रोहिंग्या मुसलमानों को थाईलैंड ने वापस बर्मा भेजा

  • 14 फरवरी 2014
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थाईलैंड में अधिकारियों ने बताया है कि करीब तेरह सौ रोहिंग्या शरणार्थियों को पिछले साल वहां से बर्मा भेजा गया है.

इन शरणार्थियों को पिछले साल ही थाई जेलों से पकड़कर वापस उनके देश भेज दिया गया था लेकिन ये घटना अब सामने आई है.

मानवाधिकार संगठनों ने इस कदम की ये कहते हुए आलोचना की है कि बर्मा में रोहिंग्या मुसलमानों का उत्पीड़न हो रहा है.

हाल के कुछ वर्षों में बर्मा में जारी हमलों की वजह से हजारों की संख्या में रोहिंग्या मुसलमानों को देश छोड़कर भागना पड़ा है.

रोहिंग्या लोगों के खिलाफ सबसे ज़्यादा हिंसा रखाइन प्रांत में हुई है जहां मुसलमानों और बौद्धों के बीच बड़ी संख्या में झड़पें हुई हैं.

लाखों शरणार्थी

मानवाधिकार संगठनों का कहना है कि लाखों की संख्या में रोहिंग्या मुसलमान पलायन कर चुके हैं जबकि बहुत से लोग अभी भी वहां शिविरों में रह रहे हैं.

रोहिंग्या मुसलमानों की बर्मा में अजीबोगरीब स्थिति है. उन्हें न तो बर्मा अपना रहा है न ही पड़ोसी देश बांग्लादेश. बांग्लादेश में हजारों की संख्या में रोहिंग्या शरणार्थी रह रहे हैं और उसका कहना है कि वो अब और लोगों को शरण नहीं दे सकता.

थाईलैंड के पुलिस अधिकारी फार्मू केड्रालफोन का कहना था, "इन लोगों को स्वेच्छा से भेजा गया है. इनका कहना था कि थाईलैंड में इन्हें अपना कोई भविष्य दिखाई नहीं दे रहा है, इसलिए हमें बर्मा भेज दिया जाए."

लेकिन थाईलैंड के इस कदम की काफी आलोचना हो रही है. ह्यूमन राइट्स वॉच के एक कार्यकर्ता सुनाई फासुक का कहना था, "ये अंतरराष्ट्रीय कानून का उल्लंघन है जिसमें शरणार्थियों को वापस भेजना निषिद्ध है."

सहायता एजेंसियों का कहना है कि जिन लोगों को बर्मा वापस भेजा गया है उनमें से ज्यादातर को मलेशिया की ओर से बेहद खतरनाक रास्ते से भेजा गया है. इन्हें नावों में बैठाकर समुद्री रास्ते से ले जाया गया है.

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