इराक़: अपने ही बमों का शिकार हुए आत्मघाती हमलावर

  • 11 फरवरी 2014
इराक़ में कार बम हमले की फ़ाइल फ़ोटो Image copyright Reuters
Image caption पिछले साल इराक़ में सामुदायिक हिंसा में काफ़ी तेज़ी आई (फ़ाइल फ़ोटो)

इराक़ में अधिकारियों ने बताया है कि एक कार बम के ग़लती से फट जाने की वजह से 21 चरमपंथी मारे गए हैं.

सुरक्षा सूत्रों ने बीबीसी को बताया है कि समारा शहर से लगभग 20 किलोमीटर दूर एक सड़क पर दोपहर बाद ये विस्फोट हुआ.

जब ये दुर्घटना हुई उस समय विस्फोटकों से भरी गाड़ी चरमपंथियों के इलाक़े से मुख्य सड़क पर ले जाई जा रही थी.

सलाह अल-दीन प्रांत में समारा मुख्य रूप से सुन्नियों के प्रभाव वाला शहर है और उसके इर्द-गिर्द के इलाक़े चरमपंथियों का गढ़ माने जाते हैं.

सरकार के समर्थक माने जाने वाले सुन्नियों के लड़ाकुओं के एक गुट के प्रमुख ने एएफ़पी समाचार एजेंसी को बताया कि जब विस्फोट हुआ उस समय चरमपंथी भावी आत्मघाती हमलावरों के प्रचार के लिए कोई वीडियो फ़िल्म बना रहे थे.

गिरफ़्तार

इस बीच एक पुलिस अधिकारी ने समाचार एजेंसी एपी को बताया कि धमाके की आवाज़ सुनकर जब सुरक्षा बल वहाँ पहुँचे तो वहाँ से 12 चरमपंथी घायल अवस्था में और 10 अन्य संदिग्ध चरमपंथी भागने की कोशिश करते हुए गिरफ़्तार हुए.

एक अन्य घटनाक्रम में संसद के स्पीकर ओसामा अल-नुजैफ़ी की उत्तरी शहर मूसल में हत्या की कोशिश की गई. वह इराक़ के सबसे वरिष्ठ सुन्नी अरब राजनेता माने जाते हैं.

पुलिस और चिकित्साकर्मियों के अनुसार सड़क किनारे हुए बम विस्फोट में नुजैफ़ी के अंगरक्षकों में से एक घायल हो गया.

पिछले साल से इराक़ में सामुदायिक हिंसा में काफ़ी तेज़ी आई है और वह 2007 के बाद से अब तक के सबसे ऊपरी स्तर पर है.

संयुक्त राष्ट्र का कहना है कि पिछले महीने हुई हिंसा में 618 आम लोग और 115 सुरक्षाकर्मियों की मौत हुई है.

अनबार प्रांत में अल-क़ायदा से जुड़े सुन्नी चरमपंथियों ने फ़लूजा और रमादी शहर के कुछ हिस्सों पर क़ब्ज़ा कर रखा है और उसकी वजह से जारी संघर्ष में मारे गए लोगों का आँकड़ा इसमें नहीं जुड़ा है.

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