चीनी बच्चे गणित में तेज़ क्यों, पता लगाएगा ब्रिटेन

  • 18 फरवरी 2014
एलिज़ाबेथ ट्रस इमेज कॉपीरइट
Image caption एलिज़ाबेथ ट्रस शंघाई जाने वाले दल का नेतृत्व करेंगी.

ब्रिटेन की शिक्षा मंत्री एलिज़ाबेथ ट्रस चीन के शंघाई जाने वाले एक फ़ैक्ट-फ़ाइंडिंग दल का नेतृत्व करेंगी. यह दल इस बात की जाँच करेगा कि चीन के बच्चों के गणित में पूरी दुनिया में बेहतर प्रदर्शन की क्या वजह है.

ट्रस के नेतृत्व वाला प्रतिनिधिमंडल अगले हफ़्ते शंघाई के स्कूलों और टीचर ट्रेनिंग सेंटरों का दौरा करेगा.

यह दल वहाँ लागू किए जा रहे तरीक़ों का अध्ययन करेगा. दल को अगर ये तरीक़े पसंद आए तो उन्हें इंग्लैंड के स्कूलों में लागू किया जाएगा.

पिछले साल ब्रिटेन के गणित और विज्ञान शिक्षा को वर्ल्ड इकोनॉमिक फ़ोरम ने विश्व के कुल 148 देशों में 50वें स्थान पर रखा गया था.

शंघाई के 15 वर्षीय किशोरों को साल 2012 में हुए इंटरनेशनल पीसा टेबल्स में सबसे अव्वल माना गया था. जबकि इंग्लैंड के छात्र 26वें स्थान पर रहे थे.

एशियाई बच्चे आगे

इस प्रतियोगिता में पहले पाँच स्थान पर दक्षिण-पूर्वी एशिया के बच्चे रहे थे. शंघाई के छात्रों को इंग्लैंड के छात्रों से शिक्षा के मामले में तीन साल आगे पाया गया.

ब्रिटेन सरकार ने माना है कि गणित में इंग्लैंड के बच्चों का गणित में प्रदर्शन एक स्तर पर बना हुआ है जबकि जर्मनी और पोलैंड जैसे यूरोपीय देशों के बच्चों का प्रदर्शन बेहतर हुआ है.

इमेज कॉपीरइट

ऑर्गेनाइज़ेशन फ़ॉर इकोनॉमिक को-ऑपरेशन एंड डेवलपमेंट (ओईसीडी) की प्रकाशित होने वाली एक रिपोर्ट के अनुसार शंघाई और सिंगापुर के मज़दूरों के बच्चों का गणित में प्रदर्शन ब्रिटेन में उच्च-वेतन पाने वाले पेशेवरों के बच्चों से अच्छा रहा.

शंघाई जाने वाले दल में इंसपरेशन ट्रस ऑफ़ अकैडमिक के प्रमुख, एक प्राइमरी स्कूल के प्रधानाध्यापक और नेशनल सेंटर फ़ॉर एक्सीलेंस इन दी टीचिंग ऑफ़ मैथेमैटिक्स के निदेशक शामिल होंगे.

अर्थव्यवस्था पर असर

ट्रस ने कहा कि शंघाई के बच्चे अपने समकक्ष ब्रितानी बच्चों से "काफ़ी आगे" हैं.

उन्हें यक़ीन है कि चीन के स्कूलों में "पढ़ाई का तरीक़ा और सकारात्मक दर्शन" इस अंतर के लिए ज़िम्मेदार है.

उन्होंने कहा, "यह यात्रा चीन के स्कूलों में पढ़ाई के तौर-तरीक़ों का अनुभव लेने का अच्छा मौक़ा है जिसकी वजह से वहाँ के बच्चे गणित में इतना अच्छा प्रदर्शन कर सके."

उन्होंने कहा कि गणित में ख़राब प्रदर्शन से ब्रिटेन में कुशल पेशेवरों की संख्या की उपलब्धता पर असर पड़ेगा और इससे अर्थव्यवस्था कमज़ोर होगी.

ट्रस ने कहा, "सच यह है कि जब तक हम अपना दर्शन नहीं बदलते और गणित में अपना प्रदर्शन बेहतर नहीं करेंगे तब तक हम अर्थव्यवस्था में गिरावट से जूझते रहेंगे."

(बीबीसी हिन्दी के एंड्रॉएड ऐप के लिए यहां क्लिक करें. आप हमें फ़ेसबुक और ट्विटर पर भी फ़ॉलो कर सकते हैं.)

संबंधित समाचार