सीरियाः सहायता आपूर्ति ले जा रहे क़ाफ़िले पर मोर्टार से हमला

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लड़ाई में घिरे सीरिया के मध्य में स्थित शहर होम्स में सहायता आपूर्ति ले जा रहे एक क़ाफ़िले पर हमले के कारण राहत एवं बचाव कार्य कई घंटे तक बाधित रहा.

सीरियाई रेड क्रीसेंट के मुताबिक़ इस क्षेत्र से अपने स्टाफ़ और संयुक्त राष्ट्र टीम को बाहर ले जाना उसके लिए 'एक चुनौती' बन गया था.

संगठन के ख़ालिद एरकोसी ने बताया कि क़ाफ़िले पर मोर्टारों और गोलियों से हमला किया गया.

मोर्टार जिस ट्रक के पास गिरा उसके चालक को गंभीर चोटें पहुंची हैं.

हमले के बीच क़ाफ़िले में शामिल लोगों ने आस पास की इमारतों में पनाह ली.

जब गोलीबारी शांत हुई तो दो क्षतिग्रस्त ट्रकों को पीछे छोड़ क़ाफ़िला गंतव्य को रवाना हुआ.

संयुक्त राष्ट्र ने सीरियाई सरकार और विद्रोहियों से होम्स पर हुए समझौते पर अमल करने की अपील की है. आपातकालीन सहायता की संयोजक वैलेरी अमोस ने कहा कि तीन दिनों के शांति समझौते को तोड़ने से उन्हें काफ़ी निराशा हुई है.

उन्होंने आगे कहा, ''लेकिन इसके बावजूद संयुक्त राष्ट्र मदद पहुंचाने से पीछे नहीं हटेगा.''

सीरियाई रेड क्रॉस के प्रवक्ता ने बीबीसी से कहा कि राहत कार्यों को जारी रखने के लिए सुरक्षा का आश्वासन दिया जाना ज़रूरी है. उनके अनुसार रविवार को होम्स शहर से नागरिकों के एक समूह को निकाला जाएगा.

सीरिया के राष्ट्रपति बशर अल-असद की सेनाओं और विरोधियों के बीच होम्स में चल रही लड़ाई बेहद तीखी हो गई है.

जहां एक तरफ़ सीरिया में शांति बहाल करने के लिए जिनेवा में बातचीत चल रही है तो दूसरी ओर सीरिया के भीतर लड़ाई जारी है.

संघर्ष विराम के दूसरे दिन हमला

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ये ताज़ा गोलीबारी सीरियाई सरकार और विद्रोहियों के बीच तीन दिन के युद्धविराम के दूसरे दिन हुई है.

ख़ालिद एरकोसी ने कहा कि संयुक्त राष्ट्र के अधिकारी सीरियाई अधिकारियों से रविवार को बातचीत करेंगे और ये जानने की कोशिश करेंगे कि सहयता आपूर्ति को जारी रखना कितना सुरक्षित है.

सीरिया के पड़ोसी देश लिबनान से बीबीसी संवाददाता जिम म्योर ने ख़बर दी है कि सरकार और विपक्ष दोनों ही एक दूसरे के ऊपर संघर्ष विराम तोड़ने का आरोप लगा रहे हैं.

रेड क्रीसेंट संयुक्त राष्ट्र के साथ इस संयुक्त अभियान में बाग़ियों के क़ब्ज़े वाले क्षेत्र में फंसे क़रीब 3,000 नागरिकों को भोजन, पानी और दवा वितरित करने की कोशिश कर रहा है.

शुक्रवार को तीन दिन के संघर्ष विराम के पहले दिन 80 से ज़्यादा बच्चों, महिलाओं और बुज़ुर्ग लोगों को शहर से निकाला गया था.

ग्रेग बैरो संयुक्त राष्ट्र के विश्व खाद्य कार्यक्रम से जुड़े हैं.

पत्ते खाकर कर रहे गुज़ारा

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ग्रेग बैरो के अनुसार बाहर निकाले गए 83 लोगों ने उन्हें बेहद डरावनी स्थितियों के बारे में बताया.

पांच महीने से लोगों को खाने के रोटी नहीं मिली है. वो पत्ते और जैतून खाकर गुज़ारा कर रहे हैं.

खाने के लिए मौजूद गेहूं कीड़ों से भरे हैं, लेकिन लोग उसे भी खाने के लिए मजबूर हैं.

लगभग डेढ़ साल से सेना ने होम्स की घेराबंदी की हुई है.

इन लोगों ने बताया कि उन्हें महीनों से रोटी नसीब नहीं हुई है और कई निवासी पत्ते तक खाने के लिए मजबूर हैं.

यहां गोलीबारी आम है

जबसे राष्ट्रपति बशर अल-असद के ख़िलाफ़ विद्रोह भड़का है होम्स लड़ाई का मुख्य मैदान बन गया है.

शहर के पुराने इलाक़े से विद्रोहियों को खदेड़ने के लिए सेना ने सन् 2012 की शुरुआत ही लगातार हमले कर रही है.

यहां लगभग रोज़ाना गोलीबारी होती है.

इस लड़ाई में हज़ारों मारे जा चुके हैं और एक बड़ा इलाक़ा खंडहर में तब्दील हो गया है.

एक सप्ताह पहले जिनेवा में हुई शांति वार्ता में होम्स को लेकर बातचीत हुई थी.

लेकिन मानवीय सहायता के बारे में होम्स के गवर्नर और सीरिया में संयुक्त राष्ट्र रेजिडेंट कोआर्डिनेटर के बीच कोई समझौता नहीं हो पाया.

सोमवार को शांति वार्ता का एक और दौर शुरू होने वाला है जिसमें सरिया सरकार ने शामिल होने की रज़ामंदी दे दी है.

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