मुर्गों को लड़वाने पर नौ गिरफ़्तार, न्यूयार्क में छापे

अमरीका में पुलिस ने एक गैंग पर छापा मारा है जो मुर्गे-मुर्गियों को लड़वाने का ग़ैर क़ानूनी काम करता था. इस मामले में नौ लोगों की गिरफ़्तारी हुई है जबकि पचास से अधिक लोगों को पूछताछ के लिए हिरासत में लिया गया है.

न्यूयॉर्क शहर में पुलिस ने क्वींस, ब्रुकलिन और उलस्टर काउंटी इलाकों में मुर्गों को लड़ाने वाले एक सक्रिय गैंग के अड्डों पर छापा मारकर 6000 से अधिक मुर्गों को बरामद किया.

अमरीका के इतिहास में यह मुर्गों को लड़ाने के लिए इस्तेमाल करने वाले गैंग के सबसे बड़े भंडाफोड़ में से एक माना जा रहा है.

अमरीका में मुर्गों को आपस में लड़ाना गैरक़ानूनी है. बल्कि इस तरह किसी जानवर की लड़ाई का तमाशा देखना भी गैरक़ानूनी है.

पिछले चंद दिनों में न्यूयॉर्क शहर के कई इलाकों में स्थित गैरकानूनी अड्डों पर पुलिस और अन्य अधिकारियों ने छापे मारकर मुर्गे बरामद किए और 70 से अधिक लोगों को हिरासत में भी लिया गया है.

इनमें से कुछ लोग तो क्वींस के इलाके में एक घर के तहखाने में मुर्गों की लड़ाई देखने के दौरान डाले गए छापे में ही पकड़े गए. इस जगह से 65 मुर्गों को भी बरामद किया गया जो लड़ाई के लिए वहां रखे गए थे.

ऑपरेशन एंग्री बर्डस नाम के इस पुलिस अभियान में मुर्गा लड़ाने वाले नौ लोगों को गिरफ़्तार भी कर लिया गया है.

मुर्गों की ट्रेनिंग

न्यूयॉर्क के अटर्नी जनरल एरिक श्नाईडरमैन ने छापे के बाद कहा, “मुर्गों की लड़ाई एक बर्बरतापूर्ण और क्रूर खेल है जिसमें जानवरों को प्रताड़ित किया जाता है. इससे आम लोगों की सुरक्षा और स्वास्थ्य को भी ख़तरा हो सकता है. इसके अलावा इस तरह की क्रिया अन्य अपराधों से भी जुड़ी होती है और हम इस खूनी खेल को खत्म करने के लिए कटिबद्ध हैं.”

शहर के ब्रुकलिन इलाके से एक पालतू जानवरों की दुकान पर मारे गए छापे में 50 मुर्गे बरामद किए गए जो लड़ने के लिए तैयार किए गए थे. इन मुर्गों को लड़ाई में सामने वाले मुर्गे को जान से मारने के लिए प्रशिक्षित भी किया जाता है.

ब्रुकलिन के अड्डे से जो मुर्गे बरामद किए गए उनके पर कटे हुए थे और उनको लड़ाई करने का प्रशिक्षण भी दिया गया था. उस अड्डे पर मुर्गों के अलावा कई धारदार लोहे के टुकड़े भी मिले जो मुर्गों को लड़ाई में घातक बनाने के लिए उनके शरीर पर बांधे जाते हैं.

ताक़त के इंजेक्श्न

Image caption अमरीका में जानवरों को लड़वाना गैरक़ानूनी है.

मुर्गों को ताक़तवर बनाने के लिए दिए जाने वाले इंजेक्शन भी वहां से बरामद हुए.

दुकान के मालिक जेरेमिएस निएवेस को गिरफ़्तार कर जानवरों को लड़ाने का आरोप लगाया गया है.

