थाईलैंडः पुलिस-प्रदर्शनकारियों में झड़प, 4 की मौत

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थाईलैंड की राजधानी बैंकॉक में सरकारी इमारतों को घेरने वाले प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच गंभीर टकराव से उपजी हिंसा में चार लोगों की मौत हो गई है और दर्जनों लोग घायल हो गए हैं.

पुलिस प्रदर्शनकारियों को उन सरकारी जगहों से हटा रही थी जहां वह पिछले साल भर से जमे हुए हैं.

उधर थाईलैंड की भ्रष्टाचार निरोधक इकाई का कहना है कि वह विवादित धान आर्थिक सहायता योजना में प्रधानमंत्री यिंगलक चिनावाट के ख़िलाफ़ मामला दायर करेगी.

थाईलैंड में पिछले साल के नवंबर महीने से सरकार विरोधी प्रदर्शन जारी हैं.

प्रदर्शनकारियों ने पिछले कुछ महीने में सरकार की हटने की मांग करते हुए सरकारी जगहों पर कब्ज़ा कर लिया है. पिछले हफ़्ते सरकार ने कब्ज़ा की गई सरकारी इमारतों को खाली करवाने का ऐलान किया है.

ऊर्जा विभाग खाली करवाया

प्रधानमंत्री कार्यालय और गवर्नमेंट हाउस पिछले कुछ वक्त से विरोध प्रदर्शन का केंद्र बने हुए हैं. सोमवार को प्रदर्शनकारियों ने सरकारी कर्मचारियों को काम पर आने से रोकने के लिए सरकारी कार्यालयों के बाहर पत्थर लगाकर उनमें सीमेंट भर दिया था.

मंगलवार की सुबह पुलिस ने उन प्रदर्शनकारियों से बात करने की कोशिश की जो पिछले कई दिनों से बड़ी संख्या में विरोध स्थलों पर कब्ज़ा बनाए रखने के लिए एकत्र हो रहे हैं.

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Image caption सेंट्रल बैंगकॉक में पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच हो रही तीखी झड़पों में कई प्रदर्शनकारी और पुलिस अधिकारी घायल हुए हैं.

इसके बाद मध्य बैंकॉक में लोकतंत्र स्मारक के बाहर हिंसा भड़क उठी. इरावान आपातकालीन स्वास्थ्य सेवा के अनुसार चार लोगों की गोली मारकर हत्या कर दी गई जिनमें से एक पुलिस अधिकारी भी है.

यह भी ख़बर है कि पुलिसकर्मी ग्रेनेड हमलों और बम विस्फ़ोट के टुकड़ों से घायल हो गए हैं जबकि पुलिस ने प्रदर्शनकारियों पर गोलियां चलाईं.

इरावान केंद्र के अनुसार झड़पों में 60 लोग घायल हुए हैं लेकिन उसने यह नहीं बताया कि इनमें कितने पुलिसकर्मी और प्रदर्शनकारी हैं.

उधर, 100 प्रदर्शनकारियों को गिरफ़्तार कर पुलिस ने ऊर्जा विभाग पर कब्ज़ा कर लिया है.

अब तक, पुलिस प्रदर्शनकारियों के ख़िलाफ़ बलप्रयोग करने से बचती रही है. तनाव से बचने के लिए पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को सरकारी इमारतों में घुसने दिया था.

महाभियोग!

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उधर मंगलवार को थाईलैंड के भ्रष्टाचार-विरोधी आयोग ने कहा कि वह प्रधानमंत्री यिंगलक के खिलाफ़ सराकरी की धान आर्थिक सहायता योजना के कुप्रबंधन का मामला दर्ज करेगा.

राष्ट्रीय भ्रष्टाचार-निरोधक आयोग ने एक बयान में कहा कि इस चेतावनी के बावजूद कि योजना में भ्रष्टाचार और नुकसान की आशंका है, यिंगलक ने योजना को आगे बढ़ाया.

इस योजना में दो साल तक किसानों की फ़सलें वैश्विक मूल्य से 50% ज़्यादा दामों पर ख़रीदी गईं.

आयोग के अनुसार प्रधानमंत्री को 27 फ़रवरी को आरोपों की सुनवाई के लिए पेश होने को कहा गया है. कहा जा रहा है कि संभवतः उन पर महाभियोग लगाया जा सकता है और आधिकारिक कर्तव्यों से मुक्त किया जा सकता है.

सरकार के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे लोग चाहते हैं कि प्रधानमंत्री यिंगलक चिनावाट अपना पद छोड़ें. उनका आरोप है कि प्रधानमंत्री यिंगलक चिनावाट उनका आरोप है कि यिंगलक सरकार को उनके भाई और अपदस्थ नेता थाकसिन चिनावाटा नियंत्रित कर रहे हैं. अब वे स्वत: निर्वासन में विदेश में रह रहे हैं.

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साल 2006 में सैन्य तख्तापलट में थाईलैंड के प्रमुख नेता ताकसिन चिनावाट को हटा दिया गया था.

प्रदर्शनकारी चाहते हैं कि वर्तमान सरकार को हटाकर एक बिना चुनी हुई 'जन परिषद' की सरकार बनाई जाए.

मंगलवार को विरोध प्रदर्शनों की अगुआई कर रहे विपक्ष के नेता सुथेप थॉगसुबान ने पुलिस को संबोधित करते हुए कहा, "हमें सत्ता नहीं चाहिए. हम जिन सुधारों की मांग कर रहे हैं उससे आपके बच्चे और पोतों को भी फायदा पहुंचेगा. हम सबका केवल एक ही दुश्मन है, ताकसिन शासन."

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