प्रदर्शनों के बीच थाईलैंड में मतदान

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Image caption थाईलैंड की प्रधानमंत्री यिंगलक मतदान शुरू होते ही वोट देने पहुंची.

थाईलैंड में रविवार को आम चुनावों के मतदान के दौरान कई जगह प्रदर्शन हुए लेकिन अधिकारियों के अनुसार 89 फ़ीसदी मतदान केंद्रों पर मतदान शांतिपूर्ण रहा.

सरकार विरोधियों की ओर से बैंकॉक और उसके आसपास के दक्षिणी इलाकों में मतदान केंद्रों पर व्यवधान पहुंचाने की खबरें आई थीं.

बीबीसी संवाददाता जोनाथन हेड ने बताया कि कई मतदान केंद्रों पर प्रदर्शनकारियों ने मतदाताओं को पहुंचने नहीं दिया और इन केंद्रों पर मतदान पत्रों को भी पहुंचने से रोका गया.

थाईलैंड के चुनाव आयोग ने कहा कि विपक्षी दलों के बंद प्रदर्शन के कारण तक़रीबन 60 लाख पंजीकृत मतदाता प्रभावित हुए हैं.

प्रधानमंत्री यिंगलक चिनवाट को इस्तीफ़ा देने को मजबूर करने के लिए कई हफ़्तों से व्यापक विरोध प्रदर्शन चल रहे थे. इन प्रदर्शनों को रोकने के लिए प्रधानमंत्री ने चुनाव कराने का फैसला लिया.

उनकी पार्टी को भारी मतों से जीतने की उम्मीद है लेकिन कुछ कानूनी चुनौतियों और सांसदों की कोरम संख्या न पूरा होने के कारण राजनीतिक अनिश्चितता की स्थिति उत्पन्न हो गई है.

वर्ष 2011 के चुनाव में जीत हासिल कर चुकी यिंगलक ने रविवार को मतदान शुरू होते ही बैंकॉक स्थित अपने घर के पास के मतदान केंद्र पर वोट डाला.

थाईलैंड में यिंगलक के खिलाफ विरोध-प्रदर्शनों की शुरुआत बीते साल नवंबर में तब हुई जब देश के निचले सदन ने एक विवादित विधेयक पारित किया था.

विपक्ष का कहना है कि इस विधेयक के ज़रिए यिंगलक के भाई थाक्सिन चिनावाट की वापसी का मार्ग प्रशस्त हो सकता है.

'मैं वोट देना चाहती हूं'

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देश के पूर्व प्रधानमंत्री थाक्सिन चिनवाट पर भ्रष्टाचार के आरोप हैं और वे स्व निर्वासन में रह रहे हैं. वो साल 2008 में एक अदालत में अपने ख़िलाफ़ चल रहे मामले के दौरान देश छोड़ कर चले गए थे.

विरोधियों का आरोप है कि यिंगलक अपने भाई थाक्सिन के इशारे पर सरकार चलाती रही हैं.

थाईलैंड में भारी विरोध प्रदर्शनों के कारण जिन इलाकों में आपातकाल लागू हैं वहां सुरक्षा व्यवस्था चाक चौबंद रखी गई है.

राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद् प्रमुख पैराडॉर्न पत्तनताबत्र ने समाचार एजेंसी रॉयटर्स को बताया, "स्थिति शांतिपूर्ण है. सुबह से अभी तक हिंसा की कोई घटना सामने नहीं आई है."

सुरक्षा अधिकारियों के अनुसार रविवार को हो रहे चुनाव के दौरान बैंकाक में तैनात 12,000 सुरक्षा कर्मियों सहित पूरे थाईलैंड में जगह-जगह 130,000 सुरक्षा कर्मियों को तैनात किया गया है.

इस चुनाव में चुनाव प्रचार अभियान काफी ठंडा रहा. अबी तक यह भी स्पष्ट नहीं है कि मतदान में कितने लोगों ने वोट दिया.

वोट न देने का दुख

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सरकार विरोधी कार्यकर्ता निपन केवसूक ने रॉयटर्स को बताया, "हमारा इरादा चुनाव में गड़बड़ी फैलाने का नहीं था. हम तो इसे स्थगित करवाना चाहते थे. हम अभी भी चाहते हैं कि चुनाव हों, मगर इससे पहले सुधार की जरूरत है."

थाईलैंड के एक चर्चित राजनेता, स्वतंत्र उम्मीदवार और भ्रष्टाचार विरोधी अभियानकर्ता चुविट कमोल्विजिट ने चुनाव विरोधियों को काफी भला बुरा कहा.

वे उन पर बरसते हुए कहते हैं, "जब मैंने वोट डालने की कोशिश की उन्होंने मुझे रोका."

उत्तरी और पूर्वी ग्रामीण इलाकों में, जहां यिंगलक की फीउ थाई दल को भारी समर्थन हासिल है, चुनाव लगभग पूरी तरह अप्रभावित रहा.

वोट देते हुए यिंगलक ने कहा, "आज खास दिन है. मैं चाहती हूं कि थाईलैंड की जनता ज्यादा से ज्यादा संख्या में निकल कर आए और लोकतंत्र की रक्षा के लिए वोट करे."

विपक्ष चुनाव में कानूनी चुनौतियां भी खड़े करना चाहता है.

शनिवार को बैंकॉक में तब भारी संकट पैदा हो गया जब सरकार के समर्थकों और विरोधियों के बीच हिंसक झड़पें हुईं.

लक सी निर्वाचन क्षेत्र में तब बंदूकें चलने लगी जब सरकार विरोधी प्रदर्शनकारियों ने मतदान पत्रों से भरी इमारत को घेर लिया.

गोलियां चलने से कम से कम सात लोग घायल हो गए.

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