डियर दुनिया

  • 7 फरवरी 2014
Image copyright AFP

"मेरा कुछ सामान तुम्हारे पास पड़ा है, वो भिजवा दो...मेरा वो सामान लौटा दो"--याद है ये गाना?

जब से एडवर्ड स्नोडेन हमारी आपकी चिठ्ठियों के न जाने कितने पुलिंदे और आप सब की कानाफूसी के हज़ारों टेप लेकर फ़रार हुए हैं, बेचारे अमरीकी ख़ुफ़िया जासूस यही गाना गाते फिर रहे हैं.

डायरेक्टर नैशनल इंटेलीजेंस ने तो यहां तक कह दिया कि -- भाई अब तो तू कह ही रहा है कि तू जीत गया, अब तो बची-खुची इज़्जत वापस कर दो. होमलैंड ख़तरे में है.

मां-बाप बचपन से सिखाते थे बेटा दूसरों की चिठ्ठियां पढ़ना बुरी बात होती है. लेकिन अक्ल आई नहीं. कान के नीचे एक कस कर दिया होता तो शायद याद रहती ये सब बातें. अब भुगतो.

वैसे और भी कई उम्मीदवार हैं जिन्हें कान के नीचे जड़ने की ज़रूरत थी. बड़ी अच्छी बच्ची थी माइली सायरस. बच्चे और दुनिया भर के मां-बाप सब खुश रहते थे उनसे. लेकिन जवान होने की जल्दबाज़ी में उन्होंने एक एवार्ड शो के डांस में वो लटके-झटके दिखाए कि मां-बाप ने बच्चों के साथ टीवी देखना छोड़ दिया.

'होनहार नौजवान'

अब उन्हीं के नक्शे क़दम पर चल रहे हैं जस्टिन बीवर. नाम तो सुना ही होगा आपने भी. अगर नहीं सुना तो अपने नौनिहालों से या फिर गली-मुहल्ले के बच्चों से पूछ लें. पूरी रामायण सुना देंगे.

ख़ैर ये साहबज़ादे भी जल्द से जल्द जवान होना चाहते हैं. गला बड़ा अच्छा है और उपरवाले ने सूरत भी अच्छी दी है. दो साल पहले राष्ट्रपति ओबामा के सामने व्हाइट हाउस में भी गाया उन्होंने और ओबामाजी ने खुश होकर कहा--बड़ा होनहार नौजवान है.

लेकिन उस इमेज से छुटकारा पाने को इतने बेताब हैं बीवर कि पिछले दिनों शराब पीकर, बिना लाइसेंस के अंधाधुंध गाड़ी चलाई और पकड़े गए. पुलिसवाले ने शिकायत में कहा कि शराब पीने से पहले भैयाजी ने चिलम का कश भी लगाया था.

कुछ दिन पहले बीवर साहब के घर की तलाशी में ड्रग्स भी मिले और जिस पड़ोसी ने मुखबिरी की थी उसके घर एक दिन उन्होंने अंडे भी फेंके. और दो दिन पहले कनाडा में भी उनके नाम वारंट जारी हुआ कि उन्होंने किसी लिमो ड्राइवर का नक्शा खराब कर दिया था. तो बीवर साहब एक हफ़्ते में दो-दो बार गिरफ़्तार.

वैसे बीवर कनाडा में ही पले बढ़े हैं और अमरीका में कुछ जोशीले लोगों ने व्हाइट हाउस की वेबसाइट पर एक पेटिशन फ़ाइल कर दी है कि बीवर को वापस कनाडा भेज दो क्योंकि हमारे नौनिहालों पर उसका बुरा असर पड़ रहा है. कितने मासूम होते हैं न मां-बाप भी!

पांव पर कुल्हाड़ी

Image copyright Reuters

ख़ैर अब तक तकरीबन दो लाख दस्तखत हो गए हैं उस पेटिशन के हक़ में. कुछ लोगों ने इसके ख़िलाफ़ भी पेटिशन दायर किया है लेकिन उनका स्कोर मुश्किल से दस बारह हज़ार पहुंचा है.

वैसे व्हाइट हाउस को भी अपने पांव में कुल्हाड़ी मारने की आदत है. जनता को ज़रूरत से ज़्यादा छूट दोगे तो गले पड़ेगी ही. व्हाइट हाउस ने अपनी वेबसाइट पर "वी द पीपुल" का फ़ोरम खोल रखा है जिसमें अवाम किसी भी विषय पर पेटिशन दाखिल कर सकती है और अगर तीस दिनों के अंदर उसपर एक लाख से ज़्यादा दस्तखत हो गए तो व्हाइट हाउस उसका जवाब देती है.

कुछ दिनों पहले लोगों ने माइली सायरस का गाना "पार्टी इन दी यूएसए" को नैशनल ऐंथम बनाने के लिए पेटिशन फ़ाइल कर दिया. किस्मत अच्छी थी कि बस 500 दस्तखत मिले.

इन दिनों एडवर्ड स्नोडेन को माफ़ करने के लिए भी पेटिशन दाखिल हो रखी है और डेढ़ लाख दस्तखत जमा हो गए हैं. मुसलमान भाईयों ने ईद की छुट्टी के लिए पेटिशन दिया है लेकिन अभी 12000 दस्तखत ही मिल पाए हैं.

वो तो मुझे लगता है कि नरेंद्र मोदी के चाहनेवालों को पता ही नहीं चला है वर्ना उनको जल्द से जल्द अमरीकी वीज़ा दिलाने के लिए भी यहां पेटिशन दाखिल हो जाएगा.

अब आप भी पेटिशन डालना मत शुरू कर दीजिएगा. वैसे भी ओबामा साहब परेशान घूम रहे हैं इन दिनों. लगता है जैसे कांग्रेस इन दिनों उनकी बात एक कान से सुनती है और दूसरे से निकालती है. और सबको साथ लेकर चलने की बातें करनेवाले ओबामा अब एकला चलो, एकला चलो का राग अलाप रहे हैं.

(बीबीसी हिंदी का एंड्रॉयड मोबाइल ऐप डाउनलोड करने के लिए क्लिक करें. आप ख़बरें पढ़ने और अपनी राय देने के लिए हमारे फ़ेसबुक पन्ने पर भी आ सकते हैं और ट्विटर पर फ़ॉलो भी कर सकते हैं.)

संबंधित समाचार