अदालती दस्तावेज़ के मुताबिक जेरेमिएस निएवेस ने गिरफ़्तारी के समय पुलिस से कहा, “मैं यह जानता हूं कि मेरे तहखाने में मुर्गे हैं. हां वह मेरे मुर्गे हैं. मैं तो बस उन्हें बेचता हूं. मैं उन्हें लड़ाता नहीं हूं. मुझे पता है कि न्यूयॉर्क शहर में मुर्गे लड़ाना गैरकानूनी है. आप इन्हें नहीं ले जा सकते.”

इन मुर्गों की लड़ाई में सट्टेबाज़ी भी होती है जिसमें कभी-कभी एक-एक जानवर की हार-जीत पर 10 हज़ार डॉलर तक की शर्त लग जाती है.

पुलिस का कहना था कि तमाशबीनों से मुर्गों की लड़ाई देखने के लिए फ़ीस भी ली जाती थी और रात भर जारी रहने वाली मुर्गों की लड़ाई के दौरान शराब की गैरकानूनी बिक्री का भी पूरा प्रबंध रहता था.

लड़ाई के दौरान मुर्गों को गंभीर चोटें आती हैं जिसके बाद बहुत से तो मर ही जाते हैं.

सुरक्षा व्यवस्था

इन लड़ाइयों को देखने आने वालों की सुरक्षा तलाशी के लिए गार्ड्स भी मौजूद रहते थे.

उल्सटर काउंटी इलाके में 90 एकड़ के एक फ़ार्म पर छापे के दौरान सैकड़ों दर्बों में बंद मुर्गे बरामद किए गए. पिछले कई सालों से इसी फ़ार्म से मुर्गे लड़ाई के लिए तैयार करके क्वींस भेजे जाते थे जहां इनकी ज़िंदगियों पर जुआ खेला जाता था.

अमरीका में जानवरों की प्रताड़ना को रोकने के लिए काम करने वाली संस्था अमरीकन सोसाइटी फ़ॉर प्रिवेंशन ऑफ़ क्रूएलटी टू एनिमल्स या एएसपीसीए ने भी पुलिस और अन्य सुरक्षा एजेंसियों के साथ छापों में भाग लिया.

संस्था के कार्यकर्ताओं ने मुर्गों को सुरक्षित तरीके से हटा कर एक गुप्त स्थान पर उपचार के लिए रखा है.

Image caption हार-जीत पर 10-10 हज़ार डॉलर तक का सट्टा लग जाता है.

एएसपीसीए संस्था के अध्यक्ष मैट बरशैडकर कहते हैं, “मैंने जो मंज़र देखा वह आमतौर पर ऐसी जानवरों की लड़ाई के दौरान देखने में आता है. अंधकारमय बदबूदार तहख़ाने के बीच में एक चौकोर सा डिब्बा बना दिया जाता है जिसके साथ बने डब्बे दीवारों से लगे होते हैं जिनमें दर्जनों मुर्गे बंद होते हैं. हाल में शराब, पैसा और ड्रग्स बिखरे होते हैं. यह ख़ूनी खेल इसी माहौल में जारी रहता है.”

लेकिन अमरीका में यह इस प्रकार जानवरों को लड़वाने का खूनी खेल गैरक़ानूनी होने के बावजूद एक उद्योग बना हुआ है और चोरी-छिपे देश भर में विभिन्न प्रकार के जानवरों को लड़ाकर जुआ खेलने और सट्टा लगाने का कारोबार चलता रहता है.

अब तक कई ऐसे गिरोहों का भंडाफोड़ भी किया जा चुका है और सरकार की ओर से लोगों से अपील भी की जाती है कि अगर वो किसी जानवर के साथ किसी प्रकार की क्रूरता होते हुए देखें तो पुलिस को सूचित करें.

अब इस ताज़े मामले में कुल नौ लोगों को अदालत में पेश किया जा चुका है. सभी ने आरोपों से इनकार किया है.

अगर आरोप साबित हो जाते हैं तो इन लोगों को चार साल की क़ैद और 25 हज़ार डॉलर तक का जुर्माना भरना पड़ सकता है.

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