सीरिया शांति वार्ताः सत्ता हस्तांतरण पर रुकावट

  • 27 जनवरी 2014
सीरिया विपक्ष

जिनेवा में सीरिया को लेकर चल रही शांति वार्ता में कई महत्वपूर्ण मुद्दे हैं. लेकिन विपक्ष के लिए सबसे अहम हैं अंतरिम सरकार का गठन.

आज इस शांति वार्ता का पहला सत्र बिना किसी नतीजे के समाप्त हो गया है. सीरियाई नेशनल कोअलिशन के अध्यक्ष के चीफ़ ऑफ़ स्टाफ़ मॉन्ज़ेंर अकबिक ने कहा कि सीरिया का सरकारी प्रतिनिधिमंडल अहम मुद्दों की अनदेखी कर रहा है.

उन्होंने कहा,"सीरिया की सरकार ने वैसे प्रस्तावों को लाने की कोशिश की, जिसका मक़सद मूल मुद्दों की अनदेखी करना है. बातचीत का मूल मुद्दा एक अंतरिम सरकार का गठन और हिंसा से प्रभावित शहरों में जिनेवा-1 के छह विंदुओं को लागू करना है. साथ ही क़ैदियों की रिहाई भी बातचीत का मुद्दा है."

सबकी सहमति ज़रूरी

अकबिक ने कहा कि ज़्यादा निराशा की बात ये है कि सीरियाई प्रतिनिधिमंडल के कई वरिष्ठ सदस्य बातचीत में हिस्सा लेने तक नहीं आए. वे कमरे के बाहर हैं. उन्होंने बातचीत के लिए प्रतिनिधिमंडल के एक जूनियर सदस्य को भेज दिया. इससे पता चलता है कि वे राजनीतिक समाधान को लेकर कितने गंभीर हैं.

संयुक्त राष्ट्र के विशेष दूत लखदर ब्राहिमी जिनेवा शांति वार्ता की मध्यस्थता कर रहे हैं.

संयुक्त राष्ट्र हिंसा प्रभावित होम्स में फँसे लोगों को बाहर निकालने की योजना को लागू कराने के लिए दबाव बना रहा है. सरकार का कहना है कि वो महिलाओं और बच्चों को शहर छोड़ने की अनुमति देने को तैयार है.

लेकिन विपक्षी प्रतिनिधिमंडल के एक सदस्य का कहना है कि लोगों को अभी शहर नहीं छोड़ना चाहिए.

उन्हें शहर में खाना और अन्य सहायता सामग्री आने की अनुमति मिलने का इंतज़ार करना चाहिए. होम्स में विद्रोही लड़ाके भी संघर्ष को पूरी तरह ख़त्म करने की मांग कर रहे हैं.

लखदर ब्राहिमी का कहना है कि वे ये चाहते हैं कि सीरिया के दोनों पक्ष अपना रुख़ स्पष्ट करते हुए बयान जारी करें ख़ासकर अंतरिम सरकार के मुद्दे पर.

लेकिन सीरिया के सरकारी प्रतिनिधिमंडल ने इसके कोई संकेत नहीं दिए हैं कि वे राष्ट्रपति बशर अल असद के पद छोड़ने की मांग स्वीकार करेंगे.

मॉन्ज़र अकबिक ने कहा कि दोनों पक्षों को इस बात पर सहमत होना चाहिए कि कौन-कौन अंतरिम सरकार का हिस्सा होंगे और मौजूदा सरकार के कुछ सदस्यों को भी इसमें शामिल किया जा सकता है.

उन्होंने कहा, "अंतरिम सरकार के हरेक सदस्यों के नाम पर सभी पक्षों को सहमत होना चाहिए. हमें सरकार के स्वरूप के साथ-साथ सदस्यों के नाम पर भी सहमति बनानी चाहिए. जो लोग हमें नहीं स्वीकार हैं, वे वो लोग हैं जिन्होंने युद्ध अपराध और मानवता के ख़िलाफ़ अपराध किया है. इनमें राष्ट्रपति बशर अल असद और उनके सहयोगी भी शामिल हैं. उनके हाथ ख़ून से रंगे हुए हैं."

"ऐसे कई लोग हैं, जिन्होंने मानवता के ख़िलाफ़ अपराध किया है और वे अंतरिम सरकार में शामिल नहीं किए जा सकते. लेकिन कुछ ऐसे भी लोग हैं, जो सरकार में काम कर रहे हैं, उन्होंने कोई अपराध नहीं किया है. वे अंतरिम सरकार में शामिल किए जा सकते हैं."

एक लाख की मौत

जिनेवा में मौजूद बीबीसी संवाददाताओं का कहना है कि अंतरिम सरकार के मुद्दे पर बहस हो सकती है, लेकिन इस बीच संयुक्त राष्ट्र ने होम्स में मानवीय सहायता के लिए भी दबाव बना दिया है.

संयुक्त राष्ट्र के विशेष दूत लखदर ब्राहिमी ने उम्मीद जताई है कि संयुक्त राष्ट्र और रेड क्रॉस की ओर से मानवीय सहायता सामग्री लेकर जा रहे वाहनों को होम्स में जाने दिया जाएगा.

सीरियाई राष्ट्रपति की सलाहकार बुथानिया शाबान ने बीबीसी से बातचीत में कहा है कि उनकी सरकार होम्स में सहायता सामग्री भेजे जाने में रोड़े नहीं अटका नही है.

शाबान ने कहा, "सीरिया की सरकार ने 2013 में पूरे साल यही कोशिश की कि मानवीय और चिकित्सा सुविधाएँ शहर के हर हिस्से में पहुँचे. संयुक्त राष्ट्र की एजेंसियाँ इसकी गवाह भी हैं. ये एजेंसियाँ हमारी सहायता में पार्टनर भी हैं."

उन्होंने कहा, "मुझे इस पर आश्चर्य है कि विपक्षी प्रतिनिधिमंडल यहाँ आकर होम्स के एक छोटे से हिस्से के बारे में बात कर रहा है. हम यहाँ सीरिया में आतंकवाद रोकने और वहाँ शांति और सुरक्षा स्थापित करने के लिए बात करने आए हैं."

जून 2012 से ही होम्स में संघर्ष चल रहा है और इस संघर्ष के कारण सैकड़ों लोग शहर के कई हिस्से में फँसे हुए हैं.

सीरिया में 2011 से शुरू हुए संघर्ष में एक लाख से ज़्यादा लोगों की जान जा चुकी है. जबकि 95 लाख लोग बेघर हो गए हैं, जिसके कारण सीरिया में तो संकट है ही पड़ोसी देश भी इससे जूझ रहे हैं.

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