ज़हर की तलाश में साँपों का दीवाना वो शख़्स

हंगरी के वैज्ञानिक जोल्टन टेकाक्स इमेज कॉपीरइट Zoltan Takacs

हंगरी के वैज्ञानिक जोल्टन टेकाक्स अपने अनोखे शौक के जरिए लाखों लोगों की जान बचाने के अभियान में जुटे हैं.

दरअसल जोल्टन ज़हरीले साँपों की तलाश में दुनिया भर में यात्राएं करते हैं. वह साँपों के ज़हर का इस्तेमाल नई दवाएं बनाने के लिए कर रहे हैं.

इस नेक काम के लिए वह अभी तक 140 से अधिक देशों की सैर कर चुके हैं. वह अकसर अकेले ही यात्राएं करते हैं और उन्हें सात बार साँप काट चुके हैं. उन्होंने बचपन से ही साँपों को पकड़ना शुरू कर दिया था.

साँपों से प्यार

बीबीसी के कार्यक्रम आउटलुक में एक ख़ास बातचीत के दौरान उन्होंने बताया, "मुझे शुरुआत से ही प्रकृति से काफी लगाव था और जाने कैसे काफी पहले ही ये लगाव साँपों की ओर झुक गया. मैंने सबसे पहले जो साँप पकड़ा वो एक 'ग्रास स्नेक' था. मैंने इसे अपने घर से पकड़ा."

इमेज कॉपीरइट Zoltan Takacs

जोल्टन बताते हैं कि साँपों को लेकर उनकी दिलचस्पी पर उनके घर के लोगों का रुख काफी अच्छा था और परिवार वालों ने उन्हें काफी सहयोग दिया.

पढें: डब्ल्यूटीओ की साँपों से जुड़ी वेबसाइट

सहयोग

जोल्टन के मुताबिक़, "उन्हें लगा कि इसमें मेरी दिलचस्पी है. इससे मुझे खुशी मिलती है और मैं व्यस्त रहता हूं."

उन्होंने बताया, "मैं साँपों को लेकर एकदम दीवाना था. उनकी खूबसूरती और उनके बारे में जानकारी के अभाव ने मेरा ध्यान खींचा."

जोल्टन जब हाईस्कूल में थे, तो उन्होंने साँप पकड़ने के काम को गंभीरता से लेना शुरू कर दिया.

हादसा

इमेज कॉपीरइट Zoltan Takacs

वह बताते हैं, "मैंने घर में एक बड़े अफ्रीकी वाइपर को पाल लिया और मैं स्कूल में था जब उसने बच्चों को जन्म दिया. मेरे पिता वहां सफाई कर रहे थे, तभी एक साँप ने उन्हें काट लिया. भगवान की कृपा से वह बच गए लेकिन इससे पता चलता है कि उन्होंने मेरी पसंद और उसके मुताबिक करियर बनाने के लिए कितना सहयोग किया."

जोल्टन ने एक से बढ़कर एक ज़हरीले साँपों का सामना किया है और कई बार वह मुश्किल में भी पड़े. उन्होंने बताया, "मुझे साँपों ने सात बार काटा और हर बार ग़लती मेरी ही थी."

इमेज कॉपीरइट Zoltan Takacs

सबसे पहली बार उन्हें साँप से तब काटा जब वह हाई स्कूल में थे और काटने वाला साँप उनका अपना पालतू वाइपर ही था. जोल्टन ने बताया, "साँप के काटते ही मैंने तुरंत घर में जाकर फ्रीज में रखी एंटी-वेनम ली और कुछ दिन बाद ही मुझे पता चला कि मुझे एंटी-वेनम से एलर्जी है."

पढें: सूटकेस में 95 साँप

एंटी-वेनम

इस तरह वह एक ऐसे करियर को अपनाने जा रहे थे, जहां साँप के कांटने पर एंटी-वेनम से उन्हें कोई मदद नहीं मिलने वाली थी.

इमेज कॉपीरइट Zoltan Takacs

हाल में उन्हें ब्राज़ील में एक ज़हरीले साँप ने काट लिया और उन्हें इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती होना पड़ा. उनके मुताबिक ये हादसा काफी ख़तरनाक था और उनकी जान भी जा सकती थी.

जोल्टन ने बताया, "आपको बहुत सावधान रहना पड़ता है. मेरे तीन साथियों की साँप के काटने से मौत हो चुकी है."

ज़हर से इलाज

इमेज कॉपीरइट Zoltan Takacs

उन्होंने बताया, "दुनिया भर में हर साल साँप के काटने से एक लाख से अधिक लोगों की मौत होती है. ये आंकड़ा लैंड माइंस से होने वाली मौतों के मुक़ाबले कई गुना है. सही समय पर एंटी वेनम नहीं मिल पाने के चलते ज़्यादातर मौत होती हैं."

उन्होंने बताया कि प्रत्येक एंटी-वेनम में सैकड़ों तरह के ज़हर होते हैं और ये ज़हर साँप के कांटने के इलाज में काफी कारगर हैं.

उन्होंने बताया कि आज दुनिया में चार करोड़ से अधिक लोग ऐसी दवाएं ले रहे हैं जो साँप या किसी दूसरे जानवर के ज़हर पर आधारित हैं.

(बीबीसी हिन्दी के एंड्रॉएड ऐप के लिए यहां क्लिक करें. आप हमें फ़ेसबुक और ट्विटर पर भी फ़ॉलो कर सकते हैं.)

संबंधित समाचार