने पर लगातार टीकाकरण कार्यक्रम चलाकर हासिल की है.

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